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धीमा जहर है तंबाकू, पहले शौक में खाते हैं फिर आदत बन जाती है
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बदायूं। तंबाकू धीमा जहर है, पहले तो लोग इसे शौक में चबाते हैं और बाद में यह आदत बन कर जान की दुश्मन बन जाता है। तंबाकू खाने से कई तरह के कैंसर होते हैं। तंबाकू से होने वाले नुकसान को सभी बेहतर तरीके से जानते हैं। तंबाकू के पैकेट पर बड़ी-बड़ी चेतावनी चित्र के साथ छपी होती है। बावजूद इसके लोग धीमा जहर खा रहे हैं।
समाज में ऐसे लोग भी हैं जो संकल्प और दृढ़ इच्छा शक्ति से तंबाकू छोड़ चुके हैं। यह अन्य लोगों को भी संदेश दे रहे हैं कि तंबाकू जैसे धीमे जहर का इस्तेमाल न करें। विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर संकल्प लें और तंबाकू जैसे धीमे जहर को हमेशा के लिए छोड़ दें। हर वर्ष औपचारिकता के लिए 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाता है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से औपचारिक रूप से इस दिन जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाता है, लेकिन इसके बाद आम लोग हों या फिर जिम्मेदार, तंबाकू से होने वाले नुकसानों को साल भर के लिए भूल जाते हैं।
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इन लोगों ने संकल्प लेकर छोड़ दिया तंबाकू का इस्तेमाल
तमाम लोग ऐसे भी हैं जो दृढ़ संकल्प लेकर तंबाकू का इस्तेमाल छोड़ चुके हैं। हालांकि शुरुआत में थोड़ी तलब का अहसास हुआ लेकिन इन लोगों ने ठान लिया था कि अब किसी भी रूप में तंबाकू का प्रयोग नहीं करना है। व्यापारी संजीव आहूजा बताते हैं कि वह तंबाकू और गुटका खाते थे, लेकिन समय रहते संकल्प के साथ इसे पूरी तरह से छोड़ दिया। ऐसा ही व्यापारी विपिन अग्रवाल ने भी किया। शहर निवासी प्रदीप सोलंकी बताते हैं कि कुछ दोस्तों ने इसकी लत लगवा दी थी लेकिन अब वह इसे छोड़ चुके हैं। महेश चंद्र गुप्ता भी इन्हीं लोगों में शामिल हैं। बताते हैं कि करीब तीन साल पहले प्रण लेकर तंबाकू छोड़ी थी। कई बार मन हुआ, लेकिन अपना प्रण याद कर लिया। कहते हैं कि तंबाकू छोड़ने के लिए किसी दवा या डॉक्टर की जरूरत नहीं है बल्कि मजबूत इच्छाशक्ति की आवश्यकता है।
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ये होंगे तंबाकू की आदत छुड़ाने में मददगार
- तलब लगने पर माउथ फ्रेशनर गोलियां मुंह में डाल लें।
- अदरक की चटपटी गोलियां
- सौंफ मिश्री खाएं
- डायट में अंगूर संतरा शामिल करें
- सबसे बड़ी बात- इच्छा शक्ति
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तंबाकू खाने वाले व्यक्ति में मुंह, गले या फिर फेफड़ों का कैंसर होने की प्रबल आशंका रहती है, साथ ही ऐसे व्यक्ति को फेफड़े संबंधी अन्य रोग जैसे सीओपीडी, टीबी, निमोनिया आदि का जोखिम अधिक होता है। दरअसल तंबाकू में निकोटीन होता है जिससे ब्लडप्रेशर बढ़ता है और रक्त-नलियों में रक्त का स्वभाविक संचार मंद पड़ जाता है।
-डॉ. सचिन गुप्ता, फिजीशियन
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समाज में ऐसे लोग भी हैं जो संकल्प और दृढ़ इच्छा शक्ति से तंबाकू छोड़ चुके हैं। यह अन्य लोगों को भी संदेश दे रहे हैं कि तंबाकू जैसे धीमे जहर का इस्तेमाल न करें। विश्व तंबाकू निषेध दिवस पर संकल्प लें और तंबाकू जैसे धीमे जहर को हमेशा के लिए छोड़ दें। हर वर्ष औपचारिकता के लिए 31 मई को विश्व तंबाकू निषेध दिवस मनाया जाता है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से औपचारिक रूप से इस दिन जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन भी किया जाता है, लेकिन इसके बाद आम लोग हों या फिर जिम्मेदार, तंबाकू से होने वाले नुकसानों को साल भर के लिए भूल जाते हैं।
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इन लोगों ने संकल्प लेकर छोड़ दिया तंबाकू का इस्तेमाल
तमाम लोग ऐसे भी हैं जो दृढ़ संकल्प लेकर तंबाकू का इस्तेमाल छोड़ चुके हैं। हालांकि शुरुआत में थोड़ी तलब का अहसास हुआ लेकिन इन लोगों ने ठान लिया था कि अब किसी भी रूप में तंबाकू का प्रयोग नहीं करना है। व्यापारी संजीव आहूजा बताते हैं कि वह तंबाकू और गुटका खाते थे, लेकिन समय रहते संकल्प के साथ इसे पूरी तरह से छोड़ दिया। ऐसा ही व्यापारी विपिन अग्रवाल ने भी किया। शहर निवासी प्रदीप सोलंकी बताते हैं कि कुछ दोस्तों ने इसकी लत लगवा दी थी लेकिन अब वह इसे छोड़ चुके हैं। महेश चंद्र गुप्ता भी इन्हीं लोगों में शामिल हैं। बताते हैं कि करीब तीन साल पहले प्रण लेकर तंबाकू छोड़ी थी। कई बार मन हुआ, लेकिन अपना प्रण याद कर लिया। कहते हैं कि तंबाकू छोड़ने के लिए किसी दवा या डॉक्टर की जरूरत नहीं है बल्कि मजबूत इच्छाशक्ति की आवश्यकता है।
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ये होंगे तंबाकू की आदत छुड़ाने में मददगार
- तलब लगने पर माउथ फ्रेशनर गोलियां मुंह में डाल लें।
- अदरक की चटपटी गोलियां
- सौंफ मिश्री खाएं
- डायट में अंगूर संतरा शामिल करें
- सबसे बड़ी बात- इच्छा शक्ति
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तंबाकू खाने वाले व्यक्ति में मुंह, गले या फिर फेफड़ों का कैंसर होने की प्रबल आशंका रहती है, साथ ही ऐसे व्यक्ति को फेफड़े संबंधी अन्य रोग जैसे सीओपीडी, टीबी, निमोनिया आदि का जोखिम अधिक होता है। दरअसल तंबाकू में निकोटीन होता है जिससे ब्लडप्रेशर बढ़ता है और रक्त-नलियों में रक्त का स्वभाविक संचार मंद पड़ जाता है।
-डॉ. सचिन गुप्ता, फिजीशियन