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Budaun News: जिले में लगे ऑक्सीजन के पांच प्लांट, फांक रहे हैं धूल
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जिला अस्पताल का ऑक्सीजन प्लांट। संवाद
बदायूं। कोविड के समय में मेडिकल कालेज में दो और जिला अस्पताल व सीएचसी घटपुरी और रुदायन में लगाए गए एक- एक आक्सीजन प्लांट मरीजों के काम नहीं आ रहे हैं। सीएचसी में टेक्नीशियन न होने के कारण संचालन नहीं हो पा रहा है। जिला अस्पताल का प्लांट खराब हो गया है और मेडिकल कॉलेज के दोनों प्लांट बंद हैं।
राजकीय मेडिकल कॉलेज का अक्सीजन प्लांट एक-एक हजार एलपीएम का है। ऐसा ही जिला अस्पताल का प्लांट है। सीएचसी घटपुरी और रुदायन में एक-एक हजार लीटर का ऑक्सीजन प्लांट है। यहां पर ऑक्सीजन का उत्पादन खपत से कहीं ज्यादा है। टेक्नीशियन की कमी के चलते यह प्लांट शोपीस बने हुए हैं। अधिकारियों ने शासन से टेक्नीशियन की मांग की है, लेकिन अभी तक उपलब्ध नहीं हो पाए हैं।
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महिला अस्पताल में नहीं है प्लांट
जिला महिला अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट नहीं है। इस वजह से यहां पर बरेली की निजी कंपनी ऑक्सीजन की आपूर्ति करती है। इसके अलावा अस्पताल के पास ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर भी उपलब्ध है।
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हमारे पास भरपूर ऑक्सीजन, वह मांगें तो उपलब्ध कराने को तैयार
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. कप्तान सिंह का कहना है कि उनके पास पर्याप्त ऑक्सीजन है। ऑक्सीजन प्लांट तो जरूरत पर चलाया जाता है। अस्पताल में 29 बड़े और 79 छोटे ऑक्सीजन सिलेंडर भी हैं।
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कितना चलता है पोर्टेबल ऑक्सीजन सिलेंडर
2.7 किग्रा-2 घंटा 4 मिनट
3.4 किग्रा-3 घंटा 27 मिनट
4.9 किग्रा-5 घंटा 41 मिनट
13.5 किग्रा-14 घंटे 21 मिनट
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कोट,
जिले में पांच ऑक्सीजन प्लांट हैं, लेकिन सिलेंडर भरने की व्यवस्था नहीं है। जिला अस्पताल में बेड तक ऑक्सीजन देने की व्यवस्था है। ऐसे ही राजकीय मेडिकल में भी व्यवस्थाएं हैं। सीएचसी के प्लांट बंद हैं। टेक्नीशियन मिलने के बाद उनको संचालित कराया जाएगा। - डॉ. रामेश्वर मिश्रा, सीएमओ
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राजकीय मेडिकल कॉलेज का अक्सीजन प्लांट एक-एक हजार एलपीएम का है। ऐसा ही जिला अस्पताल का प्लांट है। सीएचसी घटपुरी और रुदायन में एक-एक हजार लीटर का ऑक्सीजन प्लांट है। यहां पर ऑक्सीजन का उत्पादन खपत से कहीं ज्यादा है। टेक्नीशियन की कमी के चलते यह प्लांट शोपीस बने हुए हैं। अधिकारियों ने शासन से टेक्नीशियन की मांग की है, लेकिन अभी तक उपलब्ध नहीं हो पाए हैं।
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महिला अस्पताल में नहीं है प्लांट
जिला महिला अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट नहीं है। इस वजह से यहां पर बरेली की निजी कंपनी ऑक्सीजन की आपूर्ति करती है। इसके अलावा अस्पताल के पास ऑक्सीजन कंस्ट्रेटर भी उपलब्ध है।
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हमारे पास भरपूर ऑक्सीजन, वह मांगें तो उपलब्ध कराने को तैयार
जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. कप्तान सिंह का कहना है कि उनके पास पर्याप्त ऑक्सीजन है। ऑक्सीजन प्लांट तो जरूरत पर चलाया जाता है। अस्पताल में 29 बड़े और 79 छोटे ऑक्सीजन सिलेंडर भी हैं।
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कितना चलता है पोर्टेबल ऑक्सीजन सिलेंडर
2.7 किग्रा-2 घंटा 4 मिनट
3.4 किग्रा-3 घंटा 27 मिनट
4.9 किग्रा-5 घंटा 41 मिनट
13.5 किग्रा-14 घंटे 21 मिनट
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कोट,
जिले में पांच ऑक्सीजन प्लांट हैं, लेकिन सिलेंडर भरने की व्यवस्था नहीं है। जिला अस्पताल में बेड तक ऑक्सीजन देने की व्यवस्था है। ऐसे ही राजकीय मेडिकल में भी व्यवस्थाएं हैं। सीएचसी के प्लांट बंद हैं। टेक्नीशियन मिलने के बाद उनको संचालित कराया जाएगा। - डॉ. रामेश्वर मिश्रा, सीएमओ