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Budaun News: बनेंगे चार लघु सेतु, 12 करोड़ की लागत से सुधरेगा ग्रामीण आवागमन
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सेवा नगला से महुआ खेड़ा देवी मंदिर मार्ग। संवाद
बदायूं। ग्रामीण अंचलों में दशकों से चली आ रही आवागमन की समस्या अब दूर होने जा रही है। बरसात के मौसम में जब नालों और नदियों में पानी भर जाता है, तो कई गांवों का संपर्क मुख्य मार्गों से टूट जाता था। राहगीरों को घंटों का सफर तय करने के बावजूद सुरक्षित रास्ता नहीं मिल पाता था। इन परेशानियों को ध्यान में रखते हुए लोक निर्माण विभाग ने जिले में चार लघु सेतु निर्माण की योजना तैयार की है। इन परियोजनाओं पर करीब 12 करोड़ रुपये खर्च होंगे। सेतु बनने से जहां ग्रामीणों को बरसात के दिनों में राहत मिलेगी, वहीं गांवों को सीधा मुख्य मार्गों से जोड़ने में भी मदद मिलेगी।
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पहला सेतु :
दातागंज तहसील क्षेत्र के बसेला से बेनी नगला होते हुए अभयपुर मार्ग पर बेनी नगला और अभयपुर गांव के बीच लघु सेतु प्रस्तावित है। इस क्षेत्र में बरसात के दौरान जलभराव और मिट्टी कटान से ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। करीब दो किलोमीटर लंबे पहुंच मार्ग के साथ इस सेतु का निर्माण किया जाएगा। इस पर लगभग 3.07 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसके बन जाने से अभयपुर और आसपास के गांवों का सीधा संपर्क दातागंज मुख्य मार्ग से स्थापित होगा।
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दूसरा सेतु :
उसहैत क्षेत्र के अटेना से प्रेमी नगला मार्ग पर बनाया जाएगा। यहां के ग्रामीण बरसात के दिनों में अक्सर पानी भरने से रास्ता बंद हो जाने की शिकायत करते रहे हैं। सेतु के साथ आधा किलोमीटर का पहुंच मार्ग भी तैयार किया जाएगा। इस परियोजना की लागत 3.05 करोड़ रुपये तय की गई है। इसके बाद अटेना, प्रेमी नगला और आसपास के गांवों के लोगों को जिला मुख्यालय तक सुगम आवाजाही मिल सकेगी।
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तीसरा सेतु :
आनंदपुर से करौरा- सैदपुर मार्ग पर यह सेतु प्रस्तावित है। यह मार्ग ग्रामीण अंचल को जोड़ने में महत्वपूर्ण है, लेकिन यहां बारिश के मौसम में जलभराव से स्थिति बिगड़ जाती है। योजना के तहत लगभग एक किलोमीटर लंबे पहुंच मार्ग के साथ यह लघु सेतु तैयार होगा। इस पर 2.22 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके बनने से न केवल ग्रामीणों को राहत मिलेगी, बल्कि कृषि उपज को बाजार तक ले जाना भी आसान हो जाएगा।
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चौथा सेतु :
म्याऊं क्षेत्र के सेवा नगला से महुआ खेड़ा देवी मंदिर मार्ग पर अरिल नदी पर यह सेतु बनेगा। बरसात के मौसम में अरिल नदी का जलस्तर बढ़ने से यहां का रास्ता पूरी तरह से कट जाता है और ग्रामीण लंबे समय तक गांवों में ही फंसे रहते हैं। अब लगभग सवा दो किलोमीटर लंबे पहुंच मार्ग सहित यह सेतु तैयार होगा। परियोजना पर 3.72 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसके निर्माण से धार्मिक स्थल महुआ खेड़ा देवी मंदिर तक पहुंच आसान होगी और आसपास के गांव भी मुख्य मार्ग से सीधे जुड़ जाएंगे।
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ग्रामीणों को मिलेगा लाभ
चारों लघु सेतु के बनने से दर्जनों गांवों के हजारों ग्रामीण सीधे लाभान्वित होंगे। खासकर स्कूली बच्चों, मरीजों और किसानों को राहत मिलेगी। अभी तक बारिश के मौसम में बच्चों को स्कूल जाने और बीमार लोगों को अस्पताल ले जाने में बड़ी समस्या होती थी। खेतों की उपज भी समय से मंडी तक नहीं पहुंच पाती थी। अब इन सभी समस्याओं से छुटकारा मिलेगा।
