{"_id":"62991080b7589d7fcc6f2283","slug":"health-badaun-news-bly486989784","type":"story","status":"publish","title_hn":"हाईरिस्क बदायूं में जीका वायरस को लेकर बरती जाएगी विशेष सतर्कता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हाईरिस्क बदायूं में जीका वायरस को लेकर बरती जाएगी विशेष सतर्कता
विज्ञापन
मलेरिया विभाग। संवाद
- फोटो : BADAUN
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदायूं। मच्छरजनित बीमारियों मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया के लिहाज से हाईरिस्क बदायूं में जीका वायरस को लेकर भी सतर्कता बरती जा रही है। हालांकि, जिले में जीका वायरस का कोई मामला अब तक सामने नहीं आया है, लेकिन बारिश शुरू होने से पहले मलेरिया विभाग जीका वायरस को लेकर भी सतर्क हो गया है।
बदायूं जिले के 200 से ज्यादा गांव मच्छरजनित बीमारियों मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया के लिहाज से हाईरिस्क श्रेणी में हैं। साल 2019 में बदायूं में मलेरिया के रिकॉर्ड 20 हजार से ज्यादा मामले सामने आए थे। 2021 आते-आते मलेरिया पर तक काफी हद तक काबू हो गया, लेकिन इस साल डेंगू बेकाबू हो गया। जिले में 2021 में डेंगू के 417 मामले सामने आए। कई लोगों की जान भी चली गई। ऐसे में शासन की ओर से अलर्ट जारी किया गया है। दरअसल, जीका वायरस भी मच्छर जनित बीमारी है। इसे भी डेंगू और मलेरिया के वाहक एडीज मच्छर फैलाता है। हालांकि, जीका वायरस को लेकर बदायूं संवेदनशील नहीं है। इसके रोगी भी यहां नहीं मिलते, लेकिन पिछले दिनों कानपुर समेत कुछ जिलों में जीका वायरस के मामले सामने आने के बाद इसको लेकर बदायूं में भी सतर्कता बढ़ाई गई है। स्वास्थ्य विभाग ने सर्विलांस टीमों के साथ निगरानी समितियों को अलर्ट कर दिया है।
जिले में जीका वायरस को लेकर सतर्कता बढ़ाने का प्रमुख कारण पिछले वर्ष जिले में डेंगू के तमाम मामलों का मिलना है। इस वर्ष भी स्वास्थ्य और मलेरिया विभाग की टीमों ने जिले में 165 गांवों को चिह्नित किया है। इन गांवों में मलेरिया का ज्यादा प्रकोप रहने का अनुमान है।
विज्ञापन
-
प्रदेश स्तरीय शोध लैब शुरू होने का इंतजार
मच्छरों, मच्छरजनित बीमारियों मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया के साथ जीका वायरस को लेकर भी बदायूं में कुछ महीनों में शोध शुरू हो जाएंगे। बदायूं में प्रदेश स्तरीय इंटीग्रेटेड एंटोमोलॉजिकल सर्विलांस लैब की स्थापना हो रही है। इसके लिए भवन चिह्नित किया जा चुका है। इंटीग्रेटेड एंटोमोलॉजिकल सर्विलांस लैब प्रदेश के दो जिलों बदायूं और कुशीनगर में स्थापित की जा रही हैं। लैब स्थापना के लिए तेजी से काम चल रहा है। उम्मीद है कि जुलाई के अंत तक प्रदेश स्तरीय लैब में काम शुरू हो जाएगा। इसके बाद मच्छर जनित बीमारियों पर काबू में आसानी होगी।
-
मलेरिया माह शुरू हो गया है। मच्छरजनित बीमारियां न फैलें इसके लिए पहले से काम किया जा रहा है। ज्यादा से ज्यादा गांवों में दवाओं का छिड़काव और लोगों की जांच कराई जा रही हैं। सर्विलांस टीमों के साथ सतर्कता समितियों को भी अलर्ट किया गया है। जीका वायरस भी एडीज मच्छर से फैलता है। हालांकि, इसके मामले बदायूं में नहीं मिलते, लेकिन पिछले वर्ष मिले डेंगू के मामलों को देखते हुए सतर्कता बरती जा रही है।
-डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय, सीएमओ
विज्ञापन
बदायूं जिले के 200 से ज्यादा गांव मच्छरजनित बीमारियों मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया के लिहाज से हाईरिस्क श्रेणी में हैं। साल 2019 में बदायूं में मलेरिया के रिकॉर्ड 20 हजार से ज्यादा मामले सामने आए थे। 2021 आते-आते मलेरिया पर तक काफी हद तक काबू हो गया, लेकिन इस साल डेंगू बेकाबू हो गया। जिले में 2021 में डेंगू के 417 मामले सामने आए। कई लोगों की जान भी चली गई। ऐसे में शासन की ओर से अलर्ट जारी किया गया है। दरअसल, जीका वायरस भी मच्छर जनित बीमारी है। इसे भी डेंगू और मलेरिया के वाहक एडीज मच्छर फैलाता है। हालांकि, जीका वायरस को लेकर बदायूं संवेदनशील नहीं है। इसके रोगी भी यहां नहीं मिलते, लेकिन पिछले दिनों कानपुर समेत कुछ जिलों में जीका वायरस के मामले सामने आने के बाद इसको लेकर बदायूं में भी सतर्कता बढ़ाई गई है। स्वास्थ्य विभाग ने सर्विलांस टीमों के साथ निगरानी समितियों को अलर्ट कर दिया है।
विज्ञापन
जिले में जीका वायरस को लेकर सतर्कता बढ़ाने का प्रमुख कारण पिछले वर्ष जिले में डेंगू के तमाम मामलों का मिलना है। इस वर्ष भी स्वास्थ्य और मलेरिया विभाग की टीमों ने जिले में 165 गांवों को चिह्नित किया है। इन गांवों में मलेरिया का ज्यादा प्रकोप रहने का अनुमान है।
विज्ञापन
-
प्रदेश स्तरीय शोध लैब शुरू होने का इंतजार
मच्छरों, मच्छरजनित बीमारियों मलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया के साथ जीका वायरस को लेकर भी बदायूं में कुछ महीनों में शोध शुरू हो जाएंगे। बदायूं में प्रदेश स्तरीय इंटीग्रेटेड एंटोमोलॉजिकल सर्विलांस लैब की स्थापना हो रही है। इसके लिए भवन चिह्नित किया जा चुका है। इंटीग्रेटेड एंटोमोलॉजिकल सर्विलांस लैब प्रदेश के दो जिलों बदायूं और कुशीनगर में स्थापित की जा रही हैं। लैब स्थापना के लिए तेजी से काम चल रहा है। उम्मीद है कि जुलाई के अंत तक प्रदेश स्तरीय लैब में काम शुरू हो जाएगा। इसके बाद मच्छर जनित बीमारियों पर काबू में आसानी होगी।
-
मलेरिया माह शुरू हो गया है। मच्छरजनित बीमारियां न फैलें इसके लिए पहले से काम किया जा रहा है। ज्यादा से ज्यादा गांवों में दवाओं का छिड़काव और लोगों की जांच कराई जा रही हैं। सर्विलांस टीमों के साथ सतर्कता समितियों को भी अलर्ट किया गया है। जीका वायरस भी एडीज मच्छर से फैलता है। हालांकि, इसके मामले बदायूं में नहीं मिलते, लेकिन पिछले वर्ष मिले डेंगू के मामलों को देखते हुए सतर्कता बरती जा रही है।
-डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय, सीएमओ