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एमएनसीयू पहुंची मंडलीय चिकित्सकों की टीम, दुरुस्त मिली व्यवस्थाएं
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बदायूं। महिला अस्पताल के एमएनसीयू में शनिवार को सहारनपुर मंडलीय चिकित्सकों की तीन सदस्यीय टीम पहुंची। चिकित्सकों ने डिलीवरी कक्ष से लेकर केएमसी, एसएनसीयू वार्ड देखे और स्टॉफ से व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने कहा कि प्रदेश में पहली बार ऐसा एमएनसीयू देखा है ,जिसकी व्यवस्थाएं बिल्कुल ठीक हैं।
टीम में शामिल एसीएमओ सहारनपुर डॉ. विक्रम सिंह पुंडीर, एसीएमओ मुजफ्फरनगर डॉ. अरविंद पंवार और एसीएमओ शामली डॉ. सुशील कुमार शनिवार दोपहर महिला अस्पताल के एमएनसीयू पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले सौ शैय्या वार्ड के द्वितीय तल पर डिलीवरी रूम देखा। यहां की स्टाफ नर्सों से प्रसूताओं की डिलीवरी करने से लेकर नवजात के रखरखाव और उनके उपचार के बारे में जानकारी ली। उसके बाद उन्होंने एसएनसीयू और केएमसी वार्ड की विशेषताएं देखीं। डॉ. विक्रम सिंह पुंडीर ने कहा कि जन्म के बाद नवजात को मां के पास रहना चाहिए। मां नवजात को सीने से लगाकर रखे। इससे बच्चे के शरीर का तापमान महिला के तापमान के बराबर रहता है। इस दौरान सीएमएस डॉ. रेखा रानी, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप कुमार वार्ष्णेय, सीएल अग्रिमा आरती, डीसीपीएम अरविंद राना मौजूद रहे।
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टीम में शामिल एसीएमओ सहारनपुर डॉ. विक्रम सिंह पुंडीर, एसीएमओ मुजफ्फरनगर डॉ. अरविंद पंवार और एसीएमओ शामली डॉ. सुशील कुमार शनिवार दोपहर महिला अस्पताल के एमएनसीयू पहुंचे। उन्होंने सबसे पहले सौ शैय्या वार्ड के द्वितीय तल पर डिलीवरी रूम देखा। यहां की स्टाफ नर्सों से प्रसूताओं की डिलीवरी करने से लेकर नवजात के रखरखाव और उनके उपचार के बारे में जानकारी ली। उसके बाद उन्होंने एसएनसीयू और केएमसी वार्ड की विशेषताएं देखीं। डॉ. विक्रम सिंह पुंडीर ने कहा कि जन्म के बाद नवजात को मां के पास रहना चाहिए। मां नवजात को सीने से लगाकर रखे। इससे बच्चे के शरीर का तापमान महिला के तापमान के बराबर रहता है। इस दौरान सीएमएस डॉ. रेखा रानी, बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. संदीप कुमार वार्ष्णेय, सीएल अग्रिमा आरती, डीसीपीएम अरविंद राना मौजूद रहे।
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