Budaun News: एसओ समेत 25 पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी पर रोक, हाईकोर्ट ने दी राहत; जानिए क्या है मामला
बदायूं में निर्दोष को फर्जी मुकदमे में फंसाने के आरोपी एसओ समेत 25 पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी पर हाईकोर्ट ने रोक लगा दी है। इन पुलिसकर्मियों के खिलाफ स्थानीय कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज हुआ था।
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बदायूं में निर्दोष को फर्जी मुकदमे में फंसाने के मामले में कोर्ट के आदेश पर तत्कालीन एसओ, एसआई समेत 25 पुलिसकर्मियों के खिलाफ बिनावर थाने में बीते 10 जून को रिपोर्ट दर्ज की हुई थी। मामला पुलिस महकमे का होने की वजह से अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की जा सकी है। इस बीच तत्कालीन एसओ समेत सभी पुलिसकर्मी हाईकोर्ट चले गए। कोर्ट ने छह माह तक उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। अब उनकी गिरफ्तारी तय समय तक नहीं हो सकती।
बिनावर थाना क्षेत्र के गांव रहमा निवासी अधिवक्ता मोहम्मद तसलीम गाजी ने कोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कराया था। बताया कि एसओजी और पुलिस की संयुक्त टीम ने 28 जुलाई 2024 को क्षेत्र के गांव कुतुबपुर थरा निवासी मुख्त्यार, विलाल, अजीत, अशरफ और तरनवीर को पकड़ा था। पुलिस सभी को थाने ले गई। उन्हें 48 घंटे तक हवालात में अवैध तरीके से बंद रखा।
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पुलिस ने 30 जुलाई को अपने सोशल मीडिया पर पांचों की गिरफ्तारी दिखाई। 31 जुलाई को एनडीपीएस के तहत तीन मुकदमे दर्ज कर लिए। उनसे डोडा की बरामदगी भी दिखा दी। इसको लेकर अधिवक्ता ने कोर्ट से थाने के सीसीटीवी की फुटेज, पुलिस प्रेस नोट व अन्य दस्तावेज तलब करने की मांग की। कोर्ट ने पुलिस को दस्तावेज व सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराने का आदेश दिया। इससे पुलिस ने अधिवक्ता पर दबाव बनाना शुरू कर दिया।
एनकाउंटर की दी थी धमकी
उन पर कानूनी कार्रवाई और एनकाउंटर की धमकी दी लेकिन कोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए 29 मई को बिनावर पुलिस को मुकदमे के आदेश दिए थे। पुलिस कोर्ट के आदेश को एक महीने तक दबाए बैठी रही। कोर्ट की अवहेलना की कार्रवाई से बचने के लिए अब तत्कालीन एसओ समेत 25 पुलिसकर्मियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई। 90 दिन पूरे होने के बाद विवेचना में कुछ भी नहीं किया गया है। गिरफ्तारी से बचने के लिए पुलिसकर्मी हाईकोर्ट चले गए। कोर्ट से उनको स्टे मिल गया।
कई साल से एसओजी में डटे हैं पुलिसकर्मी
कोर्ट के आदेश पर बिनावर थाने के तत्कालीन एसओ केके शर्मा, तत्कालीन क्राइम इंस्पेक्टर गुड्डू सिंह, उपनिरीक्षक शेरपाल सिंह, उपनिरीक्षक सुम्मेर सिंह, उपनिरीक्षक रामनाथ कन्नौजिया, कांस्टेबल योगेश कुमार, सुमित कुमार, विकास कुमार, शैलेंद्र गंगवार, मोहित कुमार, मनोज, चरन सिंह के अलावा एसओजी के तत्कालीन प्रभारी व उझानी कोतवाल नीरज मलिक, उपनिरीक्षक धर्वेंद्र सिंह, कांस्टेबल संजय सिंह, सचिन झा, विपिन कुमार, सचिन कुमार, मुकेश कुमार, सराफत हुसैन, आजाद कुमार, भूपेंद्र कुमार, कुशकांत, अरविंद कसाना, मनीश कुमार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। एसओजी टीम में कई ऐसे पुलिसकर्मी हैं जो कई वर्षों से डटे हैं। उनकी आए दिन पुलिस अधिकारियों से शिकायतें होती रहती हैं।