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गंगा के जलस्तर में मामूली कमी, खतरे से अब भी 62 सेमी ऊपर
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उसहैत के अटैना घाट पर गंगा ने लिया फैलाब। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। गंगा के जलस्तर में बुधवार को मंगलवार के मुकाबले 10 सेमी तक की कमी दर्ज की गई है। हालांकि, जलस्तर अब भी खतरे के निशान से 62 सेमी ऊपर है। मंगलवार को मीटर गेज पर गंगा का जलस्तर 162.72 मीटर तक पहुंच गया था। बुधवार को जलस्तर 162.62 मीटर दर्ज किया गया।
बुधवार को गंगा में नरौरा से फिर 120517 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। बिजनौर से 65711 और हरिद्वार से भी 71455 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। ऐसे में शुक्रवार को जलस्तर में फिर से इजाफा होने का अनुमान है। गंगा के खतरे के निशान के ऊपर होने के कारण बाढ़ का पानी महावा नदी में भी पहुंच रहा है। ऐसे में महावा के तटवर्ती इलाकों में भी कटान होने लगा है। गंगा इन दिनों उसहैत और सहसवान क्षेत्र के तटवर्ती गांवों में सबसे ज्यादा कटान कर रही हैं। 25 से ज्यादा गांवों में पानी घुस चुका है।
उसहैत के जटा, अहमदनगर बछौरा, असमया रफतपुर गांवों में हालात लगातार संवेदनशील बने हुए हैं। सहसवान के तटवर्ती गांवों में सैकड़ों बीघा जमीन कटान से गंगा में समा गई है। जमीन के गंगा में समाने का सिलसिला अब भी जारी है। उसहैत, उसावां और गंगा-महावा तटबंधों पर हालात लगातार संवेदनशील बने हुए हैं।
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मंगलवार के मुकाबले गंगा का जलस्तर बुधवार को दस सेमी कम हुआ है। बुधवार को मीटर गेज पर जलस्तर 162.62 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान से 62 सेमी ऊपर है। मंगलवार को जलस्तर खतरे के निशान से 72 सेमी ऊपर पहुंच गया था।
-नेशपाल सिंह, सहायक अभियंता बाढ़ खंड
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बुधवार को गंगा में नरौरा से फिर 120517 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। बिजनौर से 65711 और हरिद्वार से भी 71455 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। ऐसे में शुक्रवार को जलस्तर में फिर से इजाफा होने का अनुमान है। गंगा के खतरे के निशान के ऊपर होने के कारण बाढ़ का पानी महावा नदी में भी पहुंच रहा है। ऐसे में महावा के तटवर्ती इलाकों में भी कटान होने लगा है। गंगा इन दिनों उसहैत और सहसवान क्षेत्र के तटवर्ती गांवों में सबसे ज्यादा कटान कर रही हैं। 25 से ज्यादा गांवों में पानी घुस चुका है।
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उसहैत के जटा, अहमदनगर बछौरा, असमया रफतपुर गांवों में हालात लगातार संवेदनशील बने हुए हैं। सहसवान के तटवर्ती गांवों में सैकड़ों बीघा जमीन कटान से गंगा में समा गई है। जमीन के गंगा में समाने का सिलसिला अब भी जारी है। उसहैत, उसावां और गंगा-महावा तटबंधों पर हालात लगातार संवेदनशील बने हुए हैं।
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मंगलवार के मुकाबले गंगा का जलस्तर बुधवार को दस सेमी कम हुआ है। बुधवार को मीटर गेज पर जलस्तर 162.62 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान से 62 सेमी ऊपर है। मंगलवार को जलस्तर खतरे के निशान से 72 सेमी ऊपर पहुंच गया था।
-नेशपाल सिंह, सहायक अभियंता बाढ़ खंड