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बदायूं के महिला अस्पताल में बनी देश की पहली एमएनसीयू

Mon, 30 Sep 2019 01:51 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 30 Sep 2019 01:51 AM IST
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Health
बदायूं। महिला अस्पताल में देश की पहला मदर एंड न्यू बोर्न केयर यूनिट (एमएनसीयू) बन गई है। अब तक अन्य जनपदों में केेवल कंगारू मदर केयर (केएमसी) यूनिट हैं जहां केवल बच्चों पर विशेष ध्यान दिया जाता था। एमएनसीयू इससे बिल्कुल अलग है। इसमें बच्चों के साथ मां का भी पूरा ख्याल रखा जाएगा। उनके लिए अलग से खाना खाने के लिए कक्ष की व्यवस्था की गई है।
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इसके अलावा दो बेड का अनुभव कक्ष भी बनाया गया है, जहां पुरुष महिला एमएनसीयू का अनुभव ले सकते हैं। केएमसी के तहत अब तक अन्य जनपदों में छह से 12 बेड हुआ करते थे, लेकिन बदायूं में 20 बेड के साथ इसकी शुरुआत की जा रही है। यहां जल्द ही न्यूयॉर्क से भी डॉक्टर निरीक्षण के लिए आने वाले हैं। सोमवार को सांसद डॉ. संघमित्रा मौर्य इसका लोकार्पण करेंगी। रविवार को सीडीओ निशा अनंत ने पत्रकारों से बातचीत में यह जानकारी दी।
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उन्होंने बताया कि देश भर में 2016 से केएमसी संचालित हैं। इसके तहत 69 जिलों में 170 जगह केएमसी लाउंज चल रहे हैं जहां बच्चों को मां के सीने से चिपकाकर रखा जाता है। इससे बच्चे के बचने की संभावना 25 प्रतिशत तक बढ़ जाती है। इसे ध्यान में रखते हुए केंद्र सरकार की ओर से 2018 में नई गाइड लाइन जारी की गई जिसके तहत केएमसी को एमएनसीयू में बदला गया है। उन्होंने बताया कि पहले केएमसी में एक कक्ष में माताओं और बच्चों को रखा जाता था। जहां पर केवल बच्चों पर पूरा फोकस होता था। माताओं पर उतना ध्यान नहीं दिया जाता था, लेकिन एमएनसीयू नई तकनीक पर आधारित है। इसके तहत लेबर रूम केएमसी लाउंज के पास में ही होगा। इस मौके पर कम्युनिटी एंपावरमेंट लैब, लखनऊ से आईं आरती साहू ने भी दावा किया कि बदायूं में देश की पहली एमएनसीयू होगी।
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पुरुषों के लिए डाली गईं चार केएमसी चेयर
केएमसी में जरूरी नहीं है कि मां ही बच्चे को अपने सीने से लगाकर रखें। इसके लिए पुरुष भी बच्चे को अपने साथ रख सकते हैं, लेकिन इसके लिए जरूरत है कि जो भी हो, वह पूर्ण रूप से स्वस्थ होना चाहिए। मां की तबीयत ठीक नहीं होने पर पुरुष इसमें सहभागिता निभा सकते हैं। ऐसे में पुरुषों के लिए चार केएमसी चेयर डाली गई हैं। जिसका इस्तेमाल होगा।

दो बेड का है ‘अनुभव कक्ष’
अगर कोई अविवाहित है या विवाहित है, लेकिन मौजूदा वक्त में कोई बच्चा नहीं है, और वह केएमसी लाउंज का अनुभव लेना चाहता है, तो इसके लिए भी अलग से व्यवस्था की गई है। ऐसे में एमएनसीयू के तहत दो बेड का अनुभव कक्ष खोला गया है। जहां पर ऐसे लोगों को ट्रेनिंग दी जाएगी कि वह बच्चा होने के बाद उसकी केयर कैसे करेंगे।

महिलाओं के लिए बना ‘डायनिंग रूम’
एमएनसीयू के तहत केएमसी लाउंज तो बनाया ही गया है, लेकिन इसके अलावा महिलाओं के लिए डायनिंग रूम भी बनाया गया है। जहां पर महिलाएं आराम से बैठकर खाना खा सकती हैं, जबकि पहले उस रूम में बेड पर बैठकर महिलाएं खाना खाती थीं।


आधुनिक शौचालय की भी सुविधा
यहां पर शहर से लेकर ग्रामीण अंचल तक की महिलाएं आएंगी। इसके लिए उनके हिसाब से शौचालयों की व्यवस्था भी की गई। सीडीओ ने बताया कि अंग्रेजी शौचालय से लेकर सादा शौचालय बनाए गए हैं। साथ ही महिलाओं के लिए नहाने की अलग से व्यवस्था की गई। इसके लिए बाकायदा स्टाफ को ट्रेनिंग दी गई है, जो वहां पर रहने वाली महिलाओं को सहयोग करेंगी।
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