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Budaun News: परामर्श-दवा यहां लें... आरसीटी और फिलिंग कहीं और कराएं
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जिला अस्पताल में मरीज का इलाज करते दातों के डॉक्टर। संवाद
बदायूं। जिला अस्पताल के दंत रोग विभाग में परामर्श के साथ दवा देकर मरीज लौटाए जा रहे हैं। दांत में फिलिंग व रुट कैनाल ट्रीटमेंट (आरसीटी) की सुविधा मरीजों को नहीं मिल पा रही। इसके लिए सामग्री ही जिला अस्पताल में उपलब्ध नहीं है। वैसे तो मेडिकल कॉलेज भी शहर के करीब में संचालित है, लेकिन वहां दंत रोग विभाग नहीं है।
जिला अस्पताल के दंत रोग विभाग में 40 से 45 मरीज प्रत्येक दिन इलाज के लिए पहुंचते हैं। बेहतर इलाज नहीं होने के कारण निजी अस्पतालों में महंगी दर पर इलाज कराने के लिए मजबूर हो रहे हैं। जिम्मेदार इस समस्या को लेकर गंभीर नहीं हैं। शहर के मोहल्ला ऊपरपारा निवासी माजिद अपने रिश्तेदार के दांत संबंधी समस्या का इलाज कराने जिला अस्पताल पहुंचे तो उन्हें दवा देकर घर भेज दिया गया।
रामवीर के दांतों में दर्द था, वह दवा लेने अस्पताल पहुंचे थे। डॉक्टर ने दांतों में संक्रमण होने की बात कही। कहा कि दांत उखाड़ने होंगे। मना करने पर दवा लिखी और घर भेज दिया। मई गांव निवासी प्रदीप ने बताया कि दांतों में फिलिंग करानी थी तो अस्पताल पहुंचे, लेकिन डॉक्टर ने सुविधा न होने की बात कही। दर्द की दवा देकर कुछ दिन इंतजार करने की सलाह दी गई।
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शेखूपुर निवासी ओमप्रकाश ने बताया कि पिता के दांत में हमेशा दर्द रहता है। अस्पताल में डॉक्टर ने जांच की, उपयुक्त उपकरण न होने के कारण उनका बेहतर इलाज नहीं हो सका। बाहर इलाज कराना पड़ रहा है।
जिला अस्पताल में संसाधन हैं, लेकिन आरसीटी और फिलिंग की सामग्री नहीं है। टेंडर हो चुका है। आपूर्ति दो से चार दिन में आने की उम्मीद है। सामग्री आने के बाद दांतों में फिलिंग का काम शुरू कर दिया जाएगा। - डाॅ. संदीप सिंघल, दंत रोग विशेषज्ञ
फिलिंग के लिए आवश्यक सामग्री
जिला अस्पताल के दंत रोग विभाग में दांत में भरने वाला फिलिंग मेटेरियल नहीं हैं। दांतों को सोने, चीनी मिट्टी, चांदी के मिश्रण (जिसमें चांदी, टिन, जस्ता और तांबे के साथ पारा मिलाया जाता है) या दांतों के रंग, प्लास्टिक और कंपोजिट रेजिन फिलिंग नामक सामग्री से भरा जा सकता है। एक ऐसी सामग्री भी है जिसमें कांच के कण होते हैं और इसे ग्लास आयनोमर सीमेंट के रूप में जाना जाता है। अस्पताल में मौजूद नहीं है, जिससे मरीजों को फिलिंग की सुविधा नहीं मिल पा रही है।
मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा देने का प्रयास जारी है। यहां पर एडवांस डेंटलचेयर मशीन लगी है। इसमें पायरिया, दांत दर्द, फिलिंग, आरटीसी समेत अन्य बीमारियों का लेटेस्ट उपचार मिलता है। सामग्री के अभाव में फिलिंग की सुविधा उपलब्ध नहीं है। जल्द ही सामग्री आने के बाद यह सुविधा भी मरीजों को मिलने लगेगी। - डॉ. कप्तान सिंह, सीएमएस, जिला अस्पताल
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जिला अस्पताल के दंत रोग विभाग में 40 से 45 मरीज प्रत्येक दिन इलाज के लिए पहुंचते हैं। बेहतर इलाज नहीं होने के कारण निजी अस्पतालों में महंगी दर पर इलाज कराने के लिए मजबूर हो रहे हैं। जिम्मेदार इस समस्या को लेकर गंभीर नहीं हैं। शहर के मोहल्ला ऊपरपारा निवासी माजिद अपने रिश्तेदार के दांत संबंधी समस्या का इलाज कराने जिला अस्पताल पहुंचे तो उन्हें दवा देकर घर भेज दिया गया।
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रामवीर के दांतों में दर्द था, वह दवा लेने अस्पताल पहुंचे थे। डॉक्टर ने दांतों में संक्रमण होने की बात कही। कहा कि दांत उखाड़ने होंगे। मना करने पर दवा लिखी और घर भेज दिया। मई गांव निवासी प्रदीप ने बताया कि दांतों में फिलिंग करानी थी तो अस्पताल पहुंचे, लेकिन डॉक्टर ने सुविधा न होने की बात कही। दर्द की दवा देकर कुछ दिन इंतजार करने की सलाह दी गई।
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शेखूपुर निवासी ओमप्रकाश ने बताया कि पिता के दांत में हमेशा दर्द रहता है। अस्पताल में डॉक्टर ने जांच की, उपयुक्त उपकरण न होने के कारण उनका बेहतर इलाज नहीं हो सका। बाहर इलाज कराना पड़ रहा है।
जिला अस्पताल में संसाधन हैं, लेकिन आरसीटी और फिलिंग की सामग्री नहीं है। टेंडर हो चुका है। आपूर्ति दो से चार दिन में आने की उम्मीद है। सामग्री आने के बाद दांतों में फिलिंग का काम शुरू कर दिया जाएगा। - डाॅ. संदीप सिंघल, दंत रोग विशेषज्ञ
फिलिंग के लिए आवश्यक सामग्री
जिला अस्पताल के दंत रोग विभाग में दांत में भरने वाला फिलिंग मेटेरियल नहीं हैं। दांतों को सोने, चीनी मिट्टी, चांदी के मिश्रण (जिसमें चांदी, टिन, जस्ता और तांबे के साथ पारा मिलाया जाता है) या दांतों के रंग, प्लास्टिक और कंपोजिट रेजिन फिलिंग नामक सामग्री से भरा जा सकता है। एक ऐसी सामग्री भी है जिसमें कांच के कण होते हैं और इसे ग्लास आयनोमर सीमेंट के रूप में जाना जाता है। अस्पताल में मौजूद नहीं है, जिससे मरीजों को फिलिंग की सुविधा नहीं मिल पा रही है।
मरीजों को बेहतर इलाज की सुविधा देने का प्रयास जारी है। यहां पर एडवांस डेंटलचेयर मशीन लगी है। इसमें पायरिया, दांत दर्द, फिलिंग, आरटीसी समेत अन्य बीमारियों का लेटेस्ट उपचार मिलता है। सामग्री के अभाव में फिलिंग की सुविधा उपलब्ध नहीं है। जल्द ही सामग्री आने के बाद यह सुविधा भी मरीजों को मिलने लगेगी। - डॉ. कप्तान सिंह, सीएमएस, जिला अस्पताल