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Budaun News: नसीरपुर टप्पा मलसई में डेंगू के चार मरीज मिले
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गांव में जांच करती टीम। संवाद
बदायूं। हेपेटाइटिस बी से दो सगे भाइयों की मौत होने के बाद दहगवां क्षेत्र के गांव नसीरपुर टप्पा मलसई में ग्रामीणों में संक्रमण फैलने की आशंका जताई जाने लगी है। बुधवार को संक्रमण का पता करने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने जिन 29 ग्रामीणों की जांच की, उनमें चार में डेंगू की पुष्टि हुई है। अभी उनका इलाज शुरू नहीं हो सका है। बता दें कि गांव में हेपेटाइटिस बी व सी के मरीज पहले ही मिल चुके हैं। म
दहगवां क्षेत्र के गांव नसीरपुर टप्पा मलसई में हेपेटाइटिस बी से मरीज की मौत होने के बाद 17 से 20 जुलाई तक स्वास्थ्य शिविर लगाकर मरीजों की जांच की गई। इस दौरान गांव में एंटी लार्वा का छिड़काव भी कराया गया। साथ ही फॉगिंग कराई गई। इस दौरान टीम ने 129 मरीजों के सैंपल मलेरिया जांच के लिए एकत्र किए थे। इनमें कोई भी पॉजिटिव नहीं मिला था।
इसके बाद विभाग की ओर से 29 संदिग्ध सैंपल जांच के लिए जिला अस्पताल भेजे गए। बुधवार को जांच के दौरान चार मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है।
जलभराव से गांव में डेंगू का प्रकाेप बढ़ने की आशंका
गांव में डेंगू का प्रकाेप बढ़ने की आशंका है। बरसात के बीच कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति भी बन रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद भी प्रभावित क्षेत्रों में अब तक फॉगिंग और एंटी लार्वा दवा का छिड़काव नहीं कराया गया है। ऐसे में मच्छरों का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि पिछले दिनों गांव में फॉगिंग, एंटी लार्वा छिड़काव और घर-घर सर्वे कराया गया था, लेकिन संक्रमित मरीज सामने आने से विभाग के दावों की पोल खुल रही है।
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ये निकले डेंगू पॉजिटिव
- किशनवती पत्नी भूप सिंह(40)
- रेनू पुत्री सत्यकिशोर (19)
- अमर सिंह पुत्र राजाराम (55)
- सावित्री पत्नी नेत्रपाल (60)
अभी जांच रिपोर्ट नहीं मिली है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद गांव में टीम भेजकर एंटी लार्वा का छिड़काव, फॉगिंग आदि करवाई जाएगी। साथ ही लोगों की और जांच कराई जाएंगी। -अमित तिवारी, जिला मलेरिया अधिकारी
दो भाइयों की मौत पर डीजी हेल्थ
ने सीएमओ से मांगा जवाब
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। दहगवां क्षेत्र के गांव नसीरपुर टप्पा मलसई में हेपेटाइटिस से दो भाइयों की मौत होने के मामले को संवाद न्यूज एजेंसी की खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से छापा था। इसके बाद शासन ने इसका संज्ञान लिया। महानिदेशक (डीजी) स्वास्थ्य ने पूरे प्रकरण की विस्तृत रिपोर्ट मुख्य चिकित्साधिकारी से तलब की। जांच शिविरों और उपचार संबंधित पूरी रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी गई है।
दहगवां क्षेत्र के गांव नसीरपुर टप्पा मलसई में दो भाइयों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने विशेष निगरानी शुरू कर दी थी। स्वास्थ्य टीम ने लगातार चार दिन गांव में शिविर लगाया था। इसमें हेपेटाइटिस बी की 138 जांचें हुई थीं। उसमें एक पॉजिटिव मिला था। इसके अलावा हेपेटाइटिस सी की 180 जांच हुईं, इसमें छह पॉजिटिव मिले।
इसके अलावा मलेरिया की 179 जांच में कोई भी संक्रमित नहीं मिला था। इसके अलावा उप मुख्य चिकित्साधिकारी/ जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. मोहम्मद तहसीन के नेतृत्व में टीम 216 घरों का सर्वे कराया गया। इसमें बुखार से पीड़ित आठ मरीज मिले। इनकी आरडीटी किट के माध्यम से मलेरिया की जांच कराई गई। इसमें भी सभी निगेटिव पाए गए। मौके पर ही आठों को बुखार की दवाएं दी गईं।
वहीं डिप्टी सीएमओ ने गांव में धूमकर ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल अस्पताल पहुंचने की सलाह दी जा रही है।
