बदायूं। दिल्ली के जंतरमंतर पर होने वाली महापंचायत में शामिल होने जा रहे भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के जिलाध्यक्ष परवेज आलम, जिला उपाध्यक्ष दिनेश कुमार मौर्य समेत कई पदाधिकारियों को पुलिस ने नजरबंद कर दिया। मांगों के लिए किसानों ने सरकार को चेतावनी दी है। अगर उनकी मांग नहीं मानी हो आरपार की लड़ाई होगी।
किसानों का आरोप है कि 2020 के दिल्ली आंदोलन में तीन कृषि कानूनों को वापस लेने के साथ ही एमएसपी गारंटी कानून लागू करने और अन्य मांगों पर सरकार ने सहमति जताई थी। आज तक वह वादे पूरे नहीं किए गए। 2024 में भी किसानों ने इन्हीं मांगों को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन किया। तब सरकार ने खरौनी बॉर्डर पर रोक कर फिर आश्वासन दिया था। किसान नेता बब्लू खान, शिव कुमार, साबिर खान का कहना है कि केंद्र सरकार ने किसी भी मांग पर अब तक अमल नहीं किया है। ऐसे में राष्ट्रीय अध्यक्ष अनिल तालान के निर्देश पर बदायूं के किसान नेता सोमवार सुबह करीब आठ बजे यूनियन कार्यालय ऊपरपारा लालपुल से कई वाहनों के काफिले के साथ दिल्ली के लिए रवाना हुए। इसी बीच एलआईयू की सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर सभी नेताओं को कार्यालय पर ही नजरबंद कर दिया।