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प्रशासनिक तैयारी
लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन नरेश पाल सिंह ने बताया कि इन चारों योजनाओं की डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार कर शासन को भेज दी गई है। शासन से स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि विभाग का प्रयास है कि आने वाले एक-दो वर्षों में इन सभी परियोजनाओं को पूरा कर ग्रामीणों को बेहतर सुविधा दी जा सके।
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पहला सेतु :
दातागंज तहसील क्षेत्र के बसेला से बेनी नगला होते हुए अभयपुर मार्ग पर बेनी नगला और अभयपुर गांव के बीच लघु सेतु प्रस्तावित है। इस क्षेत्र में बरसात के दौरान जलभराव और मिट्टी कटान से ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। करीब दो किलोमीटर लंबे पहुंच मार्ग के साथ इस सेतु का निर्माण किया जाएगा। इस पर लगभग 3.07 करोड़ रुपये की लागत आएगी। इसके बन जाने से अभयपुर और आसपास के गांवों का सीधा संपर्क दातागंज मुख्य मार्ग से स्थापित होगा।
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दूसरा सेतु :
उसहैत क्षेत्र के अटेना से प्रेमी नगला मार्ग पर बनाया जाएगा। यहां के ग्रामीण बरसात के दिनों में अक्सर पानी भरने से रास्ता बंद हो जाने की शिकायत करते रहे हैं। सेतु के साथ आधा किलोमीटर का पहुंच मार्ग भी तैयार किया जाएगा। इस परियोजना की लागत 3.05 करोड़ रुपये तय की गई है। इसके बाद अटेना, प्रेमी नगला और आसपास के गांवों के लोगों को जिला मुख्यालय तक सुगम आवाजाही मिल सकेगी।
तीसरा सेतु :
आनंदपुर से करौरा- सैदपुर मार्ग पर यह सेतु प्रस्तावित है। यह मार्ग ग्रामीण अंचल को जोड़ने में महत्वपूर्ण है, लेकिन यहां बारिश के मौसम में जलभराव से स्थिति बिगड़ जाती है। योजना के तहत लगभग एक किलोमीटर लंबे पहुंच मार्ग के साथ यह लघु सेतु तैयार होगा। इस पर 2.22 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके बनने से न केवल ग्रामीणों को राहत मिलेगी, बल्कि कृषि उपज को बाजार तक ले जाना भी आसान हो जाएगा।
चौथा सेतु :
म्याऊं क्षेत्र के सेवा नगला से महुआ खेड़ा देवी मंदिर मार्ग पर अरिल नदी पर यह सेतु बनेगा। बरसात के मौसम में अरिल नदी का जलस्तर बढ़ने से यहां का रास्ता पूरी तरह से कट जाता है और ग्रामीण लंबे समय तक गांवों में ही फंसे रहते हैं। अब लगभग सवा दो किलोमीटर लंबे पहुंच मार्ग सहित यह सेतु तैयार होगा। परियोजना पर 3.72 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है। इसके निर्माण से धार्मिक स्थल महुआ खेड़ा देवी मंदिर तक पहुंच आसान होगी और आसपास के गांव भी मुख्य मार्ग से सीधे जुड़ जाएंगे।
ग्रामीणों को मिलेगा लाभ
चारों लघु सेतु के बनने से दर्जनों गांवों के हजारों ग्रामीण सीधे लाभान्वित होंगे। खासकर स्कूली बच्चों, मरीजों और किसानों को राहत मिलेगी। अभी तक बारिश के मौसम में बच्चों को स्कूल जाने और बीमार लोगों को अस्पताल ले जाने में बड़ी समस्या होती थी। खेतों की उपज भी समय से मंडी तक नहीं पहुंच पाती थी। अब इन सभी समस्याओं से छुटकारा मिलेगा।
प्रशासनिक तैयारी
लोक निर्माण विभाग के एक्सईएन नरेश पाल सिंह ने बताया कि इन चारों योजनाओं की डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार कर शासन को भेज दी गई है। शासन से स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने बताया कि विभाग का प्रयास है कि आने वाले एक-दो वर्षों में इन सभी परियोजनाओं को पूरा कर ग्रामीणों को बेहतर सुविधा दी जा सके।