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मिल बंद हुई तो गन्ना किसानों ने घेर लिए हाईवे

badaun Updated Fri, 03 Apr 2015 11:50 PM IST
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चार दिन से मिल बंद रहने और किसानों की गन्ना लदे वाहन खड़े रहने पर भी कोई सार्थक पहल नहीं हुई। इससे किसानों का आक्रोश भड़क उठा। बीकेडी जिलाध्यक्ष राजेश सक्सेना और भाकपा नेता प्रेमपाल सिंह पटेल के नेतृत्व में किसानों ने बिल्सी मोड़ पर गन्ना लदी ट्रैक्टर ट्रॉलियां आड़ी-तिरछी लगाकर जाम लगा दिया। इससे बरेली-मथुरा, बदायूं-मेरठ और बदायूं-बिजनौर तीन हाईवे बंद हो गए। कुछ ही देर में सैकड़ाें वाहन और हजारों यात्री जाम में फंस गए। प्रशासनिक अधिकारियों को जानकारी मिली तो हड़कंप मच गया।
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एडीएम प्रशासन अशोक कुमार श्रीवास्तव, एसपी सिटी अनिल यादव, एसडीएम प्रदीप यादव और तहसीलदार राजमणि मिश्रा मौके पर पहुंच गए। मौके पर मिल के जीएम राजीव जैन को बुलाया गया। गन्ना तौल कराने के आश्वासन पर जाम खुला। पूर्वाह्न 11 से अपराह्न एक बजे तक तीन घंटा जाम के कारण यात्रियों को भारी मुसीबत झेलनी पड़ी। किसानों ने मिल के सामने कादरचौक मार्ग भी बंद कर दिया। मिल में जब तक तौल शुरू नहीं हुई किसान मिल में ही डटे रहे।

सहकारिता क्षेत्र की शेखूपुर चीनी मिल नो केन में चार दिन पहले बंद हुई। बाद में जब मिल चलाने की बात आई तो मिल कर्मचारियों ने वेतन भुगतान को लेकर काम करने से इंकार कर दिया। चौथे दिन मिल बंद रहने से सैकड़ों किसानों का गन्ना मिल पर नहीं उतर सका। किसानों के सब्र का बांध टूट गया, तो बीकेडी जिलाध्यक्ष और भाकपा नेता के नेतृत्व में किसानों ने यह कदम उठाया। बिल्सी मोड़ पर जाम लगा देने पर तीनों राजमार्गों के वाहन फंस गए। एडीएम के समझाने के बाद किसान के गन्ने की तौल कराने की शर्त पर राजी हुए।
प्रदर्शन और चक्का जाम में अनिल पटेल, वीर पाल सिंह यादव, मुकेश प्रधान, छविराम सिंह, विजेंद्र कुमार, जगभान सिंह, नरवेश सिंह, अजीत सिंह, गजेंद्र सिंह, धर्मेंद्र सिंह, आराम सिंह, किशन लाल, ब्रजभान सिंह, सत्येंद्र सिंह, गिरीश सिंह,एसर अली, राम स्वरूप, रक्षपाल सिंह, भगवान सिंह, संजीव, अशोक कुमार शर्मा,भुवनेश शर्मा आदि मौजूद रहे।

डायवर्जन रोड भी रोका
हाईवे पर जाम लगा तो कुछ वाहन चालकों ने शेखूपुर रोड से आवागमन शुरू कर लिया। किसानों को पता लगा तो उन्होंने इस मार्ग पर भर शेखूपुर मिल के सामने जाम लगा दिया।  

जयंती पर बालाजी मंदिर में फंसे भक्त
किसानों ने टैक्ट्रर ट्रॉलियां इस प्रकार से रोड पर लगाईं कि मार्ग से बाइक सवार भी नहीं निकल सके। महिला और बच्चों को वाहनों से उतरकर मीलों पैदल चलकर गंतव्य तक पहुंचना पड़ा। कई लोगों को यात्रा स्थगित करनी पड़ी। हनुमान जयंती पर उझानी रोड पर स्थित बालाजी मंदिर आने-जाने भक्तों को जाम के कारण भारी परेशानी उठानी पड़ी।

मिल में डटे रहे किसान नेता और अधिकारी
यहां बता दें कि जाम खुल जाने के बाद भी गन्ना की तौल पर कोई उपद्रव की स्थिति न बन जाए इसलिए एडीएम प्रशासन और पुलिस अधिकारी समेत सभी जिम्मेदार अधिकारी डटे रहे, क्योंकि किसान नेता राजेश सक्सेना और प्रेमपाल सिंह पटेल भी किसानों के साथ वहां मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री के नाम सौंपा पांच सूत्री ज्ञापन
जाम ओर प्रदर्शन के दौरान बीकेडी जिलाध्यक्ष राजेश सक्सेना ने किसानों की ओर से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एडीएम को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि कर्मचारियों की समस्याओं को समाप्त कर चीनी मिल जल्दी चालू कराई जाए। खराब मौसम में बर्बाद हुए किसानों से वसूली बंद की जाए और केसीसी का अवधि एक साल और बढ़ाई जाए। राहत के नाम पर सुविधा शुल्क लेने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो। भेदभाव मुक्त राहत दिलाई जाए। मिल की क्षमता बढ़ाकर इसे स्थाई तौर पर घाटे से मुक्त कराया जाए।
ज्ञापन में मांग की गई कि पीसीएफ में दो करोड़ के गेहूं घोटाले का पर्दाफाश कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए।

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