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खाद को लेकर मारामारी, किसान परेशान
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बदायूं। जिले में खाद की किल्लत कम होने का नाम नहीं ले रही है। खाद के लिए किसान समितियों के चक्कर लगा रहे हैं जबकि जिम्मेदार लगातार यही दावा कर रहे हैं कि जिले में खाद की कोई किल्लत नहीं है। खाद के लिए इस कदर मारामारी है कि लोग दिन भर लाइन लग रहे हैं। मंडी समिति में बुधवार को भी ऐसा ही नजारा दिखा।
जिले में खाद के सेंटरों पर लगातार लाइन लग रही है। अधिकांश सेंटरों पर रोज किसान लाइन में लगकर खाद के लिए घंटों इंतजार को मजबूर हो रहे हैं। कई किसान तो सुबह से लाइन लगाने गांव से यहां आते हैं जबकि अधिकारी दावा कर रहे हैं कि जिले में खाद संकट नहीं है। इसके बाद भी किसान परेशान और हलकान नजर आ रहे हैं। हालात ये है कि सुबह से ही तमाम किसान दूरदराज से आकर यहां सहकारी समितियों में आकर कतार लगा लेते हैं। हालात यह है कि खाद पाने के चक्कर में कई बार तो किसान आपस में भिड़ जाते हैं।
आधार कार्ड पर दो, खतौनी पर पांच कट्टे दिए जा रहे
- जिले में खाद की दुकानों पर इस पर आधार कार्ड पर दो और खतौनी पर पांच खाद के कट्टे लिए जा रहे हैं। किसानों के अनुसार इतनी कम खाद इसलिए दी जा रही है कि जिले में खाद पर्याप्त मात्रा में ही नहीं है।
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ओरछी। सरकार की ओर से डीएपी का कट्टा 12 सौ रुपये में तय है, लेकिन यहां के दुकानदारों द्वारा किसान को डीएपी का कट्टा 14 सौ रुपये लेकर 1450 रुपये तक में बेचा जा रहा है। इसको लेकर घासीराम, हुलसिराम, घनश्याम ने जिला कृषि अधिकारी से शिकायत की है।
म्याऊ। ग्राम पचांयत रिजोला को मजरा दलेलनगर में सहकारी खाद समिति काफी पुरानी है। इस समिति पर क्षेत्रीय किसानों को आसानी से खाद मिल जाती है। किसानों का कहना था कि इस बार खाद देर से आई है। वहीं किसानों को इसे महंगे दामों में दिया जा रहा है।
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जिले में खाद के सेंटरों पर लगातार लाइन लग रही है। अधिकांश सेंटरों पर रोज किसान लाइन में लगकर खाद के लिए घंटों इंतजार को मजबूर हो रहे हैं। कई किसान तो सुबह से लाइन लगाने गांव से यहां आते हैं जबकि अधिकारी दावा कर रहे हैं कि जिले में खाद संकट नहीं है। इसके बाद भी किसान परेशान और हलकान नजर आ रहे हैं। हालात ये है कि सुबह से ही तमाम किसान दूरदराज से आकर यहां सहकारी समितियों में आकर कतार लगा लेते हैं। हालात यह है कि खाद पाने के चक्कर में कई बार तो किसान आपस में भिड़ जाते हैं।
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आधार कार्ड पर दो, खतौनी पर पांच कट्टे दिए जा रहे
- जिले में खाद की दुकानों पर इस पर आधार कार्ड पर दो और खतौनी पर पांच खाद के कट्टे लिए जा रहे हैं। किसानों के अनुसार इतनी कम खाद इसलिए दी जा रही है कि जिले में खाद पर्याप्त मात्रा में ही नहीं है।
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ओरछी। सरकार की ओर से डीएपी का कट्टा 12 सौ रुपये में तय है, लेकिन यहां के दुकानदारों द्वारा किसान को डीएपी का कट्टा 14 सौ रुपये लेकर 1450 रुपये तक में बेचा जा रहा है। इसको लेकर घासीराम, हुलसिराम, घनश्याम ने जिला कृषि अधिकारी से शिकायत की है।
म्याऊ। ग्राम पचांयत रिजोला को मजरा दलेलनगर में सहकारी खाद समिति काफी पुरानी है। इस समिति पर क्षेत्रीय किसानों को आसानी से खाद मिल जाती है। किसानों का कहना था कि इस बार खाद देर से आई है। वहीं किसानों को इसे महंगे दामों में दिया जा रहा है।