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घर बैठे मरीजों को ई संजीवनी से मिलेगा परामर्श
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बदायूं। गत वर्ष लॉकडाउन के दौरान मरीजों के लिए हर जिले में टेली मेडिसिन की सुविधा शुरू की गई थी। ताकि फोन के जरिए लोगों को उपचार मिल सके। इसके साथ ही प्रदेश सरकार ने ई संजीवनी सेवा को भी शुरू किया था, इससे लोगों को काफी लाभ मिला था। इस बार फिर से शासन ने ई संजीवनी सेवा को सुचारु करने के निर्देश दिए हैं।
कोविड-19 के दौरान पिछले साल लॉकडाउन के दौरान कोविड के अलावा दूसरी बीमारियों से ग्रसित मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा था। ऐसे में शासन ने ई संजीवनी को शुरू किया। जिसके माध्मम से मरीजों का इलाज शुरू हुआ था। इससे लोगों को काफी फायदा हुआ था लेकिन जब अनलॉक की प्रक्रिया शुरू हुई तो लोगों ने ई संजीवनी की तरफ ध्यान देना बंद कर दिया। जब कोरोना की दूसरी लहर आई तो सभी सरकारी अस्पतालों की ओपीडी को बंद कर दिया गया। जिसके बाद में सामान्य बीमारियों से ग्रसित मरीजों को परेशानी होनी लगी। इसको देखते हुए प्रदेश सरकार ने ई संजीवनी को पहले से बेहतर तरीके से संचालित करने के निर्देश दिए हैं। इसका लाभ जिले के लोगों ने लेना शुरू कर दिया है।
ऐसे लें एप का लाभ
सबसे पहले एप डाउनलोड कर अपना मोबाइल नबंर वेरिफाइड कराना होगा। नंबर रजिस्टर करने के बाद टोकन जारी किया जाएगा। इसके बाद नोटिफिकेशन मिलने पर लाभ लेने के लिए लॉगिन किया जा सकता है। इस प्रक्रिया के बाद कुछ देर में नंबर आने पर अपनी संमस्या बताने पर ई प्रिस्क्रिप्शन डाउनलोड का विकल्प दिया जाएगा, जिसके बाद आप डॉक्टर द्वारा दिए गए सुझाव व दवाओं का लेकर घर बैठे ही अपना उपचार कर सकते हैं।
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कोविड-19 के दौरान पिछले साल लॉकडाउन के दौरान कोविड के अलावा दूसरी बीमारियों से ग्रसित मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ा था। ऐसे में शासन ने ई संजीवनी को शुरू किया। जिसके माध्मम से मरीजों का इलाज शुरू हुआ था। इससे लोगों को काफी फायदा हुआ था लेकिन जब अनलॉक की प्रक्रिया शुरू हुई तो लोगों ने ई संजीवनी की तरफ ध्यान देना बंद कर दिया। जब कोरोना की दूसरी लहर आई तो सभी सरकारी अस्पतालों की ओपीडी को बंद कर दिया गया। जिसके बाद में सामान्य बीमारियों से ग्रसित मरीजों को परेशानी होनी लगी। इसको देखते हुए प्रदेश सरकार ने ई संजीवनी को पहले से बेहतर तरीके से संचालित करने के निर्देश दिए हैं। इसका लाभ जिले के लोगों ने लेना शुरू कर दिया है।
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ऐसे लें एप का लाभ
सबसे पहले एप डाउनलोड कर अपना मोबाइल नबंर वेरिफाइड कराना होगा। नंबर रजिस्टर करने के बाद टोकन जारी किया जाएगा। इसके बाद नोटिफिकेशन मिलने पर लाभ लेने के लिए लॉगिन किया जा सकता है। इस प्रक्रिया के बाद कुछ देर में नंबर आने पर अपनी संमस्या बताने पर ई प्रिस्क्रिप्शन डाउनलोड का विकल्प दिया जाएगा, जिसके बाद आप डॉक्टर द्वारा दिए गए सुझाव व दवाओं का लेकर घर बैठे ही अपना उपचार कर सकते हैं।
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