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बच्चों को ठंड से बचाकर रखें... वर्ना होगी दिक्कत
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बदायूं। सर्दियों ने दस्तक देदी है। इतनी ठंड पड़ने लगी है कि लोगों को सुबह-शाम बिना गर्म कपड़ों के बाहर निकलना मुश्किल हो रहा है। हालांकि दिन का मौसम फिलहाल ठीक है। ऐसे में छोटे बच्चों के लिए ज्यादा सतर्कता की जरूरत है, क्योंकि थोड़ी सी असावधानी से ठंड उन्हें अपनी गिरफ्त में ले सकती है, यहां तक कि निमोनिया भी हो सकता है। ऐसे में जरूर है कि उन्हें नंगे पैर न घूमने दें और गर्म कपड़े पहनाकर रखें।
चिकित्सकों के मुताबिक इस समय मौसम तेजी के साथ बदल रहा है। गर्मी खत्म हो रही है और ठंड बढ़ रही है। खासकर छोटे बच्चे सर्दी, खांसी, बुखार, सांस लेने में दिक्कत, सीने में खरखराहट और पसलियां चलने के अलावा वायरल, ब्रोकोंलाइटिस और निमोनिया की गिरफ्त में आ सकते हैं। इसके अलावा मलेरिया, डेंगू, विंटर डायरिया और पीलिया भी हो सकता है। ऐसे में लोगों को और ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है। बच्चों को नंगे पैर न घूमने दें तो गर्म कपड़े पहनाकर ही बाहर भेजें।
-
ये रखें सावधानी
-गुनगुना पानी पिलाएं
- रखी हुई चीजें न खिलाएं
- छह माह से ऊपर के बच्चों को दलिया दाल भी खिलाएं
- स्वच्छ पानी पिलाएं
- कपड़े और हाथ पैर साफ रखें
-
बच्चों को ये हो सकती है दिक्कत
- वायरल
- ब्रोकोंलाइटिस
- सर्दी, खांसी और बुखार
- सांस लेने में दिक्कत
- सीने में खरखराहट
- पसली चलना
- निमोनिया
-
मौसम परिवर्तन के समय ज्यादा सावधानी रखें। खासकर छोटे बच्चों को ठंड से बचाएं। उन्हें गुनगुना पानी पिलाएं, गर्म कपड़े पहनाकर रखें। उनके हाथ पैर स्वच्छ रखें। छह माह से ऊपर के बच्चों को दूध कम और अन्य तरल पदार्थ ज्यादा खिलाएं। उन्हें दलिया और दाल भी दें। लापरवाही करने पर बच्चों को वायरल, ब्रोकोंलाइटिस और निमोनिया के अलावा सर्दी खांसी हो सकती है।
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- डॉ. शरद गुप्ता, बाल रोग विशेषज्ञ
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चिकित्सकों के मुताबिक इस समय मौसम तेजी के साथ बदल रहा है। गर्मी खत्म हो रही है और ठंड बढ़ रही है। खासकर छोटे बच्चे सर्दी, खांसी, बुखार, सांस लेने में दिक्कत, सीने में खरखराहट और पसलियां चलने के अलावा वायरल, ब्रोकोंलाइटिस और निमोनिया की गिरफ्त में आ सकते हैं। इसके अलावा मलेरिया, डेंगू, विंटर डायरिया और पीलिया भी हो सकता है। ऐसे में लोगों को और ज्यादा सावधान रहने की जरूरत है। बच्चों को नंगे पैर न घूमने दें तो गर्म कपड़े पहनाकर ही बाहर भेजें।
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ये रखें सावधानी
-गुनगुना पानी पिलाएं
- रखी हुई चीजें न खिलाएं
- छह माह से ऊपर के बच्चों को दलिया दाल भी खिलाएं
- स्वच्छ पानी पिलाएं
- कपड़े और हाथ पैर साफ रखें
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बच्चों को ये हो सकती है दिक्कत
- वायरल
- ब्रोकोंलाइटिस
- सर्दी, खांसी और बुखार
- सांस लेने में दिक्कत
- सीने में खरखराहट
- पसली चलना
- निमोनिया
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मौसम परिवर्तन के समय ज्यादा सावधानी रखें। खासकर छोटे बच्चों को ठंड से बचाएं। उन्हें गुनगुना पानी पिलाएं, गर्म कपड़े पहनाकर रखें। उनके हाथ पैर स्वच्छ रखें। छह माह से ऊपर के बच्चों को दूध कम और अन्य तरल पदार्थ ज्यादा खिलाएं। उन्हें दलिया और दाल भी दें। लापरवाही करने पर बच्चों को वायरल, ब्रोकोंलाइटिस और निमोनिया के अलावा सर्दी खांसी हो सकती है।
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- डॉ. शरद गुप्ता, बाल रोग विशेषज्ञ