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Budaun News: रोडवेज को रोजाना लाखों की चपत लगा रहे डग्गामार वाहन

Sat, 03 May 2025 01:16 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 03 May 2025 01:16 AM IST
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Illegal vehicles are causing loss of lakhs of rupees to roadways daily
बदायूं-बरेली रोड पर सवारियां भरते डग्गामार वाहन। संवाद - फोटो : samvad
बदायूं। डग्गामार वाहन रोडवेज बसों को रोजाना लाखों का चूना लगा रहे हैं। शहर के सभी मार्गो पर डग्गामार वाहनों का कब्जा है। डग्गामार वाहन रोडवेज डिपो के समानांतर व्यवस्था चला रहे हैं। बरेली-बदायूं मार्ग पर ही 50 से अधिक डग्गामार वाहन चल रहे हैं।
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बरेली-बदायूं रूट पर सीएनजी कार और बस मिलाकर 50 से अधिक डग्गामार वाहन चल रहे हैं। रोडवेज गेट से लेकर हाईवे के प्रमुख चौराहों तक यह खुलेआम यात्रियों को बैठा रहे हैं। इन वाहनों को यात्री लेकर चलने का परमिट नहीं है। दिनभर में यह वाहन बदायूं से बरेली तक कम से कम दो फेरे लगा रहे हैं। औसतन दो हजार से अधिक यात्री इस रूट पर हर रोज आते-जाते हैं। बरेली तक प्रति यात्री सौ रुपये किराया है। दोनों तरफ का किराया जोड़ लिया जाए तो केवल इसी रूट पर प्रतिदिन औसतन 60 हजार रुपये का झटका परिवहन निगम को लग रहा है। डग्गामार वाहनों पर कार्रवाई भी यदाकदा होती है। परिवहन विभाग से गहरी पैठ बनाकर माफिया खुलेआम डग्गामार गाड़ियों का संचालन करा रहे हैं।
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इन रूटों पर भी डग्गामार वाहन
एमएफ हाईवे पर बिसौली कस्बे तक डग्गामार वाहनों की भरमार है। छोटे वैन से लेकर लग्जरी बस तक बिना परमिट के चल रहे हैं। रोडवेज गेट के सामने से ही इन वाहनों में सुबह से देर रात तक यात्री बैठाए जाते हैं। इसके अलावा बिल्सी, दातागंज, कुवरगांव, उझानी, कादरचौक आदि रोड पर भी डग्गामार वाहन चलते हैं। इन्हें यातायात पुलिस या परिवहन विभाग की प्रवर्तन टीम भी नहीं रोक पा रही है।
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रोडवेज में चल रही पुरानी बसें
रोडवेज डिपो में नई बसों की संख्या इस साल बढ़ी जरूर है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। वर्तमान में 138 बसें निगम और 42 अनुबंधित हैं। इनमें 30 बसें नई भी शामिल हैं। नई बसें अधिकांश दिल्ली रूट पर जा रही है। पुरानी बसों को लोकल रूट पर चलाया जा रहा है। पुरानी बसों में 60 फीसदी बसें क्षमता से अधिक चल चुकी हैं या 15 वर्ष की आयु पूरी कर चुकी हैं। इसलिए डग्गामार वाहनों की अपेक्षा यह बसें पीछे छूट जा रही हैं। यात्री समय की बचत और अच्छी सुविधा के चलते प्राइवेट लग्जरी वाहन एवं निजी बसों से यात्रा करना पसंद कर रहे हैं।

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कोट,

प्रवर्तन टीम लगातार सक्रिय है। डग्गामार वाहनों को लेकर लोकल रूट और हाईवे पर चेकिंग की जाती है। इसी माह एक दर्जन भर डग्गामार वाहन पकड़े गए हैं। आज भी दो कार बंद कराई हैं। अगर ऐसा है तो संयुक्त टीम बड़े स्तर पर कार्रवाई करेगी।
- अमरीश कुमार, एआरटीओ प्रवर्तन
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