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Budaun News: बाइपास बने तो बिसौली में खत्म हो जाम का झाम
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बिसौली में लगे जाम में फंसे वाहन। संवाद
मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे से बदायूं में जुड़ते हैं मथुरा, पुवायां और हाईवे
संवाद न्यूज एजेंसी
बिसौली। जिले में केवल शहर ही नहीं बिसौली कस्बा भी जाम से जूझ रहा है। इससे निजात पाने के लिए व्यापारी कई बार यहां बाईपास बनवाने के लिए शासन तक प्रस्ताव भिजवा चुके हैं लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक संकेत नहीं मिला है। हालांकि स्थानीय अफसर भी बाईपास की पैरवी कर रहे हैं।
मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे बिसौली के बीचों-बीच से कुचल रहा है। इसके अलावा बदायूं या मुरादाबाद जाने का कोई दूसरा मार्ग नहीं है। इस हाईवे किनारे फुटपाथ पर तमाम दुकानें और ठेले खोंमचे वाले अपना रोजगार चला रहे हैं। कस्बे में हाईवे के दोनों तरफ अतिक्रमण है। लोगों की दुकानों का सामान तक फुटपाथ पर लगा है। इससे हाईवे की चौड़ाई तक घट गई है, जिससे यहां रोजाना भीषण जाम लगता है। सुबह 10 बजे से ही कस्बे में वाहनों की लाइन लगना शुरू हो जाती है। फिर शाम तक यह हालत रहती है कि वाहनों को निकलना तक मुश्किल हो जाता है। यहां वाहन तो दूर लोगों को पैदल निकलना तक दूभर हो जाता है।
कस्बे में आसफपुर, दबतोरी और इस्लामनगर मोड़ पर यातायात संभालना बड़ा मुश्किल है। यहां जाम से जूझना कोई एक दिन की बात नहीं है। यहां रोजाना कस्बा जाम से जूझता है। इसके बावजूद जाम से निपटने के कोई ठोस इंतजाम नहीं किए जा रहे। न तो बाईपास का निर्माण कराया जा रहा है और न ही कस्बे का अतिक्रमण हटवाया जा रहा है। कस्बे में यह जाम की बहुत बड़ी समस्या बन गई है।
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कई बार बाईपास की मांग कर चुके हैं व्यापार मंडल के पदाधिकारी
- कस्बे में व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष कृष्ण अवतार, धर्मेंद्र वाष्र्णेय, पुलकित गुप्ता, कुंवरपाल मौर्य, प्रियांश गुप्ता,घनश्याम दास गुप्ता, नरेंद्र दिवाकर समेत तमाम व्यापारी कई बार बाईपास का निर्माण कराने की मांग कर चुके हैं। बताते हैं कि पिछले दिनों बाईपास का निर्माण कराने का प्रस्ताव बनाकर भी शासन को भेजा गया था लेकिन इसको मंजूरी नहीं मिली। यहां जब तक बाईपास का निर्माण नहीं होगा। तब तक यातायात व्यवस्था नहीं सुधरेगी।
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छह होमगार्डों के सहारे है पूरी यातायात व्यवस्था
- कस्बे की पूरी यातायात व्यवस्था केवल छह होमगार्डों के सहारे है। इनमें आसफपुर रोड पर दो होमगार्ड, दबतोरी रोड पर दो होमगार्ड और आंवला चौराहे पर दो होमगार्ड लगा दिए जाते हैं जबकि इस हाईवे से हजारों वाहन, हजारों छात्र-छात्राएं निकलकर जाते हैं। पूरी यातायात व्यवस्था का भार इसी हाईवे पर है। इसके बावजूद कोई इंतजाम नहीं है।
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कस्बे में जाम की समस्या तो बनी रहती है लेकिन कस्बे में कितने गार्ड या पुलिस कर्मी तैनात किए गए हैं। इसकी जानकारी नहीं है। जाम क्यों लग रहा है। इस पर मंथन करते हैं और इससे निपटने का इंतजाम करते हैं।- सुनील कुमार, सीओ बिसौली
