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Budaun News: गंगा किनारे के 11 गांवों में घुसा बाढ़ का पानी, 14 हजार लोग प्रभावित

Thu, 07 Aug 2025 01:01 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Thu, 07 Aug 2025 01:01 AM IST
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Flood water entered 11 villages on the banks of Ganga, 14 thousand people affected
पानी के बीच निकलता बाइक सवार। संवाद
बदायूं। गंगा में आई बाढ़ का पानी जिले 11 गांवों में घुस गया और करीब 14 हजार लोग प्रभावित हुए हैं। इसमें दातागंज तहसील के गंगा किनारे वाले सात और सहसवान के चार गांव हैं। इन गांवों में तीन से चार फिट तक पानी भर गया है। घरों में रखी खाद्य सामग्री और कपड़े भीग गए हैं। लोग छतों पर जरूरत की सामग्री जुटाकर रह रहे हैं। मवेशियों को नजदीक के ऊंचे स्थान पर पहुंचा दिया है। इन गांवों में प्रशासन की टीम स्टीमर से पहुंची लेकिन ग्रामीणों को कोई राहत नहीं हैं।
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उत्तराखंड में बारिश से गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। पिछले तीन दिनों से गंगा खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। इससे दातागंज तहसील के गंगा किनारे के गांव कमलईयापुर, कदम नगला, दलपतनगला, रैपुरा, जसवंत नगला, प्रेमी नगला, जटा, ठकुरी नगला गांवों में पानी पहुंच गया है। बुधवार दोपहर तक दो से तीन फिट तक पानी भर गया। इससे 10 हजार से ज्यादा लोग प्रभावित हैं। प्रशासन की ओर से आवाजाही के लिए सभी गांवों में स्टीमर लगा दी गई हैं। गांव के पंचायत घरों और विद्यालयों में शिविर बनाए गए हैं, लेकिन अधिकतर लोग गांव में ही हैं। वह छतों पर रुके हुए हैं।
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रैपुरा के गणेश कुमार ने बताया कि घर के अंदर पानी भरने से गेहूं, भूसा, कपड़ा सहित गृहस्थी का सामान भीग गया है। परिवार के सभी लोग छत पर रात गुजार रहे हैं। जसवंत नगला के सुधाकर ने बताया कि पानी भर जाने के कारण मोटरसाइकिल, बिस्तर और गृहस्थी का सामान डूब गया है। परिवार के लोग छत पर गुजारा कर रहे हैं। विधायक राजीव कुमार सिंह ने उसहैत के जाटी और जटा गांव का निरीक्षण कर ग्रामीणों का हाल जाना और उन्हें राहत सामग्री देने की निर्देश एसडीएम को दिए। हालांकि अभी गांव के अंदर पानी नहीं पहुंच पाया है। इस वजह से ग्रामीण अभी रुके हुए हैं।
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प्रधान बोले, दो दिन बाद पहुंची सहायता राशि
रैपुरा के प्रधान राकेश कश्यप ने बताया कि गांव में दो दिन से पानी भरा हुआ है। इस वजह से लोग कहीं आवाजाही नहीं कर पा रहे हैं। जानवरों को गांव के बाहर ऊंची जगहों पर बांध दिया गया है। वहीं पर भूसा दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि दो दिन बाद प्रशासन की ओर से बुधवार को स्टीमर लगाकर ग्रामीणों को खाद्य सामग्री का वितरण किया गया। इसी तरह गांव के बलवीर, राजवीर, श्रीकृष्ण, श्रीराम, गजराम, देव सिंह, सीताराम, राजेश, मुकेश ने बताया कि खेतों में हरी सब्जी की फसल की थी। वह पानी में डूब गई है। उन्होंने बताया कि छत पर ही खाना बनाया जा रहा है।
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सहसवान के चार गांवों में भर गया पानी
सहसवान तहसील क्षेत्र के खागी नगला, वीरसहाय नगला, भमरौलिया, तौफिया नगला गांव में गंगा का पानी तीन से चार फिट तक भर गया है। घरों के नीचे का हिस्सा और सड़क डूब गई है। लोगों ने अभी पानी और बढ़ने की आशंका जताई है। बुधवार को गंगा का पानी गांव तक पहुंच जाने से कुछ लोग सिर पर कपड़े और खाद्य सामग्री की गठरी बनाकर सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे। चार गांवों में 4000 की आबादी प्रभावित है। वहीं, तौफिया नगला गांव में चंद्रपाल, ऋषिपाल, दाताराम, वीरेंद्र, ज्ञान चंद्र, राम सिंह, अतर सिंह के घर पहुंच गया, हालांकि अभी इन लोगों ने मकान खाली नहीं किया।
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गांव छोड़कर सुरक्षित जगह पर जाने की अपील
एसडीएम प्रेमपाल सिंह ने भमरौलिया, वीर सहाय नगला, खागी नगला, गिरधारी नगला और तौफिया नगला का भ्रमण किया। उन्होंने आने वाले दिनों में बाढ़ की संभावना को देखते हुए ग्रामीणों से गांव छोड़कर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की। एसडीएम ने बताया कि उन्होंने बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों के रहने के लिए सिठौलिया पुख्ता, कमनपुर बेला, जरीफपुर गढ़िया और औरंगाबाद टप्पा जामनी में आश्रय स्थल बनवाया है। बाढ़ के मद्देनजर क्षेत्र में तैनात कर्मचारियों को अलर्ट कर दिया है। वह क्षेत्र में कैंप कर हालात पर निगाह रखेंगे, ताकि ग्रामीणों को सहायता प्रदान की जा सके।
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बोले लोग
वीरसराय नगला गांव गंगा के निकट है। गंगा का काटन गांव की तरफ तेजी से हो रहा है। घरों में पानी भर गया है। ग्रामीण घर खाली करके पलायन कर रहे हैं। जिला प्रशासन की ओर से कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए है। गांव से पहले कटान रोकने के लिए प्रबंध किया गया था लेकिन वह नाकाफी रहा। अब गांव तक पानी पहुंच गया है। - ज्ञानचंद्र, ग्रामीण

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- गांव में तेजी से पानी घुस रहा है। जिला प्रशासन ने अब तक कोई इंतजाम नहीं किए है। फसल बर्बाद हो चुकी है। कटान होने की वजह से पूरा गांव डूब चुका है। हमारे पास जितनी जमापूंजी थी, वह खर्च हो चुकी है। पिछले चार साल से ग्रामीण परेशान हैं। जिला प्रशासन से जियो ट्यूब लगाने की मांग की गई थी, उसे नहीं लगाया गया है। - -गोपाल, ग्रामीण

पानी के बीच निकलता बाइक सवार। संवाद

पानी के बीच निकलता बाइक सवार। संवाद

पानी के बीच निकलता बाइक सवार। संवाद

पानी के बीच निकलता बाइक सवार। संवाद

पानी के बीच निकलता बाइक सवार। संवाद

पानी के बीच निकलता बाइक सवार। संवाद

पानी के बीच निकलता बाइक सवार। संवाद

पानी के बीच निकलता बाइक सवार। संवाद

पानी के बीच निकलता बाइक सवार। संवाद

पानी के बीच निकलता बाइक सवार। संवाद

पानी के बीच निकलता बाइक सवार। संवाद

पानी के बीच निकलता बाइक सवार। संवाद

पानी के बीच निकलता बाइक सवार। संवाद

पानी के बीच निकलता बाइक सवार। संवाद

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