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खून की जांच कराने को लाइन में लगे वृद्घ की मौत
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बदायूं। जिला अस्पताल में इलाज को तीन दिन से भटक रहे बुजुर्ग बुधवार सुबह लाइन में खड़े से गिर गए, इससे उनकी मौत हो गई। वह 24 फरवरी को अस्पताल आए थे, तभी चिकित्सक ने कुछ जांच कराने को पर्चे पर लिखा था। उस समय से लेकर बुजुर्ग की जांच नहीं हो पाई थी। परिवार वाले उनके शव अपने घर ले गए।
दातागंज कोतवाली क्षेत्र के ग्राम चितरी चंगासी निवासी ओमकार (70) को क्षयरोग से पीड़ित थे। परिजनों के मुताबिक उन्होंने करीब एक साल पहले टीबी की दवा खाई थी, जिससे वह ठीक हो गए थे। उसके बाद दवा बंद कर दी गई थी। कुछ दिन से फिर उन्हें परेशानी थी। इस पर 24 फरवरी को बेटा रामवीर और धर्मपाल ओमकार को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। क्षय रोग विभाग के चिकित्सक ने उनके पर्चे पर कफ, एचआईबी और कुछ अन्य टेस्ट लिखे थे। दूसरे दिन उन्होंने कफ आदि की जांच कराने को सैंपल दे दिया। बुधवार सुबह करीब दस बजे दोनों भाई बुजुर्ग को लेकर फिर जिला अस्पताल पहुंचे। रामवीर के मुताबिक उसके पिता ओमकार ब्लड की जांच कराने को रजिस्ट्रेशन की लाइन में खड़े थे। अचानक उन्हें चक्कर आया और वह नीचे बैठ गए। उसके बाद रामवीर लाइन में लग गए। कुछ देर बाद ओमकार की वहीं पर मौत हो गई। रजिस्ट्रेशन कराने के बाद जैसे ही रामवीर ने अपने पिता को उठाया कि उसके होश उड़ गए। उसकी चीख-पुकार सुनकर मौके पर दर्जनों लोग जमा हो गए। अस्पताल के कर्मचारी भी पहुंच गए। उन्हें तुरंत इमरजेंसी ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उसके बाद परिवार वाले ओमकार के शव को अपने घर ले गए।
बुजुर्ग को गंभीर हालत में जिला अस्पताल लाया गया था। उनकी एचआईबी जांच होनी थी। टीबी से उनके फेफड़े गल चुके थे। उसके शरीर में खून भी नहीं था, जिससे उनकी मौत हो गई। उसके परिवार वाले शव को अपने घर ले गए हैं।
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- डॉ. बीबी पुष्कर, सीएमएस जिला अस्पताल
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दातागंज कोतवाली क्षेत्र के ग्राम चितरी चंगासी निवासी ओमकार (70) को क्षयरोग से पीड़ित थे। परिजनों के मुताबिक उन्होंने करीब एक साल पहले टीबी की दवा खाई थी, जिससे वह ठीक हो गए थे। उसके बाद दवा बंद कर दी गई थी। कुछ दिन से फिर उन्हें परेशानी थी। इस पर 24 फरवरी को बेटा रामवीर और धर्मपाल ओमकार को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। क्षय रोग विभाग के चिकित्सक ने उनके पर्चे पर कफ, एचआईबी और कुछ अन्य टेस्ट लिखे थे। दूसरे दिन उन्होंने कफ आदि की जांच कराने को सैंपल दे दिया। बुधवार सुबह करीब दस बजे दोनों भाई बुजुर्ग को लेकर फिर जिला अस्पताल पहुंचे। रामवीर के मुताबिक उसके पिता ओमकार ब्लड की जांच कराने को रजिस्ट्रेशन की लाइन में खड़े थे। अचानक उन्हें चक्कर आया और वह नीचे बैठ गए। उसके बाद रामवीर लाइन में लग गए। कुछ देर बाद ओमकार की वहीं पर मौत हो गई। रजिस्ट्रेशन कराने के बाद जैसे ही रामवीर ने अपने पिता को उठाया कि उसके होश उड़ गए। उसकी चीख-पुकार सुनकर मौके पर दर्जनों लोग जमा हो गए। अस्पताल के कर्मचारी भी पहुंच गए। उन्हें तुरंत इमरजेंसी ले जाया गया, जहां चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उसके बाद परिवार वाले ओमकार के शव को अपने घर ले गए।
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बुजुर्ग को गंभीर हालत में जिला अस्पताल लाया गया था। उनकी एचआईबी जांच होनी थी। टीबी से उनके फेफड़े गल चुके थे। उसके शरीर में खून भी नहीं था, जिससे उनकी मौत हो गई। उसके परिवार वाले शव को अपने घर ले गए हैं।
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- डॉ. बीबी पुष्कर, सीएमएस जिला अस्पताल