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वार्डन निलंबित, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की संविदा समाप्त

Tue, 05 Apr 2022 12:45 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Tue, 05 Apr 2022 12:45 AM IST
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Health,food poising
समरेर का राजकीय आश्रम पद्धति आवासीय विद्यालय। संवाद - फोटो : BADAUN
बदायूं। समरेर स्थित आश्रम पद्धति विद्यालय की वार्डन संध्या कश्यप को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी राजपाल की संविदा समाप्त की गई है। विद्यालय में शनिवार रात भोजन खाने के बाद 30 छात्राओं की हालत बिगड़ गई थी। इनमें 28 छात्राओं को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था।
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शनिवार रात छात्राओं ने भोजन में अरहर की दाल, आलू, लौकी की सब्जी, रोटी और चावल खाए थे। कुछ ही देर के बाद पेट में दर्द के बाद उल्टी-दस्त होने लगे। शनिवार रात ही छात्राओं को समरेर और दातागंज सीएचसी में भर्ती कराया गया। स्वस्थ होने के बाद सोमवार को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। सीडीओ ऋषिराज, एडीएम प्रशासन ऋतु पुनिया, सहायक आयुक्त खाद्य सुरक्षा ने सीएचसी पहुंच कर छात्राओं का हाल जाना था। स्कूल का निरीक्षण भी किया। प्रथम दृष्टया वार्डन संध्या कश्यप और चतुर्थ श्रेणी संविदा कर्मचारी राजपाल की लापरवाही सामने आने के बाद दोनों के खिलाफ सोमवार को कार्रवाई की गई है। सीडीओ ऋषिराज ने बताया कि वार्डन को निलंबित किया गया है। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी राजपाल की संविदा समाप्त कर दी गई है। मामले में जांच की जा रही है। लापरवाही में जो भी नाम सामने आते हैं उसके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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भोजन उपलब्ध कराने वाले एनजीओ के खिलाफ शासन को लिखा
आवासीय विद्यालय में छात्राओं को भोजन उपलब्ध कराने का जिम्मा अलीगढ़ की द्वारिका प्रसाद समाज कल्याण समिति पर है। यही समिति छात्राओं को भोजन उपलब्ध कराती है। शासन की ओर से समिति को भुगतान किया जाता है। भोजन खाने के बाद छात्राओं के बीमार होने के मामले में समिति के खिलाफ कार्रवाई के लिए भी शासन को लिखा गया है।
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स्वास्थ्य विभाग की टीम ने प्रथम दृष्टया पाया फूड प्वाइजनिंग
बदायूं। आवासीय विद्यालय में भोजन करने के बाद 28 छात्राओं के बीमार होने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने प्रथम दृष्टया फूड प्वाइजनिंग का मामला पाया है। हालांकि, सच्चाई प्रयोगशाला से रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आ सकेगी।
संक्रामक रोग नियंत्रण सेल की टीम ने भी छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण किया। यह भी पाया गया कि कुछ छात्राएं ऐसी थीं जिन्होंने भोजन भी नहीं किया था, लेकिन साथी छात्राओं की तबीयत बिगड़ते देखकर उनकी तबीयत भी बिगड़ गई। प्रथम दृष्टया यह पाया गया है कि लौकी में कोई रसायन हो सकता है।

डॉ. कौशल गुप्ता ने बताया कि सब्जियां उत्पादन में किसान पेस्टीसाइड और रासायनिक खादों का इस्तेमाल करते हैं। कई बार सब्जियों को बिना अच्छी तरह धोए बनाने की दशा में इस तरह के मामले सामने आ जाते हैं। संवाद
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