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बरेली-मथुरा हाईवे : मलगांव, बिनावर और विजय नगला में फिर ढहेंगे निर्माण
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बरेली- मथुरा रोड पर स्थित विनावर कस्बे से गुजरता मार्ग। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। बरेली-मथुरा हाईवे को चार से छह लेन किए जाने की प्रक्रिया शुरू होने के साथ बदायूं जिले की सीमा में आने वाले मलगांव, बिनावर और विजय नगला जैसे बड़े गांवों के लोगों की धड़कनें बढ़ गई हैं। इससे पहले 2014 में हाईवे को फोर लेन किया गया था। उस समय भी इन बड़े गांवों में हाईवे किनारे के निर्माणों को ढहाया गया था। अब हाईवे के दोनों ओर एक-एक और लेन बनाई जानी है, जिसके बाद फिर से दोनों ओर के निर्माणों को ढहाया जाएगा।
बरेली-मथुरा स्टेट हाईवे 2019 में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के अधीन जा चुका है। एनएचएआई हाईवे पर काम भी करा रहा है। बदायूं से मथुरा के बीच काम पहले से चल रहा है। मेरठ से प्रयागराज तक जाने वाले 594 किमी के गंगा एक्सप्रेस-वे को स्वीकृति मिलने के बाद से ही बरेली-मथुरा हाईवे को गंगा एक्सप्रेस-वे से बेहतर कनेक्टविटी की मांग उठ रही थी। दरअसल, गंगा एक्सप्रेस-वे बदायूं की चार तहसीलों के 85 गांवों से होकर गुजरेगा। जिले में करीब 95 किमी दूरी तय करने वाला एक्सप्रेस-वे बदायूं में बिनावर के पास बरेली-मथुरा हाईवे को लिंक करेगा। एक्सप्रेस-वे बरेली को नहीं जोड़ रहा था, जबकि बरेली कई मायने में काफी अहमियत रखता है। ऐसे में बरेली-मथुरा नेशनल हाईवे को छह लेन किया जाना है। इसके लिए सर्वे समेत अन्य काम शुरू होने के साथ ही हाईवे किनारे बसे बड़े गांव बिनावर, विजय नगला और मलगांव के लोगों की धड़कनें बढ़ गई हैं।
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2014-15 में बड़े स्तर पर ढहाए गए थे हाईवे किनारे निर्माण
बरेली-मथुरा हाईवे पर करीब 48 किमी हाईवे को 2014-15 में फोर लेन किया गया था। उस दौरान बिनावर, विजयनगला और मलगांव में बड़े स्तर पर हाईवे के दोनों ओर निर्माण ढहाए गए थे। इन गांवों में कई लोग तो ऐसे थे जिनके पूरे आशियाने ही उजड़ गए। तमाम लोगों की दुकानें ढहाई जाने के कारण उनसे रोजी-रोटी छिन गई। लोगों को लगा था कि फोरलेन के बाद अब हाईवे का विस्तार नहीं होगा, जिसके बाद उन्होंने अपने मरम्मत कराकर अपने घर-दुकानें सही करा ली थीं, लेकिन सात से आठ वर्ष में ही हाईवे को छह लेन करने की मंजूरी मिलने के साथ काम भी शुरू हो गया है। ऐसे में लोग परेशान हैं।
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कभी अपनी थीं, अब किराये की दुकानों में आ गए तमाम लोग
बिनावर। बरेली-बदायूं हाईवे चौड़ीकरण के दौरान जब कस्बे में बनी हुई बिल्डिंगों की तोड़फोड़ की गई तो कई लोगों की दुकानें आधी से ज्यादा टूट र्गइं। ऐसे में जिन लोगों की ये दुकानें थीं, उन्हें किराये की दुकानें लेकर अपना व्यापार चलाना पड़ा। कई घर आधे रह गए। इस बार भी यदि हाईवे का चौड़ीकरण हुआ तो सौ से ज्यादा मकानों और दुकानों में तोड़फोड़ होगी, जिससे कई लोग बेघर तक हो जाएंगे। श्यामलाल, सियाराम, धर्मेंद्र, कप्तान सिंह, हाकिम सिंह, सरवन सिंह, लखन चौहान, सुरेश चंद्र आदि का कहना है कि चौड़ीकरण में तोड़फोड़ होने पर उनके पास जरा भी जगह नहीं बचेगी।
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बरेली-मथुरा हाईवे को चार से छह लेन किया जाना है। हाईवे को विस्तार देने के लिए भूमि अधिग्रहण के साथ अगर दोनों ओर कोई निर्माण हैं तो उनको भी ध्वस्त किया जाएगा। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से सूचनाएं मिलने का इंतजार है। सभी सूचनाएं मिलने के बाद स्थानीय स्तर पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
- संतोष कुमार वैश्य, एडीएम वित्त एवं राजस्व
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बरेली-मथुरा स्टेट हाईवे 2019 में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के अधीन जा चुका है। एनएचएआई हाईवे पर काम भी करा रहा है। बदायूं से मथुरा के बीच काम पहले से चल रहा है। मेरठ से प्रयागराज तक जाने वाले 594 किमी के गंगा एक्सप्रेस-वे को स्वीकृति मिलने के बाद से ही बरेली-मथुरा हाईवे को गंगा एक्सप्रेस-वे से बेहतर कनेक्टविटी की मांग उठ रही थी। दरअसल, गंगा एक्सप्रेस-वे बदायूं की चार तहसीलों के 85 गांवों से होकर गुजरेगा। जिले में करीब 95 किमी दूरी तय करने वाला एक्सप्रेस-वे बदायूं में बिनावर के पास बरेली-मथुरा हाईवे को लिंक करेगा। एक्सप्रेस-वे बरेली को नहीं जोड़ रहा था, जबकि बरेली कई मायने में काफी अहमियत रखता है। ऐसे में बरेली-मथुरा नेशनल हाईवे को छह लेन किया जाना है। इसके लिए सर्वे समेत अन्य काम शुरू होने के साथ ही हाईवे किनारे बसे बड़े गांव बिनावर, विजय नगला और मलगांव के लोगों की धड़कनें बढ़ गई हैं।
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2014-15 में बड़े स्तर पर ढहाए गए थे हाईवे किनारे निर्माण
बरेली-मथुरा हाईवे पर करीब 48 किमी हाईवे को 2014-15 में फोर लेन किया गया था। उस दौरान बिनावर, विजयनगला और मलगांव में बड़े स्तर पर हाईवे के दोनों ओर निर्माण ढहाए गए थे। इन गांवों में कई लोग तो ऐसे थे जिनके पूरे आशियाने ही उजड़ गए। तमाम लोगों की दुकानें ढहाई जाने के कारण उनसे रोजी-रोटी छिन गई। लोगों को लगा था कि फोरलेन के बाद अब हाईवे का विस्तार नहीं होगा, जिसके बाद उन्होंने अपने मरम्मत कराकर अपने घर-दुकानें सही करा ली थीं, लेकिन सात से आठ वर्ष में ही हाईवे को छह लेन करने की मंजूरी मिलने के साथ काम भी शुरू हो गया है। ऐसे में लोग परेशान हैं।
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कभी अपनी थीं, अब किराये की दुकानों में आ गए तमाम लोग
बिनावर। बरेली-बदायूं हाईवे चौड़ीकरण के दौरान जब कस्बे में बनी हुई बिल्डिंगों की तोड़फोड़ की गई तो कई लोगों की दुकानें आधी से ज्यादा टूट र्गइं। ऐसे में जिन लोगों की ये दुकानें थीं, उन्हें किराये की दुकानें लेकर अपना व्यापार चलाना पड़ा। कई घर आधे रह गए। इस बार भी यदि हाईवे का चौड़ीकरण हुआ तो सौ से ज्यादा मकानों और दुकानों में तोड़फोड़ होगी, जिससे कई लोग बेघर तक हो जाएंगे। श्यामलाल, सियाराम, धर्मेंद्र, कप्तान सिंह, हाकिम सिंह, सरवन सिंह, लखन चौहान, सुरेश चंद्र आदि का कहना है कि चौड़ीकरण में तोड़फोड़ होने पर उनके पास जरा भी जगह नहीं बचेगी।
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बरेली-मथुरा हाईवे को चार से छह लेन किया जाना है। हाईवे को विस्तार देने के लिए भूमि अधिग्रहण के साथ अगर दोनों ओर कोई निर्माण हैं तो उनको भी ध्वस्त किया जाएगा। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया की ओर से सूचनाएं मिलने का इंतजार है। सभी सूचनाएं मिलने के बाद स्थानीय स्तर पर काम शुरू कर दिया जाएगा।
- संतोष कुमार वैश्य, एडीएम वित्त एवं राजस्व