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कस्बे में बाईपास का निर्माण हो जाए तो सबसे अच्छा रहेगा। हमने कई बार यहां अतिक्रमण भी हटवाया है। एक बार फिर से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाएगा और बाईपास के लिए एक बार फिर से प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा।- कल्पना जायसवाल, एसडीएम बिसौली
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संवाद न्यूज एजेंसी
बिसौली। जिले में केवल शहर ही नहीं बिसौली कस्बा भी जाम से जूझ रहा है। इससे निजात पाने के लिए व्यापारी कई बार यहां बाईपास बनवाने के लिए शासन तक प्रस्ताव भिजवा चुके हैं लेकिन अभी तक कोई सकारात्मक संकेत नहीं मिला है। हालांकि स्थानीय अफसर भी बाईपास की पैरवी कर रहे हैं।
मुरादाबाद-फर्रुखाबाद हाईवे बिसौली के बीचों-बीच से कुचल रहा है। इसके अलावा बदायूं या मुरादाबाद जाने का कोई दूसरा मार्ग नहीं है। इस हाईवे किनारे फुटपाथ पर तमाम दुकानें और ठेले खोंमचे वाले अपना रोजगार चला रहे हैं। कस्बे में हाईवे के दोनों तरफ अतिक्रमण है। लोगों की दुकानों का सामान तक फुटपाथ पर लगा है। इससे हाईवे की चौड़ाई तक घट गई है, जिससे यहां रोजाना भीषण जाम लगता है। सुबह 10 बजे से ही कस्बे में वाहनों की लाइन लगना शुरू हो जाती है। फिर शाम तक यह हालत रहती है कि वाहनों को निकलना तक मुश्किल हो जाता है। यहां वाहन तो दूर लोगों को पैदल निकलना तक दूभर हो जाता है।
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कस्बे में आसफपुर, दबतोरी और इस्लामनगर मोड़ पर यातायात संभालना बड़ा मुश्किल है। यहां जाम से जूझना कोई एक दिन की बात नहीं है। यहां रोजाना कस्बा जाम से जूझता है। इसके बावजूद जाम से निपटने के कोई ठोस इंतजाम नहीं किए जा रहे। न तो बाईपास का निर्माण कराया जा रहा है और न ही कस्बे का अतिक्रमण हटवाया जा रहा है। कस्बे में यह जाम की बहुत बड़ी समस्या बन गई है।
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कई बार बाईपास की मांग कर चुके हैं व्यापार मंडल के पदाधिकारी
- कस्बे में व्यापार मंडल के नगर अध्यक्ष कृष्ण अवतार, धर्मेंद्र वाष्र्णेय, पुलकित गुप्ता, कुंवरपाल मौर्य, प्रियांश गुप्ता,घनश्याम दास गुप्ता, नरेंद्र दिवाकर समेत तमाम व्यापारी कई बार बाईपास का निर्माण कराने की मांग कर चुके हैं। बताते हैं कि पिछले दिनों बाईपास का निर्माण कराने का प्रस्ताव बनाकर भी शासन को भेजा गया था लेकिन इसको मंजूरी नहीं मिली। यहां जब तक बाईपास का निर्माण नहीं होगा। तब तक यातायात व्यवस्था नहीं सुधरेगी।
छह होमगार्डों के सहारे है पूरी यातायात व्यवस्था
- कस्बे की पूरी यातायात व्यवस्था केवल छह होमगार्डों के सहारे है। इनमें आसफपुर रोड पर दो होमगार्ड, दबतोरी रोड पर दो होमगार्ड और आंवला चौराहे पर दो होमगार्ड लगा दिए जाते हैं जबकि इस हाईवे से हजारों वाहन, हजारों छात्र-छात्राएं निकलकर जाते हैं। पूरी यातायात व्यवस्था का भार इसी हाईवे पर है। इसके बावजूद कोई इंतजाम नहीं है।
कस्बे में जाम की समस्या तो बनी रहती है लेकिन कस्बे में कितने गार्ड या पुलिस कर्मी तैनात किए गए हैं। इसकी जानकारी नहीं है। जाम क्यों लग रहा है। इस पर मंथन करते हैं और इससे निपटने का इंतजाम करते हैं।- सुनील कुमार, सीओ बिसौली
कस्बे में बाईपास का निर्माण हो जाए तो सबसे अच्छा रहेगा। हमने कई बार यहां अतिक्रमण भी हटवाया है। एक बार फिर से अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया जाएगा और बाईपास के लिए एक बार फिर से प्रस्ताव बनाकर भेजा जाएगा।- कल्पना जायसवाल, एसडीएम बिसौली