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बदायूं में बाढ़: दातागंज इलाके के 24 गांव प्रभावित, सड़कें डूबी, वाहनों की आवाजाही बंद, नाव बनी सहारा

Wed, 09 Sep 2026 06:17 PM IST
Mukesh Kumar संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं Published by: Mukesh Kumar Updated Wed, 09 Sep 2026 06:17 PM IST
सार

बदायूं जिले के दातागंज तहसील क्षेत्र में रामगंगा नदी ने कहर मचाया है। पिछले दस दिनों से हजरतपुर गड़िया रंगीन मार्ग पर ज्यादा दिक्कत है। इस मार्ग पर अभी तक दो फिट तक पानी चल रहा था। बुधवार का चार से पांच फिट तक पानी हो गया है, जिससे वाहनों की आवाजाही बंद हो गई। 

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24 villages in Dataganj area of Badaun affected by floods
नाव पर सवार ग्रामीण - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

बदायूं के दातागंज तहसील क्षेत्र में रामगंगा नदी ने कहर मचाया है। दस दिनों से हजरतपुर-गड़िया रंगीन और नगरिया खनू-गड़िया रंगीन मार्ग पर करीब दो किमी तक पानी बहने से दिक्कत बनी हुई है। दोनों मार्गों पर अभी तक दो से ढाई फिट तक पानी चल रहा था। बुधवार से चार से पांच फिट तक पानी हो गया। इसकी वजह से दोपहिया, चारपहिया वाहनों की आवाजाही बंद हो गई। इन मार्गों पर नाव से ही आवागमन हो रहा है। हालांकि, हजरतपुर-गड़िया रंगीन मार्ग पर ट्रैक्टर ट्रॉली से लोग आवाजाही कर रहे हैं। 

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हजरतपुर-गड़िया रंगीन मार्ग से हर्रामपुर, शेरपुर गांव, कुंडरा मंझरा, शेरपुर, नवादा बदन, जलेबी नगला, नगला देवेंद्र सिंह, डाल सिंह नगला, पूरन भेड़ा, पट्टी बिजा सहित डेढ़ दर्जन गांवों के लोगों का आना जाना है। जो अब दिक्कत में हैं। उन्हें नाव से ही गंतव्य स्थानों को आना-जाना पड़ रहा है। बीमार और बुजुर्ग लोगों को दवा लाने के लिए भी नाव ही सहारा बनी है। बाढ़ से डेढ़ दर्जन गांवों में 15 हजार आबादी प्रभावित है। 
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प्रशासन ने की दो नावों की व्यवस्था 
हजरतपुर गड़िया रंगीन मार्ग पर नाव न चले तो हजारों लोगों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो जाए। प्रशासन ने इस मार्ग पर दो नाव की व्यवस्था की है और नगरिया खनू-गड़िया रंगीन मार्ग पर मोटर बोट भी संचालित है, ताकि ग्रामीणों को आने-जाने में दिक्कत न हो। बुधवार दोपहर दातागंज प्रतिनिधि ने मौके पर जाकर स्थिति परखी। वहां बड़ी संख्या में लोग बाइकों से पहुंचे और अपनी रिश्तेदारी या अन्य गांवों में जाने के लिए बाइक वहीं छोड़ नाव से गए। कुछ लोग अपने गांव तक बाइक नाव से ही लेकर गए। सड़क के किनारे खेतों में भी चार से पांच फिट तक पानी भरा है। ऐसे में नाव सड़क से उतरकर खेतों में भी चल रही है। मजबूरन लोग जान खतरे में डाल नाव की सवारी कर रहे हैं। 

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नगरिया खनू के करन सिंह ने बताया कि गांव किनारे पानी पहुंचा है। खेतों की फसल बर्बाद हो गई। रामगंगा भू-कटान तेजी से कर रही है और पानी बढ़ी तो कुछ नहीं बचेगा। पशुओं के चारे की सबसे बड़ी समस्या है। पशुओं का चारा रामगंगा में समा गया। वहीं, नगरिया खनू के पास के लोगों ने बताया कि रामगंगा के पानी से चार मकान भी घिर गए हैं। यहां झाला है। उसमें पप्पू, नत्थू, श्यामलाल आदि रहते हैं। बीस गाय भी फंसी हैं, जिनके लिए चारे का संकट गहरा गया है।

बाढ़ में फंसे दर्जनों गोवंश
दातागंज क्षेत्र में नगरिया खनू के आसपास बाढ़ ग्रस्त क्षेत्र में बड़ी संख्या में गोवंश फंसे हुए हैं। एक स्थान टीले पर पशुओं ने डेरा जमाया है। यह स्थान रामगंगा नदी के पानी से चारों ओर घिरा हुआ है।

24 villages in Dataganj area of Badaun affected by floods
बाढ़ में फंसे गोवंश - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

खतरे के निशान से 18 सेंटीमीटर ऊपर बह रही गंगा
उसहैत इलाके में बुधवार को गंगा नदी का जलस्तर कछला पुल पर नापा गया तो वाटर लेवल गेज में जलस्तर 162.58 गेज मीटर आया। गंगा अभी भी खतरे के निशान से 18 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। इस वजह से रैपुरा व कदमनगला में कटान जारी है।

बाढ़ पीड़ितों को मिली राहत 
ग्रामीणों ने बताया कि रैपुरा में बाढ़ खंड की टीम कटान रोकने की तैयारियां कर रही हैं, लेकिन खेती की जमीन गंगा में समा चुकी है। आबादी का इलाका कटान से 50 मीटर तक दूर है, ऐसे ही जलस्तर बढ़ता रहा तो कच्चे पक्के मकानों को भी नुकसान हो सकता है। कदमनगला गांव में बाढ़ पीड़ितों के लिए बना बाढ़ राहत शिविर में सुविधाएं मिलनी शुरू हो गईं हैं। ग्रामीणों के रुकने के लिए और खाने के लिए भोजन मिल रहा है। पशुओं के लिए चारा और भूसा भी उपलब्ध कराया जा रहा है। कदमनगला में तीन लोगों को उनके मकान का मुआवजा मिल चुका है। अन्य 20 लोगों के दस्तावेज पूरे कर आगे बढ़ाए गए हैं। 

रफतपुर को जाने वाली मार्ग पर 1.5 फीट तक पानी भरा हुआ है, जो सड़क से होते हुए खेतों की ओर बह रहा है। गांव तक पानी नहीं आया है, लेकिन खेतों में फसल की बर्बादी हुई है। भुनडी गांव में तटबंध के पास हो रहा कटान बंद होने से बाढ़ खंड और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है। लगभग 500 बीघा खेती की जमीन गंगा में समा चुकी है। बाढ़ खंड के कर्मी लगातार इलाके में निगरानी कर रहे हैं।

एसडीएम दातागंज विनोद कुमार ने बताया कि दातागंज क्षेत्र में जिन गांवों के किनारे गंगा और रामगंगा का पानी पहुंचा है वहां निगरानी कराई जा रही है। कदमनगला के लोगों के लिए राहत शिविर में भोजन की व्यवस्था भी कराई गई है। जिन मार्गों पर पानी आया है वहां आवागमन के लिए वोट और नाव लगाई गई हैं।

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