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गंगा एक्सप्रेस-वे: पापड़ गांव में हटाया जाएगा बरी वाले बाबा का प्रसिद्ध मंदिर
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बदायूं/दातागंज। मेरठ से प्रयागराज तक जाने वाले गंगा एक्सप्रेस-वे की राह में आने वाली दातागंज तहसील के गांव पापड़ स्थित बरी वाले बाबा का प्रसिद्ध मंदिर हटाया जाएगा। लोगों की आस्था और जनभावनाओं को ध्यान में रखते हुए दातागंज विधायक राजीव कुमार सिंह ने इसे लेकर अपर मुख्य सचिव और यूपीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी अवनीश अवस्थी से मुलाकात की। उन्होंने धर्म स्थल को दूसरी जगह शिफ्ट कराने की मांग की है।
मेरठ से प्रयागराज तक जाने वाला 592 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेस-वे जिले की चार तहसीलों के 84 गांवों से होकर गुजरेगा। बदायूं में एक्सप्रेस-वे 92 किमी की दूरी तय करेगा। बिसौली के 37, दातागंज के 27, बदायूं के 18 और बिल्सी तहसील के दो गांवों में एक्सप्रेस-वे के लिए करीब 1100 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। भूमि अधिग्रहण का काम भी करीब 85 फीसदी पूरा हो चुका है। गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए जिन किसानों की जमीन ली जा रही है उनको सर्किल रेट से चार गुना मुआवजा दिया जा रहा है। एक्सप्रेेस-वे की राह में आने वाली सरकारी भवन, धर्मस्थल, लघु औद्योगिक संस्थान, नलकूप आदि का भी यूपीडा के पक्ष में अधिग्रहण होना है।
बताया जा रहा है कि एक्सप्रेस-वे के लिए जो संरेखण किया गया है उसमें किसी तरह का बदलाव अब नहीं हो सकता। संरेखण और एक्सप्रेस-वे के नक्शे में पापड़ गांव का प्रसिद्ध बरी वाले बाबा का का मंदिर भी आ रहा है। इस मंदिर को भी यहां से हटाया जाना है। मंदिर से भारी संख्या में लोगों की आस्था जुड़ी है। ऐसे में दातागंज विधायक के स्तर से मंदिर को दूसरी जगह शिफ्ट कराने के लिए शासन स्तर पर पैरवी की जा रही है। अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने विधायक को आस्था और जनभावनाओं को देखते हुए मंदिर के लिए जमीन चिह्नित कराकर दूसरे स्थान पर शिफ्ट कराने का भरोसा दिया है।
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पापड़ में जंक्शन बनाने का दिया प्रस्ताव
दातागंज विधायक की ओर से शासन और यूपीडा को पापड़ में गंगा एक्सप्रेस-वे पर जंक्शन बनाने का प्रस्ताव भी दिया गया है। अगर यहां जंक्शन बनता है तो पूरे जिले को लाभ होगा। दरअसल, दातागंज की सीमा पड़ोसी जिले बरेली और शाहजहांपुर से भी जुड़ती है। एक्सप्रेस-वे संभल जिले से बदायूं जिले में आएगा और दातागंज होते हुए शाहजहांपुर की ओर निकलेगा। बरेली जिले की सीमा में एक्सप्रेस-वे नहीं होगा। जंक्शन बनने से बरेली के लोगों को भी इसका लाभ मिलेगा।
इस तरह होगी एक्सप्रेस-वे की संरचना
एक्सप्रेस-वे छह लेन चौड़ा और आठ लेन में विस्तारणीय होगा। इसकी संरचना आठ लेन चौड़ाई की बनाई जाएगी। एक्सप्रेसवे के राइट आफ-वे (आरओडब्ल्यू) की चैड़ाई 120 मीटर प्रस्तावित है। एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर आवश्यकता के हिसाब से सर्विस रोड बनाई जाएगी। इससे एक्सप्रेस-वे के आसपास के गांव के ग्रामीणों को आवागमन में सुगमता रहेगी।
पापड़ का प्रसिद्ध बरी वाले बाबा का मंदिर एक्सप्रेस-वे के रास्ते में आ रहा है। इसे हटाया जाना है। मंदिर से भारी संख्या में लोगों की आस्था और जनभावनाएं जुड़ी हुई हैं। मंदिर को न हटाया जाए इसको लेकर मैंने अपर मुख्य सचिव और यूपीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी अवनीश अवस्थी से मुलाकात की है। उनका कहना है कि एक्सप्रेस-वे का संरेखण नहीं बदला जा सकता, लेकिन धर्म स्थल को जनभावनाओं के अनुसार दूसरी जगह शिफ्ट कराया जाएगा। मेरी ओर से पापड़ में एक्सप्रेस-वे पर जंक्शन का प्रस्ताव भी दिया गया है।
एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि अधिग्रहण समेत सभी कार्य तय रूप रेखा के अनुसार चल रहे हैं। यूपीडा की देखरेख में ही सभी काम किए जा रहे हैं। धर्म स्थल को शिफ्ट किए जाने संबंधी कोई मामला अब तक मेरे संज्ञान में नहीं है। जिस तरह के भी दिशानिर्देश मिलते हैं उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। - नरेंद्र बहादुर सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व
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मेरठ से प्रयागराज तक जाने वाला 592 किलोमीटर लंबा गंगा एक्सप्रेस-वे जिले की चार तहसीलों के 84 गांवों से होकर गुजरेगा। बदायूं में एक्सप्रेस-वे 92 किमी की दूरी तय करेगा। बिसौली के 37, दातागंज के 27, बदायूं के 18 और बिल्सी तहसील के दो गांवों में एक्सप्रेस-वे के लिए करीब 1100 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। भूमि अधिग्रहण का काम भी करीब 85 फीसदी पूरा हो चुका है। गंगा एक्सप्रेस-वे के लिए जिन किसानों की जमीन ली जा रही है उनको सर्किल रेट से चार गुना मुआवजा दिया जा रहा है। एक्सप्रेेस-वे की राह में आने वाली सरकारी भवन, धर्मस्थल, लघु औद्योगिक संस्थान, नलकूप आदि का भी यूपीडा के पक्ष में अधिग्रहण होना है।
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बताया जा रहा है कि एक्सप्रेस-वे के लिए जो संरेखण किया गया है उसमें किसी तरह का बदलाव अब नहीं हो सकता। संरेखण और एक्सप्रेस-वे के नक्शे में पापड़ गांव का प्रसिद्ध बरी वाले बाबा का का मंदिर भी आ रहा है। इस मंदिर को भी यहां से हटाया जाना है। मंदिर से भारी संख्या में लोगों की आस्था जुड़ी है। ऐसे में दातागंज विधायक के स्तर से मंदिर को दूसरी जगह शिफ्ट कराने के लिए शासन स्तर पर पैरवी की जा रही है। अपर मुख्य सचिव अवनीश अवस्थी ने विधायक को आस्था और जनभावनाओं को देखते हुए मंदिर के लिए जमीन चिह्नित कराकर दूसरे स्थान पर शिफ्ट कराने का भरोसा दिया है।
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पापड़ में जंक्शन बनाने का दिया प्रस्ताव
दातागंज विधायक की ओर से शासन और यूपीडा को पापड़ में गंगा एक्सप्रेस-वे पर जंक्शन बनाने का प्रस्ताव भी दिया गया है। अगर यहां जंक्शन बनता है तो पूरे जिले को लाभ होगा। दरअसल, दातागंज की सीमा पड़ोसी जिले बरेली और शाहजहांपुर से भी जुड़ती है। एक्सप्रेस-वे संभल जिले से बदायूं जिले में आएगा और दातागंज होते हुए शाहजहांपुर की ओर निकलेगा। बरेली जिले की सीमा में एक्सप्रेस-वे नहीं होगा। जंक्शन बनने से बरेली के लोगों को भी इसका लाभ मिलेगा।
इस तरह होगी एक्सप्रेस-वे की संरचना
एक्सप्रेस-वे छह लेन चौड़ा और आठ लेन में विस्तारणीय होगा। इसकी संरचना आठ लेन चौड़ाई की बनाई जाएगी। एक्सप्रेसवे के राइट आफ-वे (आरओडब्ल्यू) की चैड़ाई 120 मीटर प्रस्तावित है। एक्सप्रेस-वे के दोनों ओर आवश्यकता के हिसाब से सर्विस रोड बनाई जाएगी। इससे एक्सप्रेस-वे के आसपास के गांव के ग्रामीणों को आवागमन में सुगमता रहेगी।
पापड़ का प्रसिद्ध बरी वाले बाबा का मंदिर एक्सप्रेस-वे के रास्ते में आ रहा है। इसे हटाया जाना है। मंदिर से भारी संख्या में लोगों की आस्था और जनभावनाएं जुड़ी हुई हैं। मंदिर को न हटाया जाए इसको लेकर मैंने अपर मुख्य सचिव और यूपीडा के मुख्य कार्यपालक अधिकारी अवनीश अवस्थी से मुलाकात की है। उनका कहना है कि एक्सप्रेस-वे का संरेखण नहीं बदला जा सकता, लेकिन धर्म स्थल को जनभावनाओं के अनुसार दूसरी जगह शिफ्ट कराया जाएगा। मेरी ओर से पापड़ में एक्सप्रेस-वे पर जंक्शन का प्रस्ताव भी दिया गया है।
एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि अधिग्रहण समेत सभी कार्य तय रूप रेखा के अनुसार चल रहे हैं। यूपीडा की देखरेख में ही सभी काम किए जा रहे हैं। धर्म स्थल को शिफ्ट किए जाने संबंधी कोई मामला अब तक मेरे संज्ञान में नहीं है। जिस तरह के भी दिशानिर्देश मिलते हैं उसके अनुसार कार्रवाई की जाएगी। - नरेंद्र बहादुर सिंह, एडीएम वित्त एवं राजस्व