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डेंगू से चार की मौत, 32 नए रोगी मिले, राज्यमंत्री बरेली रेफर
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बदायूं। डेंगू के लगातार बढ़ रहे प्रकोप और मौतों के बीच स्वास्थ्य विभाग आंकड़ेबाजी कर रहा है। जिले में अलग-अलग स्थानों पर डेढ़ महीने में 50 से ज्यादा मौतें बुखार और डेंगू से हो चुकी हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में मौतें शून्य हैं। चौबीस घंटे में अलग-अलग स्थानों पर बुखार और डेंगू से चार लोगों की मौत हो गई। जबकि डेंगू पीड़ित नगर विकास राज्यमंत्री महेश चंद्र गुप्ता को बरेली रेफर कर दिया गया है। शुक्रवार को जिले में डेंगू के 32 नए रोगी मिले हैं।
बुखार से ताजा मौतें बिल्सी के रिसौली, उझानी के संजरपुर और सालारपुर के यूसुफप़ुर में हुई हैं। बिल्सी के गांव रिसौली में बुखार और डेंगू का प्रकोप बना हुआ है। गांव निवासी सौरभ माहेश्वरी पत्रकार हैं। उनके बड़े भाई 40 वर्षीय अरुण माहेश्वरी उर्फ टाइगर को कई दिन से बुखार आ रहा था। जांच में डेंगू की पुष्टि हुई थी। शुक्रवार को उनकी मौत हो गई। रिसौली में अब तक चार डेंगू पीड़ित मिल चुके हैं। सालारपुर के यूसुफनगर में दो लोगों की मौत हुई है।
यूसुफपुर का 20 वर्षीय रतिभान पुत्र पप्पू दिल्ली में रहकर नौकरी करता था। वहां उसे बुखार आया तो वह अपने घर चला आया। यहां निजी लैब ने उसे डेंगू की पुष्टि की। निजी डॉक्टर के यहां ही उसका इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं गांव के सुनील सोलंकी की पत्नी अर्चना की गाजियाबाद में मौत हुई है। वहां 32 वर्षीय पत्नी अर्चना को डेंगू की पुष्टि होने के बाद परिवार वाले निजी अस्पताल में इलाज करा रहे थे। इलाज के दौरान अर्चना की मौत हो गई। गांव का ही सौरभ पुत्र वीरपाल चंडीगढ़ से लौटा था। बुखार आने के बाद हालत बिगड़ने पर उसे एंबुलेस से रेफर किया गया है। उझानी के संजरपुर निवासी शारदा (60) पत्नी पोप सिंह को तीन दिन से बुखार आ रहा था। परिवार वाले निजी क्लीनिक पर इलाज करा रहे थे। शुक्रवार तड़के हालत बिगड़ने पर शारदा को परिवार वाले सीएचसी ले जा रहे थे, उनकी रास्ते में ही मौत हो गई। एमओआईसी डॉ. महेश प्रताप सिंह ने बताया कि शारदा को मृतावस्था में अस्पताल लाया गया था।
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इधर, उझानी के बसोमा में बुखार और डेंगू से अब तक नौ लोगों की मौत के बाद एसीएमओ डॉ. मंजीत सिंह शुक्रवार को गांव पहुंचे। यहां उन्होंने मृतकों के परिवार वालों से बात की और ग्राम प्रधान के पति से जानकारी ली। बसोमा में बुखार का व्यापक प्रकोप बना हुआ है।
जिले में डेंगू पीड़ित 49 लोगों की हालत गंभीर
बदायूं। जिले में डेंगू पीड़ित 49 लोगों का अस्पतालों में इलाज चल रहा है। इनको एलाइजा जांच में डेंगू की पुष्टि हुई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार शुक्रवार को जिले में सक्रिय डेंगू रोगियों की संख्या 207 बताई गई है। एक सितंबर से अब तक जिले में डेंगू रोगियों की संख्या 231 पहुंच गई है। अब तक इनमें 24 रोगी ही स्वस्थ हो चुके हैं। 49 का इलाज चल रहा है और अन्य सक्रिय रोगियों की हालत अब सामान्य है।
सबसे ज्यादा 17 रोगी नगला शर्की में मिले, जेल में भी दो को डेंगू
बदायूं। शुक्रवार को जिले में मिले डेंगू के कुल रोगियों में सबसे ज्यादा 17 रोगी नगला शर्की में मिले हैं। नगला शर्की में हाल ही में डीएम के ड्राइवर की डेंगू से मौत हो चुकी है। बृहस्पतिवार को भी प्रधान की भाभी की डेंगू से मौत हो गई थी। शुक्रवार को यहां डेंगू के 17 रोगी मिले हैं। जिला जेल में भी डेंगू के दो रोगी मिले हैं। जेल में अब तक डेंगू के चार रोगी मिल चुके हैं।