शासन को भेजी गई रिपोर्ट में अब तक की गई कार्रवाई, जांच अभियान, स्वास्थ्य शिविरों और संक्रमण की स्थिति का पूरा विवरण शामिल किया गया है। शासन स्तर पर रिपोर्ट की समीक्षा के बाद आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं। - डॉ. विकास शर्मा, सीएमओ
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दहगवां क्षेत्र के गांव नसीरपुर टप्पा मलसई में हेपेटाइटिस बी से मरीज की मौत होने के बाद 17 से 20 जुलाई तक स्वास्थ्य शिविर लगाकर मरीजों की जांच की गई। इस दौरान गांव में एंटी लार्वा का छिड़काव भी कराया गया। साथ ही फॉगिंग कराई गई। इस दौरान टीम ने 129 मरीजों के सैंपल मलेरिया जांच के लिए एकत्र किए थे। इनमें कोई भी पॉजिटिव नहीं मिला था।
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इसके बाद विभाग की ओर से 29 संदिग्ध सैंपल जांच के लिए जिला अस्पताल भेजे गए। बुधवार को जांच के दौरान चार मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है।
जलभराव से गांव में डेंगू का प्रकाेप बढ़ने की आशंका
गांव में डेंगू का प्रकाेप बढ़ने की आशंका है। बरसात के बीच कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति भी बन रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद भी प्रभावित क्षेत्रों में अब तक फॉगिंग और एंटी लार्वा दवा का छिड़काव नहीं कराया गया है। ऐसे में मच्छरों का प्रकोप लगातार बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि पिछले दिनों गांव में फॉगिंग, एंटी लार्वा छिड़काव और घर-घर सर्वे कराया गया था, लेकिन संक्रमित मरीज सामने आने से विभाग के दावों की पोल खुल रही है।
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ये निकले डेंगू पॉजिटिव
- किशनवती पत्नी भूप सिंह(40)
- रेनू पुत्री सत्यकिशोर (19)
- अमर सिंह पुत्र राजाराम (55)
- सावित्री पत्नी नेत्रपाल (60)
अभी जांच रिपोर्ट नहीं मिली है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद गांव में टीम भेजकर एंटी लार्वा का छिड़काव, फॉगिंग आदि करवाई जाएगी। साथ ही लोगों की और जांच कराई जाएंगी। -अमित तिवारी, जिला मलेरिया अधिकारी
दो भाइयों की मौत पर डीजी हेल्थ
ने सीएमओ से मांगा जवाब
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। दहगवां क्षेत्र के गांव नसीरपुर टप्पा मलसई में हेपेटाइटिस से दो भाइयों की मौत होने के मामले को संवाद न्यूज एजेंसी की खबर को अमर उजाला ने प्रमुखता से छापा था। इसके बाद शासन ने इसका संज्ञान लिया। महानिदेशक (डीजी) स्वास्थ्य ने पूरे प्रकरण की विस्तृत रिपोर्ट मुख्य चिकित्साधिकारी से तलब की। जांच शिविरों और उपचार संबंधित पूरी रिपोर्ट तैयार कर शासन को भेजी गई है।
दहगवां क्षेत्र के गांव नसीरपुर टप्पा मलसई में दो भाइयों की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग ने विशेष निगरानी शुरू कर दी थी। स्वास्थ्य टीम ने लगातार चार दिन गांव में शिविर लगाया था। इसमें हेपेटाइटिस बी की 138 जांचें हुई थीं। उसमें एक पॉजिटिव मिला था। इसके अलावा हेपेटाइटिस सी की 180 जांच हुईं, इसमें छह पॉजिटिव मिले।
इसके अलावा मलेरिया की 179 जांच में कोई भी संक्रमित नहीं मिला था। इसके अलावा उप मुख्य चिकित्साधिकारी/ जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ. मोहम्मद तहसीन के नेतृत्व में टीम 216 घरों का सर्वे कराया गया। इसमें बुखार से पीड़ित आठ मरीज मिले। इनकी आरडीटी किट के माध्यम से मलेरिया की जांच कराई गई। इसमें भी सभी निगेटिव पाए गए। मौके पर ही आठों को बुखार की दवाएं दी गईं।
वहीं डिप्टी सीएमओ ने गांव में धूमकर ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल, साफ-सफाई और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर तत्काल अस्पताल पहुंचने की सलाह दी जा रही है।
शासन को भेजी गई रिपोर्ट में अब तक की गई कार्रवाई, जांच अभियान, स्वास्थ्य शिविरों और संक्रमण की स्थिति का पूरा विवरण शामिल किया गया है। शासन स्तर पर रिपोर्ट की समीक्षा के बाद आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए जा सकते हैं। - डॉ. विकास शर्मा, सीएमओ

गांव में जांच करती टीम। संवाद