फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Budaun News ›   Ganga Maiya has been longing for a ghat for years

Budaun News: सालों से एक अदद घाट को तरस रहीं गंगा मैय्या

Fri, 27 Sep 2024 08:57 PM IST
बरेली ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं Updated Fri, 27 Sep 2024 08:57 PM IST
विज्ञापन
Ganga Maiya has been longing for a ghat for years
कछला घाट पर गंगा आरती करते पुरोहित। फाइल फोटो
उझानी/ कछला। गंगाघाट को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने के लिए शासन स्तर पर कई योजनाएं बनाई गईं, मगर अफसोस वह धरातल पर नहीं उतर सकीं। दावा किया कि कछला में हरिद्वार की तर्ज पर पक्के घाट बनेंगे। प्रस्ताव बनाया गया, 19 करोड़ रुपये बजट पास कराने का दावा किया जा रहा है। लेकिन, आज तक कोई काम नहीं हो सका।
विज्ञापन

जिले में पर्यटन के लिहाज से कछला स्थित गंगा में प्रत्येक साल लाखों लोग आते हैं। राजस्थान, मध्यप्रदेश समेत यूपी के कासगंज, एटा, हाथरस, मथुरा, आगरा, बरेली जिले से पूर्णिमा और विशेष स्नान पर्वों पर भीड़ जुटती है। कछला घाट बदायूं, एटा और कासगंज जिले की सीमा से जुड़ा है।
विज्ञापन

एक दशक पूर्व मध्य प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती गंगोत्री से गंगा सागर तक यात्रा के तहत यहां घाट पर आई थीं। तब उन्होंने गंगाघाट को विकसित करने की बात कही थी। इसके बाद केंद्र और प्रदेश सरकार के मंत्रियों ने कछला में हरिद्वार की तर्ज पर पक्के घाट और सुविधाएं मुहैया कराने को वादे किए। यही नहीं, प्रदेश सरकार में तत्कालीन जल शक्ति मंत्री धर्मपाल सिंह ने भी अपने मंत्रालय से काम कराने का ऐलान किया था। लेकिन धरातल पर आज तक कोई काम नहीं हो सका। घाट पहले की तरह ही हैं। बता दें कि कछला में पर्यटक आवास गृह भी था, लेकिन देखरेख के अभाव में जर्जर हो जाने पर उसे नीलाम कर दिया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन



केंद्रीय मंत्री बीएल वर्मा ने स्वीकृत कराए थे 19 करोड़ रुपये
- गंगाघाट के विकास के लिए केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा ने फरवरी माह में प्रदेश के पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह को प्रस्ताव सौंपा था। इसके बाद डीपीआर तैयार हुई। शासनादेश के साथ ही 19 करोड़ रुपये स्वीकृत कर दिए जाने का दावा भी किया गया। इसके तहत सौंदर्यीकरण के साथ ही पक्के घाट, प्रकाश व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए टिनशेड आदि का निर्माण भी प्रस्तावित था। लेकिन, कोई काम आज तक नहीं हो सका है।


बनारस की तर्ज पर होती है शाम को महाआरती
- कछला में आकर्षण की बात करें तो शाम को यहां बनारस की तर्ज पर होने वाली आरती का नजारा काफी लुभावना होता है। केंद्रीय राज्यमंत्री बीएल वर्मा की सांसद निधि से यहां आरती स्थल बना। इसके अलावा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिहाज से गंगा किनारे विश्राम गृह बनाया गया है।


- गंगाघाट पर कोई विशेष सुविधा नहीं है। घाट को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित किया जाना चाहिए। अभी तक कोई योजना अमल में नहीं लाई गई है। - जगदीश कश्यप, कछला

- पक्के घाट बन जाने के बाद हादसों में कमी आएगी। गंगा स्नान करते समय जोखिम कम हो जाएगा। इसके लिए सरकार समेत ठोस कदम उठाने चाहिए। संसाधनों भी मुहैया कराए जाएं।- मुकेश गौतम, कछला



गंगाघाट को पर्यटक स्थल के रूप में विकसित करने के लिए 19 करोड़ रुपये का प्लान बनाया गया था। इसके तहत यहां घाट, पार्किंग, स्नानघर, प्लेटफार्म आदि बनाए जाने थे। लेकिन डेढ़ साल पहले यह प्लान नमामि गंगे योजना के पास चला गया। अब वहीं से काम होगा।

- मनीष कुमार, पर्यटन निरीक्षक

कछला घाट पर गंगा आरती करते पुरोहित। फाइल फोटो

कछला घाट पर गंगा आरती करते पुरोहित। फाइल फोटो

कछला घाट पर गंगा आरती करते पुरोहित। फाइल फोटो

कछला घाट पर गंगा आरती करते पुरोहित। फाइल फोटो

कछला घाट पर गंगा आरती करते पुरोहित। फाइल फोटो

कछला घाट पर गंगा आरती करते पुरोहित। फाइल फोटो

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed