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गंगा एक्सप्रेस-वे : करकटपुर में पेंच फंसा, शुरू नहीं हुआ काम
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बंद पड़ा गंगा एक्सप्रेस-वे का काम। संवाद
- फोटो : BADAUN
वजीरगंज। गंगा एक्सप्रेस-वे को लेकर वजीरगंज के गांव करकटपुर में पेंच फंस गया है। यहां अब भी काम शुरू नहीं हो सका है। दरअसल, गांव के लोगों ने बुधवार (20 जुलाई) को विरोध करते हुए काम रुकवा दिया था।
ग्रामीणों का आरोप था कि एक्सप्रेस-वे के लिए अतिरिक्त जमीन ली जा रही है। कई ऐसे किसान हैं जिनकी जमीन का बैनामा एक्सप्रेस-वे के लिए नहीं कराया गया और उनकी जमीन पर काम शुरू करा दिया गया है।
मेरठ से प्रयागराज तक करीब 594 किमी लंबा गंगा एक्सप्रेस-वे बदायूं की चार तहसीलों के 85 गांवों से होता हुआ गुजरेगा। एक्सप्रेस-वे बदायूं में करीब 95 किमी दूरी तय करेगा। एक्सप्रेस-वे बिसौली तहसील के 38, दातागंज तहसील के 27, सदर के 18 और बिल्सी तहसील के दो गांव से होता हुआ गुजरेगा। दस अप्रैल को एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि के समतलीकरण का काम शुरू हुआ था।
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अब तक काम गति नहीं पकड़ सका है। दरअसल, यूपीडा ने कार्यदायी संस्था एसजी इंफ्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड को जो निशान लगा कर दिए थे वह गलत थे। ऐसे में किसानों ने विरोध शुरू कर दिया था। जिले भर में विरोध में बीच फिर से पैमाइश कराई गई तो पता लगा कि रेखांकन में चूक हुई है।
नए सिरे से पैमाइश के बाद काम शुरू हुआ, लेकिन फिर से विरोध होने लगा। बृहस्पतिवार को एसडीएम बिसौली ज्योति शर्मा राजस्व टीम के साथ खुद मौके पर पहुंची और पैमाइश कराई। करकटपुर और आस-पास के गांव के उदयवीर, अरविंद, विपिन, उर्मिला देवी, बबली, मदन लाल, योगेश, जगदीश, शिवशंकर, सुभाष, ओमवती, विनय कुमार आदि का कहना है कि लेखपाल और कानूनगो ने नक्शा दुरुस्त कराने की बात कही है। ग्रामीणों का कहना है कि सही पैमाइश पर ही वह काम होने देंगे।
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जहां भी शिकायत मिल रही हैं पैमाइश कराई जा रही है। राजस्व टीमों को लगाया गया है। ग्रामीणों को किसी तरह की समस्या नहीं होगी। उनकी जितनी भूमि ली गई है उसी पर काम होगा। ग्रामीणों की शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है।
-ज्योति शर्मा, एसडीएम बिसौली
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ग्रामीणों का आरोप था कि एक्सप्रेस-वे के लिए अतिरिक्त जमीन ली जा रही है। कई ऐसे किसान हैं जिनकी जमीन का बैनामा एक्सप्रेस-वे के लिए नहीं कराया गया और उनकी जमीन पर काम शुरू करा दिया गया है।
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मेरठ से प्रयागराज तक करीब 594 किमी लंबा गंगा एक्सप्रेस-वे बदायूं की चार तहसीलों के 85 गांवों से होता हुआ गुजरेगा। एक्सप्रेस-वे बदायूं में करीब 95 किमी दूरी तय करेगा। एक्सप्रेस-वे बिसौली तहसील के 38, दातागंज तहसील के 27, सदर के 18 और बिल्सी तहसील के दो गांव से होता हुआ गुजरेगा। दस अप्रैल को एक्सप्रेस-वे के लिए भूमि के समतलीकरण का काम शुरू हुआ था।
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अब तक काम गति नहीं पकड़ सका है। दरअसल, यूपीडा ने कार्यदायी संस्था एसजी इंफ्रा इंजीनियरिंग लिमिटेड को जो निशान लगा कर दिए थे वह गलत थे। ऐसे में किसानों ने विरोध शुरू कर दिया था। जिले भर में विरोध में बीच फिर से पैमाइश कराई गई तो पता लगा कि रेखांकन में चूक हुई है।
नए सिरे से पैमाइश के बाद काम शुरू हुआ, लेकिन फिर से विरोध होने लगा। बृहस्पतिवार को एसडीएम बिसौली ज्योति शर्मा राजस्व टीम के साथ खुद मौके पर पहुंची और पैमाइश कराई। करकटपुर और आस-पास के गांव के उदयवीर, अरविंद, विपिन, उर्मिला देवी, बबली, मदन लाल, योगेश, जगदीश, शिवशंकर, सुभाष, ओमवती, विनय कुमार आदि का कहना है कि लेखपाल और कानूनगो ने नक्शा दुरुस्त कराने की बात कही है। ग्रामीणों का कहना है कि सही पैमाइश पर ही वह काम होने देंगे।
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जहां भी शिकायत मिल रही हैं पैमाइश कराई जा रही है। राजस्व टीमों को लगाया गया है। ग्रामीणों को किसी तरह की समस्या नहीं होगी। उनकी जितनी भूमि ली गई है उसी पर काम होगा। ग्रामीणों की शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जा रहा है।
-ज्योति शर्मा, एसडीएम बिसौली