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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Hearing will be held on September 15 on demand of survey of a shrine of Hindu Mahasabha in Badaun

अब बदायूं में धर्मस्थल के सर्वे की मांग: हिंदू महासभा का दावा- आक्रांताओं ने कर लिया था कब्जा, 15 को सुनवाई

Sat, 03 Sep 2022 12:47 AM IST
आकाश दुबे संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं Published by: आकाश दुबे Updated Sat, 03 Sep 2022 12:47 AM IST
सार

हिंदू महासभा ने दावा किया है कि उसके अवशेष अभी भी कोतवाली क्षेत्र में मौजूद हैं। इस मामले पर महासभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष राजश्री चौधरी की ओर से संगठन के प्रदेश संयोजक मुकेश सिंह पटेल को अधिकृत करते हुए न्यायालय में एक वाद दायर कराया गया है। इसमें विपक्षियों को अपना पक्ष रखने के लिए अगली तारीख 15 सितंबर तय की गई है।

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Hearing will be held on September 15 on demand of survey of a shrine of Hindu Mahasabha in Badaun
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

बदायूं में अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने दावा किया है कि शहर स्थित उनके एक धर्मस्थल को तोड़कर उस पर कब्जा कर लिया गया था। उसके अवशेष अभी भी कोतवाली क्षेत्र में मौजूद हैं। इस मामले पर महासभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष राजश्री चौधरी की ओर से संगठन के प्रदेश संयोजक मुकेश सिंह पटेल को अधिकृत करते हुए न्यायालय में एक वाद दायर कराया गया है। इसमें विपक्षियों को अपना पक्ष रखने के लिए अगली तारीख 15 सितंबर तय की गई है।

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अखिल भारतीय हिंदू महासभा ने शहर के एक मोहल्ले में स्थित धर्मस्थल को अपना होने का दावा किया है। इसमें महासभा की ओर से मुकेश पटेल के अलावा वकील अरविंद पाल सिंह परमार, ज्ञानेंद्र प्रकाश, डॉ. अनुराग शर्मा और उमेश चंद शर्मा भी वादी हैं। जबकि इंतजामिया कमेटी जामा मस्जिद, उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वफ्फ बोर्ड यूनियन ऑफ इंडिया, उत्तर प्रदेश राज्य पुरातत्व विभाग, बदायूं डीएम और मुख्य सचिव प्रदेश सरकार को पक्षकार बनाया गया है।

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इस वाद में दावा किया गया है कि बदायूं जिला एक ऐतिहासिक नगर रहा है। जहां राजा महीपाल सिंह का किला था। उस किले के अवशेष आज भी मौजूद हैं। उस किले में ही ऐतिहासिक धार्मिक स्थल है। जहां पूजा पाठ की जाती थी, लेकिन आक्रांताओं ने उसे तोड़कर उस पर कब्जा कर लिया था। उन्होंने मांग की कि उस धर्मस्थल को पुराने स्वरूप में लौटाकर उनको सौंपा दिया जाए।

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उन्होंने मौके पर धर्मस्थल से जुड़े साक्ष्य मौजूद होना बताया है। इससे धार्मिक स्थल का निरीक्षण कराकर उसके अवशेषों की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराई जाए। सिविल जज सीनियर डिविजन विजय कुमार गुप्ता ने हिंदू महासभा के दावे को दर्ज करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने सुनवाई के लिए 15 सितंबर 2022 की तिथि निश्चित की है।

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