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हरिद्वार से कम होने पर घटेगा गंगा में पानी
बदायूं
Updated Sun, 26 Jul 2015 12:09 AM IST
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गंगा का जलस्तर अभी कम नहीं होने वाला है। इसी वजह है कि ऊपरी सर्वोच्च डैम से पानी छोड़ा जाना जारी है। इसकी मात्रा में कमी आने की जगह बढ़ोत्तरी हो रही है। हरिद्वार डैम से शुक्रवार को जहां 59,175 क्यूसेक पानी छोड़ा गया था, वहीं शनिवार को 83,704 क्यूसेक पानी छोड़ दिया गया है। इसके सोमवार को पहुंचने के आसार हैं। इसलिए कम से कम सोमवार तक तो गंगा में पानी कम होने के कोई आसार नहीं हैं।
कछला तक हरिद्वार का जल आने तक दो डैम और पार करने होते हैं। गंगा में हालांकि अभी इतना जल नहीं है जो आसपास के गांव वालों को डरा सके लेकिन डूब क्षेत्रों तक इसकी पहुंच हो गई है। गंगा महावा बांध और गंगा के बीच डूब क्षेत्र में सर्वाधिक कठिनाइयां पैदा होती हैं। इस क्षेत्र में कटान के कारण खेती और त्यागे गए भवनों के गिरने का सिलसिला चलता रहा। डूब क्षेत्र के जिन गांवों को खाली कराया गया था गांव वाले उन गांवों में हर बार लौट जाते हैं। इससे प्रशासन को भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
हरिद्वार से छोड़ा गया पानी सोमवार को यहां पहुंचेगा तो कटान और डूब की समस्याएं फिर पैदा हो सकती हैं। बाढ़ खंड विभाग को इस क्षेत्र में विशेष निगरानी पर लगाया गया है। बिजनौर और नरौरा में पानी कम हुआ तो हरिद्वार से फिर अधिक पानी छोड़ दिया गया। इससे कछला का जलस्तर तेजी से ऊपर-नीचे होने के कारण कटान की समस्याएं बढ़ रही हैं। इधर, राम गंगा में पानी अभी कोई विस्तार नहीं पा रहा है।
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गंगा का जलस्तर मीटर गेज पर
162.85
रामगंगा का जलस्तर मीटर गेज पर
159.57
गंगा में डैम से छोड़े गए पानी की स्थिति
हरिद्वार- 83704 क्यूसेक
बिजनौर- 59104 क्यूसेक
नरौरा- 59532 क्यूसेक
कछला तक हरिद्वार का जल आने तक दो डैम और पार करने होते हैं। गंगा में हालांकि अभी इतना जल नहीं है जो आसपास के गांव वालों को डरा सके लेकिन डूब क्षेत्रों तक इसकी पहुंच हो गई है। गंगा महावा बांध और गंगा के बीच डूब क्षेत्र में सर्वाधिक कठिनाइयां पैदा होती हैं। इस क्षेत्र में कटान के कारण खेती और त्यागे गए भवनों के गिरने का सिलसिला चलता रहा। डूब क्षेत्र के जिन गांवों को खाली कराया गया था गांव वाले उन गांवों में हर बार लौट जाते हैं। इससे प्रशासन को भी काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
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हरिद्वार से छोड़ा गया पानी सोमवार को यहां पहुंचेगा तो कटान और डूब की समस्याएं फिर पैदा हो सकती हैं। बाढ़ खंड विभाग को इस क्षेत्र में विशेष निगरानी पर लगाया गया है। बिजनौर और नरौरा में पानी कम हुआ तो हरिद्वार से फिर अधिक पानी छोड़ दिया गया। इससे कछला का जलस्तर तेजी से ऊपर-नीचे होने के कारण कटान की समस्याएं बढ़ रही हैं। इधर, राम गंगा में पानी अभी कोई विस्तार नहीं पा रहा है।
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162.85
रामगंगा का जलस्तर मीटर गेज पर
159.57
गंगा में डैम से छोड़े गए पानी की स्थिति
हरिद्वार- 83704 क्यूसेक
बिजनौर- 59104 क्यूसेक
नरौरा- 59532 क्यूसेक