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जिला जेल में हेपेटाइटिस की दस्तक, दस मरीज मिले

Sat, 28 May 2022 01:20 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Sat, 28 May 2022 01:20 AM IST
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Health
बदायूं का जिला कारागार। फाइल फोटो - फोटो : BADAUN
बदायूं। असाध्य रोगों की श्रेणी में शामिल हेपेटाइटिस बी और सी ने जिला जेल में दस्तक दे दी है। जिला जेल में हेपेटाइटिस के दस मरीज मिले हैं। इनमें तीन को बी और सात को हेपेटाइटिस सी की पुष्टि हुई है। लिवर संबंधी इस बीमारी का अब तक जिले में इलाज नहीं था। हाल ही में इलाज शुरू हुआ है।
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बदायूं जिला जेल की क्षमता 529 बंदी और कैदियों को रखने की है। यहां क्षमता से तीन गुना से भी अधिक करीब 1800 बंदी और कैदी हैं। इस कारण जेल में अव्यवस्थाएं भी तमाम हैं। जिला जेल में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति भी बेहतर नहीं है। पिछले दिनों स्वास्थ्य विभाग ने जेल में बंदियों और कैदियों की स्क्रीनिंग की थी। इनमें 50 संदिग्ध मरीज मिलने पर इनके सैंपल जांच के लिए लखनऊ भेजे गए थे। इनमें दस मरीजों को लिवर संबंधी बीमारी हेपेटाइटिस की पुष्टि हुई है। तीन रोगी बी और सात रोगी हेपेटाइटिस सी के पाए गए हैं। मरीजों के संबंध में सूचनाएं स्वास्थ्य निदेशालय भेजने के साथ इनका इलाज शुरू कर दिया गया है।
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गौर करने वाली बात यह है कि हेपेटाइटिस का इलाज काफी महंगा है। अब तक जिले के सरकारी अस्पतालों में इसका इलाज उपलब्ध नहीं था। हाल ही में शासन ने जिला अस्पताल में हेपेटाइटिस के इलाज की सुविधा शुरू की है।
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जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. राजकमल किशोर ने हेपेटाइटिस के इलाज के लिए लखनऊ केजीएमयू से प्रशिक्षण प्राप्त किया है। फिलहाल जिले में हेपेटाइटिस बी और सी का ही इलाज है। जिला जेल में मिले बंदियों का इलाज शुरू कर दिया गया है।
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इस कारण फैलता है हेपेटाइटिस
हेपेटाइटिस दूषित पानी, भोजन, असुरक्षित यौन संबंध बनाने वालों, संक्रमित व्यक्ति का रक्त चढ़वाने तथा संक्रमित सिरिंज का इस्तेमाल करने से होता है। लिवर पर बेहद बुरा प्रभाव डालने वाली यह बीमारी वायरस के कारण होती है। जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. राज कमल किशोर का कहना है कि हेपेटाइटिस बी से बचाव के लिए टीका उपलब्ध है। यह बीमारी लिवर को संक्रमित करती है, इसके कारण लीवर में सूजन और जलन पैदा होती है। बाजार में केवल हेपेटाइटिस-बी के लिए (खाने वाली दवाएं मिल जाती हैं। हेपेटाइटिस-सी का इलाज इंजेक्शन से होता था। हेपेटाइटिस-सी की ओरल दवा भी बाजार में है। दवाएं महंगी होने के कारण सभी लोग आसानी से इलाज नहीं करा पाते।

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जिला जेल में हेपेटाइटिस के दस मरीज मिले हैं। इनमें तीन को बी और सात को हेपेटाइटिस सी की पुष्टि हुई है। जांच में पुष्टि के बाद इलाज शुरू कर दिया गया है। अब तक जिले के सरकारी अस्पतालों में हेपेटाइटिस का इलाज नहीं था। इलाज की सुविधा हाल ही के दिनों में जिला अस्पताल में शुरू हुई है।
-डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय, सीएमओ
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