{"_id":"6179a1252a77950e372659b0","slug":"floud-badaun-news-bly464359989","type":"story","status":"publish","title_hn":"गंगा भी खतरे के निशान से नीचे आईं, कटान जारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गंगा भी खतरे के निशान से नीचे आईं, कटान जारी
विज्ञापन
जलस्तर कम होने के बाद कटान करतीं गंगा। संवाद
- फोटो : BADAUN
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदायूं। गंगा का जलस्तर अब खतरे के निशान के नीचे आ गया है। बृहस्पतिवार को और सुधार होने की उम्मीद है। रामगंगा का जलस्तर दो दिन पहले ही खतरे के निशान के नीचे आ चुका था। अब बाढ़ग्रस्त गांवों में भरे बाढ़ के पानी के कारण संचारी रोगों का प्रकोप बढ़ने की आशंका बढ़ गई है। गंगा के तटवर्ती गांवों में कटान भी हो रहा है।
गंगा में लगातार एक सप्ताह से उफान था। इस दौरान गंगा खतरे के निशान से ऊपर बनी रही। इस दौरान रामगंगा में भी उफान आ गया। गंगा और रामगंगा में उफान के कारण सहसवान, दातागंज और सदर तहसील के 60 से ज्यादा गांव बाढ़ के चपेट में आ गए। दोनों नदियों का जलस्तर कम होने के बाद भी बाढ़ का पानी अब भी गांवों में भरा हुआ है। बुधवार को नरौरा बैराज से गंगा में 59555 क्यूूसेक पानी छोड़ा गया। इस दौरान मीटरगेज पर गंगा का जलस्तर 162.00 दर्ज किया गया। खतरे का निशान 162 मीटर पर है।
बुधवार को नरौरा से 38836 और हरिद्वार से 30315 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। बृहस्पतिवार को गंगा के जलस्तर में और भी कमी आने की उम्मीद है। इधर, बुधवार को रामगंगा का जलस्तर 159.680 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान से तीन मीटर से भी नीचे है। हालांकि, रामगंगा के तटवर्ती गांवों में भी बाढ़ का पानी भरा हुआ है। दूसरी ओर गंगा के उसहैत, गंगा-महावा और जोरी नगला बांध पर कटान के कारण अब भी हालात संवेदनशील बने हुए हैं। बाढ़ खंड कटान रोकने के सभी प्रबंध कर रहा है।
विज्ञापन
-
गंगा के जलस्तर में भी तेजी से गिरावट आ रही है। कुछ स्थानों पर कटान हो रहा है। कटान रोकने के प्रबंध किए जा रहे हैं। अगले दो से तीन दिन में हालात सामान्य होने की पूरी उम्मीद है।
-उमेश चंद्र, एक्सईएन बाढ़ खंड
विज्ञापन
गंगा में लगातार एक सप्ताह से उफान था। इस दौरान गंगा खतरे के निशान से ऊपर बनी रही। इस दौरान रामगंगा में भी उफान आ गया। गंगा और रामगंगा में उफान के कारण सहसवान, दातागंज और सदर तहसील के 60 से ज्यादा गांव बाढ़ के चपेट में आ गए। दोनों नदियों का जलस्तर कम होने के बाद भी बाढ़ का पानी अब भी गांवों में भरा हुआ है। बुधवार को नरौरा बैराज से गंगा में 59555 क्यूूसेक पानी छोड़ा गया। इस दौरान मीटरगेज पर गंगा का जलस्तर 162.00 दर्ज किया गया। खतरे का निशान 162 मीटर पर है।
विज्ञापन
बुधवार को नरौरा से 38836 और हरिद्वार से 30315 क्यूसेक पानी छोड़ा गया। बृहस्पतिवार को गंगा के जलस्तर में और भी कमी आने की उम्मीद है। इधर, बुधवार को रामगंगा का जलस्तर 159.680 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान से तीन मीटर से भी नीचे है। हालांकि, रामगंगा के तटवर्ती गांवों में भी बाढ़ का पानी भरा हुआ है। दूसरी ओर गंगा के उसहैत, गंगा-महावा और जोरी नगला बांध पर कटान के कारण अब भी हालात संवेदनशील बने हुए हैं। बाढ़ खंड कटान रोकने के सभी प्रबंध कर रहा है।
विज्ञापन
-
गंगा के जलस्तर में भी तेजी से गिरावट आ रही है। कुछ स्थानों पर कटान हो रहा है। कटान रोकने के प्रबंध किए जा रहे हैं। अगले दो से तीन दिन में हालात सामान्य होने की पूरी उम्मीद है।
-उमेश चंद्र, एक्सईएन बाढ़ खंड