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Budaun News: कोहरा और पाले से आलू में झुलसा रोग की बढ़ी आशंका

Thu, 08 Jan 2026 11:56 PM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 08 Jan 2026 11:56 PM IST
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Fog and frost increase the risk of late blight disease in potatoes.
बदायूं। जिले में लगातार पड़ रहे कोहरे, चल रही ठंडी हवा और पाले के चलते आलू की फसल पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। मौसम में अचानक आई गिरावट से आलू में अगेती व पछेती झुलसा रोग फैलने की आशंका काफी बढ़ गई है। इसे लेकर जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने किसानों के लिए कृषक एडवाइजरी जारी करते हुए सतर्क रहने की अपील की है।
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जिला कृषि रक्षा अधिकारी मनोज रावत ने बताया कि वर्तमान में धुंध, कोहरा और तापमान में गिरावट आलू की फसल के लिए प्रतिकूल परिस्थितियां पैदा कर रही हैं। ऐसे मौसम में यदि समय रहते उपचार न किया गया तो झुलसा रोग तेजी से फैलकर फसल को भारी नुकसान पहुंचा सकता है।
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उन्होंने बताया कि अगेती झुलसा रोग सबसे पहले जमीन के पास की पुरानी पत्तियों पर दिखाई देता है। पत्तियों पर छोटे-छोटे गोल गहरे भूरे धब्बे बनते हैं, जिनके भीतर गोल-गोल छल्लेदार रेखाएं नजर आती हैं। धीरे-धीरे धब्बे आपस में मिलकर पूरी पत्ती को झुलसा देते हैं, जिससे पत्तियां भूरी होकर गिर जाती हैं या तने से चिपक जाती हैं।
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बोले, पछेती झुलसा रोग में पत्तियों पर काले या भूरे रंग के धब्बे पड़ते हैं, जो बाद में पानी से भीगे हुए जैसे दिखाई देने लगते हैं। नमी वाले मौसम में पत्तियों की निचली सतह पर सफेद रूई जैसी फफूंद उग आती है। रोग बढ़ने पर पूरा पौधा मुरझाकर गिर जाता है। कंदों पर गहरे भूरे या बैंगनी धब्बे बनते हैं तथा अंदरूनी हिस्से में लाल-भूरे रंग की सड़न शुरू हो जाती है, जिससे उत्पादन को भारी क्षति होती है। संक्रमित खेत में विशेष प्रकार की दुर्गंध भी आती है।

रोग की रोकथाम के लिए किसानों को सलाह दी गई
किसानों को बताया गया कि वे कॉपर ऑक्सीक्लोराइड 50 प्रतिशत डब्ल्यूपी 2.5 किलोग्राम या मैटालैक्सिल 8 प्रतिशत + मैंकोजेब 64 प्रतिशत डब्ल्यूपी 1.25 किलोग्राम, अथवा एजोक्सीस्ट्रोबिन 11 प्रतिशत + टेबुकोनाजोल 18.3 प्रतिशत 500 मिलीलीटर में से किसी एक दवा को 600 से 700 लीटर पानी में घोलकर प्रति हेक्टेयर छिड़काव करें।

जिला कृषि रक्षा अधिकारी ने किसानों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के फसल रोग की जानकारी या समस्या के समाधान के लिए मोबाइल नंबर 9452247111 व 9452257111 पर व्हाट्सएप या एसएमएस करें। प्राप्त शिकायतों का निस्तारण कर 48 घंटे के भीतर किसानों को समाधान भेजा जाएगा।
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