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मुझे वो ताकत दीजिए कि सभी दल मुझसे बात करने के लिए मजबूर हो जाएं : सलीम शेरवानी

Thu, 07 Mar 2024 12:29 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 07 Mar 2024 12:29 AM IST
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Give me the strength to force all parties to talk to me: Salim Sherwani
संवाद न्यूज एजेंसी
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सहसवान (बदायूं)। मुझे आप वो ताकत दीजिए कि कांग्रेस, सपा, बसपा, भाजपा वाले मुझसे बात करने पर मजबूर हो जाएं। अब इस देश को बचाना है। ज्यादा मौका नहीं है। चुनाव की घोषणा 15-20 दिन में होगी। यह बात पूर्व केन्द्रीय मंत्री सलीम इकबाल शेरवानी ने यहां हुई सेक्युलर महापंचायत में कही। हालांकि पूरा आयोजन समाजवादी पार्टी की मुखाल्फत तक सिमट कर रह गया। शेरवानी ने तो अन्य दलों का नाम लिया लेकिन उनके साथ सपा छोड़ने वाले आबिद रजा के निशाने पर सिर्फ सपा अध्यक्ष रहे।
महापंचायत में जनता की ओर मुखातिब होकर पूर्व केंद्रीय मंत्री शेरवानी भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि इन्हें चुनाव के वक्त कब्रिस्तान, पाकिस्तान की बात याद आती है। मुसलमान गलत काम करता है तो उसे सजा मिले मैं इसका समर्थन करता हूं लेकिन बेवजह मुस्लिमों पर अत्याचार सहन नहीं होगा। उन्होंने कहा कि मुस्लिमों को सपा, बसपा में सम्मान नहीं मिलता। अब तक मुस्लिम भाजपा के खिलाफ सपा, बसपा में जाता है लेकिन अब वहां भी लोग पसंद नहीं करते। मुस्लिमों को केवल वोट के लिए इस्तेमाल किया जाता रहा। मैं तो लोगों से पूछता हूं कि कब तक हम इनकी बातों में आते रहेंगे हैं। आप मौका है आप अपने हक ओ हक़ूक़ को पाने के लिए आप एक रहनुमा चुनें मैं आपका और उन सभी सेक्युलर लोगों का रहनुमा बनने को तैयार हूं। जो इस देश का वासी है। 2024 का चुनाव अहम है। हाल ही में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय सचिव पद से इस्तीफा देने वाले ठाकुर योगेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि समाजवादी पार्टी की राजनीति केवल परिवार तक सीमित कर रह गई है।
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सियासी ताकत हासिल करने के लिए यह भी बोले

अगर आप मुझे रहनुमा बनाएं और फिर मैं आपसे कहूं कि आप अपना वोट गड्डे में डाल दीजिए तो आप गड्डे में डाल दीजिए तब मैं आपकी ताकत बनूंगा। अपने मुल्क का बहुत नुकसान हो चुका है। अगर कोई मुसलमान देश के साथ गद्दारी करता है तो आप सजा दीजिए मैं उसके साथ हूं लेकिन बेगुनाह मुसलमानों को जेल भेजा जाएगा। मस्जिदें गिराईं जाएंगी तो आपके साथ नहीं हूं। हमें हक की लड़ाई लड़नी है। हम पीछे नहीं हटेंगे।
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- सलीम इकबाल शेरवानी



पीडीए से ए गायब, एमवाई का बदल गया मतलब : आबिद रजा
सहसवान (बदायूं)। सपा से इस्तीफा दे चुके आबिद रजा ने सपा के एमवाई और पीडीए फार्मूले का जिक्र करते हुए सपा पर सियासी तीर चलाए। वह बोले पीडीए से अब ए यानि अल्पसंख्यक गायब हो गया। एमवाई का मतलब बदल गया। मुस्लिम और यादव की जगह महिलाएं और यूथ हो गया।
उन्होंने कहा कि ,अखिलेश यादव ने एम का मतलब बदल कर 25-30 साल से चली आ रही मुसलमानों की गलतफहमी दूर कर दी । मुसलमान इसलिए खौफ की जिंदगी जी रहा है क्योंकि उन्होंने समाजवादी पार्टी को वोट किया था। मुसलमान क्या केवल गुलामी करने के लिए पैदा हुआ है? मुसलमान के वोट की कद्र, कीमत, अहमियत अब सपा में खत्म हो चुकी है। कहा-आपका वोट नोट में तब्दील हो रहा है। इससे सपा की सियासी दुकान चल रही। ऐसे में मुसलमान को अब नए सिरे से सोचना होगा, वरना आने वाली नसलें मौजूदा मुसलमान को माफ नही करेंगी। मुसलमान को आने वाले लोकसभा चुनाव में नफरत की बुनियाद पर वोट नही करना चाहिए। सपा के पीडीए पर कहा कि इसमें पी का मतलब सिर्फ परिवार है। पीडीए में ब्राह्मण, वैश्य, कायस्थ, ठाकुर क्यों नहीं है? उन्होंने कहा कि पहले साइकिल पैरों से चलती थी लेकिन अब यह पेट्रोल से दौड़ती है।







यह भी रहे शामिल
पीयूष रंजन यादव, निषाद पार्टी के आनंद निषाद, साजिद अली, हाजी निहालुद्दीन, जमालुद्दीन, राशिद आदि ने भी पंचायत को संबोधित किया। कई लोगों ने समाजवादी पार्टी छोड़ने का ऐलान किया। जाहिद हुसैन, खालिद शेरवानी, साजिद अली, मुन्ने खां, प्यारे मियां, जमालुद्दीन, सलीम अहमद खां, सलीम सिद्दीकी, फैसल आदि मौजूद रहे।



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