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Budaun News: किराये के मकान में हो रहा था 'बड़ा खेल', पुलिस ने मारा छापा, चार युवतियां और युवक गिरफ्तार
Wed, 07 Jan 2026 06:09 PM IST
मुकेश कुमार
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Published by: मुकेश कुमार
Updated Wed, 07 Jan 2026 06:09 PM IST
सार
बदायूं में साइबर थाना पुलिस ने ऐसे गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो लोगों को नौकरी का झांसा देकर साइबर ठगी करता था। पुलिस ने एक मकान में छापा मारकर चार युवतियों और एक युवक को गिरफ्तार किया। इसके बाद पूरे मामले का खुलासा किया गया।
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पुलिस की गिरफ्त में आरोपी युवतियां और युवक
- फोटो : संवाद
विस्तार
बदायूं में साइबर थाना पुलिस ने बैंक और फाइनेंस कंपनियों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने एक युवक और चार युवतियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण व आपत्तिजनक सामग्री बरामद की। ये गिरोह फर्जी कॉल सेंटर चलाकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था।
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एसएसपी डॉ. बृजेश कुमार सिंह ने बताया कि थाना साइबर क्राइम में पंजीकृत एक मामले में विवेचना के दौरान पुलिस ने एक ऐसे मोबाइल नंबर को चिन्हित किया, जिस पर पहले से पांच साइबर फ्रॉड शिकायतें दर्ज थीं। जब उस नंबर की लोकेशन ट्रेस की गई तो वह मोहल्ला नई सराय, थाना कोतवाली बदायूं क्षेत्र में मिली।
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मकान में संचालित हो रहा था फर्जी कॉल सेंटर
लोकेशन के आधार पर जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो एक गली में बने मकान में फर्जी कॉल सेंटर संचालित पाया गया, जहां तीन युवतियां और एक युवक संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त मिले। पुलिस ने मौके से चारों को गिरफ्तार किया। आरोपियों से पूछताछ के बाद एक अन्य महिला को भी हिरासत में लिया गया।
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पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी वर्क इंडिया वेबसाइट के माध्यम से देश के विभिन्न राज्यों बिहार, महाराष्ट्र, राजस्थान, मध्यप्रदेश व उत्तर प्रदेश के भोले-भाले युवाओं को बैंक व निजी कंपनियों में नौकरी दिलाने का झांसा देते थे। रजिस्ट्रेशन और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर उनसे रुपये ट्रांसफर कराकर ठगी की जाती थी। अब तक की जांच में करीब 4.50 लाख रुपये की साइबर ठगी का खुलासा हुआ है, जिनकी 10 एनसीआरपी शिकायतें दर्ज हैं।
ये आरोपी हुए गिरफ्तार
बरामदगी
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक लैपटॉप, एक प्रिंटर, माउस, लैपटॉप चार्जर, सात स्मार्ट फोन, चार कीपैड मोबाइल, सात मोबाइल चार्जर, 23 सिम कार्ड, एचडीएफसी बैंक मुंबई की फर्जी स्टांप मोहर, हाजिरी रजिस्टर, चार कॉपियां और किरायानामा की फोटो कॉपी बरामद की है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इनके नेटवर्क, बैंक खातों और अन्य संभावित सहयोगियों की भी जांच कर रही है।
- विवेक निवासी गोविंद नगला, थाना मूसाझाग (वर्चुअल नाम – राजीव)
- आकांक्षा पटेल निवासी बरातेगदार, थाना सिविल लाइन (वर्चुअल नाम – रिया शर्मा)
- अंशू पटेल निवासी लखनपुर, थाना सिविल लाइन (वर्चुअल नाम – रिया शर्मा)
- ईशा साहू निवासी नगर पंचायत गुलड़िया वार्ड-9, थाना मूसाझाग (वर्चुअल नाम – नाव्या शर्मा/कृतिका शर्मा)
- मीनाक्षी निवासी बरामयखेड़ा, थाना उझानी (वर्चुअल नाम – निधि शर्मा)
बरामदगी
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक लैपटॉप, एक प्रिंटर, माउस, लैपटॉप चार्जर, सात स्मार्ट फोन, चार कीपैड मोबाइल, सात मोबाइल चार्जर, 23 सिम कार्ड, एचडीएफसी बैंक मुंबई की फर्जी स्टांप मोहर, हाजिरी रजिस्टर, चार कॉपियां और किरायानामा की फोटो कॉपी बरामद की है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इनके नेटवर्क, बैंक खातों और अन्य संभावित सहयोगियों की भी जांच कर रही है।