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Budaun News: एनकाउंटर कर देती गाजियाबाद पुलिस, बदायूं पुलिस ने बचाई जान

Wed, 29 Jul 2026 11:46 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Wed, 29 Jul 2026 11:46 PM IST
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Ghaziabad Police would have staged an encounter; Budaun Police saved the life.
बरेली। शातिर अपराधियों की जान बचाने का मामला हो तो बदायूं पुलिस का कोई मुकाबला नहीं है। गाजियाबाद के जिस चर्चित विपिन हत्याकांड के मुख्य आरोपी सोनू को गाजियाबाद पुलिस व एसओजी एनकाउंटर करने के लिए तलाश रही थीं, उसे बदायूं की बिनावर थाना पुलिस ने तमंचे में गिरफ्तार कर जेल में दाखिल करा दिया। चर्चा है कि इसके पीछे मूल मुकदमे के साक्ष्य खुर्दबुर्द करने का तानाबाना बुन लिया गया है। बरेली के एसपी सिटी मानुष पारीक ने मामले में जांच शुरू कर दी है।
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अपराधियों के प्रति बदायूं पुलिस का मानवीय चेहरा कोई पहली बार सामने नहीं आया है। 27 नवंबर 2024 को बरेली के बिथरी थाना क्षेत्र के जनसेवा केंद्र संचालक नन्हे बाबू की ताबड़तोड़ तीन गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड के मुख्य आरोपी दो सगे भाई भूरे यादव और राजवीर यादव भाग गए थे। कुछ दिन बाद भूरे और राजवीर को बदायूं की सिविल लाइंस पुलिस ने मंडी चौकी के पास तमंचे में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस मामले में तगड़ी घूस लेने का आरोप लगा था। तत्कालीन मंडी चौकी प्रभारी वीरपाल समेत कई पुलिसकर्मी निलंबित हुए थे।
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हार्न बजाकर रास्ता मांगने पर हुई थी हत्या
गाजियाबाद के लोनी बॉर्डर थाने की रतिराम कॉलोनी में 12 जुलाई की रात बाइक का हॉर्न बजाकर रास्ता मांगने को लेकर विपिन की दो गोली मारकर हत्या की गई थी। मुख्य आरोपी सोनू तब से दिल्ली व अन्य स्थानों पर बचने के लिए जुगाड़ करता घूम रहा था। गाजियाबाद पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी पर 20 हजार का इनाम घोषित कर रखा था। विपिन के परिवार और बिरादरी के लोगों ने वहां के डीएम दफ्तर में अस्थियां रखकर प्रदर्शन किया तो एसओजी समेत कई टीमें सोनू की तलाश में लगाई गईं। सोनू की पत्नी, पिता व कई मददगार पकड़े गए, लेकिन वह हाथ नहीं आया। सोनू को डर था कि वह पकड़ा गया तो उसका एनकाउंटर हो सकता है।
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कैसे बरामद होगा असलहा, लोनी पुलिस की बढ़ी चुनौती
सोनू को बिनावर थाने के दरोगा बलवीर सिंह ने तमंचे के साथ गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। जमानत का कोई प्रयास नहीं होने पर उसे जेल भेज दिया गया। ऐसे में अब मुख्य मुकदमे के असलहे (पिस्टल) आदि की बरामदगी लोनी पुलिस की चिंता का विषय है। अगर बिनावर पुलिस को मिले असलहे को ही मूल असलहा माना गया तो विपिन के शरीर में लगी गोली का फॉरेंसिक जांच में इस तमंचे से मिलान होगा या नहीं, इसे लेकर भी संशय बना हुआ है। कानूनी पेंच फंसा और विवेचना में झोल हुई तो आरोपी को राहत मिल सकती है। लोनी बॉर्डर के एएसपी रामकिशन का कहना है कि आरोपी सोनू को रिमांड पर लेकर असलहा बरामदगी के लिए कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है।

अनजान बने बिनावर इंस्पेक्टर, जारी नहीं किया प्रेसनोट
बिनावर थाने के दरोगा बलवीर सिंह ने 23 जुलाई को करावल की पुलिया के पास से तमंचे समेत सोनू की गिरफ्तारी की थी। बलवीर सिंह के मुताबिक, आरोपी ने अपना नाम सोहनपाल उर्फ सूजल और खुद को दिल्ली का निवासी बताया था। पुलिस ने बिना जांच के उसे कोर्ट में पेश कर जेल भिजवा दिया। पुलिस ने आम मामलों की तरह इस गुडवर्क का प्रेसनोट तक जारी नहीं किया। 15 लाख रुपये लेन-देन की चर्चा के बीच थाना प्रभारी इंस्पेक्टर अरिहंत सिद्धार्थ इस मामले में बेहद सधा जवाब दे रहे हैं। वह कह रहे हैं कि हमें पता ही नहीं था कि वह आरोपी हकीकत में कौन है। जैसा मिला वैसी कार्रवाई कर दी।


जांच मिली है, सभी बिंदुओं पर पड़ताल के बाद कार्रवाई की जाएगी। गाजियाबाद व बदायूं के अधिकारियों से भी समन्वय करेंगे। - मानुष पारीक, एसपी सिटी बरेली
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