जिले में डेंगू से अब तक किसी की मौत नहीं हुई है। जिला अस्पताल में एलाइजा जांच की सुविधा है। रोगियों को समय से जांच के बाद इलाज मिल रहा है। जहां भी बुखार का प्रकोप है वहां कैंप लगाए जा रहे हैं। मेरे अलावा एसीएमओ और डिप्टी सीएमओ स्तर के अधिकारी लगातार मॉनीटरिंग कर रहे हैं। धीरे-धीरे सामान्य हो रही है।-डॉ. विक्रम सिंह पुंडीर, सीएमओ
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बुखार से ताजा मौतें बिल्सी के रिसौली, उझानी के संजरपुर और सालारपुर के यूसुफप़ुर में हुई हैं। बिल्सी के गांव रिसौली में बुखार और डेंगू का प्रकोप बना हुआ है। गांव निवासी सौरभ माहेश्वरी पत्रकार हैं। उनके बड़े भाई 40 वर्षीय अरुण माहेश्वरी उर्फ टाइगर को कई दिन से बुखार आ रहा था। जांच में डेंगू की पुष्टि हुई थी। शुक्रवार को उनकी मौत हो गई। रिसौली में अब तक चार डेंगू पीड़ित मिल चुके हैं। सालारपुर के यूसुफनगर में दो लोगों की मौत हुई है।
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यूसुफपुर का 20 वर्षीय रतिभान पुत्र पप्पू दिल्ली में रहकर नौकरी करता था। वहां उसे बुखार आया तो वह अपने घर चला आया। यहां निजी लैब ने उसे डेंगू की पुष्टि की। निजी डॉक्टर के यहां ही उसका इलाज चल रहा था। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं गांव के सुनील सोलंकी की पत्नी अर्चना की गाजियाबाद में मौत हुई है। वहां 32 वर्षीय पत्नी अर्चना को डेंगू की पुष्टि होने के बाद परिवार वाले निजी अस्पताल में इलाज करा रहे थे। इलाज के दौरान अर्चना की मौत हो गई। गांव का ही सौरभ पुत्र वीरपाल चंडीगढ़ से लौटा था। बुखार आने के बाद हालत बिगड़ने पर उसे एंबुलेस से रेफर किया गया है। उझानी के संजरपुर निवासी शारदा (60) पत्नी पोप सिंह को तीन दिन से बुखार आ रहा था। परिवार वाले निजी क्लीनिक पर इलाज करा रहे थे। शुक्रवार तड़के हालत बिगड़ने पर शारदा को परिवार वाले सीएचसी ले जा रहे थे, उनकी रास्ते में ही मौत हो गई। एमओआईसी डॉ. महेश प्रताप सिंह ने बताया कि शारदा को मृतावस्था में अस्पताल लाया गया था।
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इधर, उझानी के बसोमा में बुखार और डेंगू से अब तक नौ लोगों की मौत के बाद एसीएमओ डॉ. मंजीत सिंह शुक्रवार को गांव पहुंचे। यहां उन्होंने मृतकों के परिवार वालों से बात की और ग्राम प्रधान के पति से जानकारी ली। बसोमा में बुखार का व्यापक प्रकोप बना हुआ है।
जिले में डेंगू पीड़ित 49 लोगों की हालत गंभीर
बदायूं। जिले में डेंगू पीड़ित 49 लोगों का अस्पतालों में इलाज चल रहा है। इनको एलाइजा जांच में डेंगू की पुष्टि हुई है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार शुक्रवार को जिले में सक्रिय डेंगू रोगियों की संख्या 207 बताई गई है। एक सितंबर से अब तक जिले में डेंगू रोगियों की संख्या 231 पहुंच गई है। अब तक इनमें 24 रोगी ही स्वस्थ हो चुके हैं। 49 का इलाज चल रहा है और अन्य सक्रिय रोगियों की हालत अब सामान्य है।
सबसे ज्यादा 17 रोगी नगला शर्की में मिले, जेल में भी दो को डेंगू
बदायूं। शुक्रवार को जिले में मिले डेंगू के कुल रोगियों में सबसे ज्यादा 17 रोगी नगला शर्की में मिले हैं। नगला शर्की में हाल ही में डीएम के ड्राइवर की डेंगू से मौत हो चुकी है। बृहस्पतिवार को भी प्रधान की भाभी की डेंगू से मौत हो गई थी। शुक्रवार को यहां डेंगू के 17 रोगी मिले हैं। जिला जेल में भी डेंगू के दो रोगी मिले हैं। जेल में अब तक डेंगू के चार रोगी मिल चुके हैं।
जिले में डेंगू से अब तक किसी की मौत नहीं हुई है। जिला अस्पताल में एलाइजा जांच की सुविधा है। रोगियों को समय से जांच के बाद इलाज मिल रहा है। जहां भी बुखार का प्रकोप है वहां कैंप लगाए जा रहे हैं। मेरे अलावा एसीएमओ और डिप्टी सीएमओ स्तर के अधिकारी लगातार मॉनीटरिंग कर रहे हैं। धीरे-धीरे सामान्य हो रही है।-डॉ. विक्रम सिंह पुंडीर, सीएमओ