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Budaun News: सदर तहसील में किसान ने खाया विषाक्त पदार्थ
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- तहसीलदार ले गए जिला अस्पताल, वहां से किया बरेली रेफर- भतीजे और उसकी पत्नी के नाम कराया थाजमीन का इकरारनामा, उसने दूसरे को बेच दी जमीन
- दाखिल किया था नायब तहसीलदार कोर्ट में पुनस्थार्पना प्रार्थनापत्र, सुनवाई में देरी होने से थे परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। सदर तहसील में बृहस्पतिवार को 65 वर्षीय किसान रूम सिंह ने विषाक्त पदार्थ खा लिया। इससे उनकी हालत बिगड़ गई। तहसीलदार उन्हें जिला अस्पताल ले गए, जहां से उन्हें बरेली रेफर कर दिया गया।
किसान रूम सिंह शहर से सटे गांव नगला शर्की के रहने वाले हैं। उनके छोटे भाई रक्षपाल सिंह के बेटे अमरदीप ने बताया कि करीब आठ साल पहले रूम सिंह ने अपने सबसे छोटे भाई पूरन सिंह के बेटे कुलदीप और पत्नी मुन्नी देवी से करीब तीन बीघा जमीन का इकरारनामा कराया था, जिसमें उनका करीब 15 लाख रुपया खर्च हो गया था। रूमसिंह लगातार जमीन का बैनामा कराने की कोशिश में थे। इसी दौरान कुलदीप ने चुपके से उसी खेत का बैनामा शहर के संजय रस्तोगी के नाम कर दिया। इस बारे में रूम सिंह को भनक तक नहीं लगी। काफी समय बाद रूम सिंह को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने इस संबंध में सिविल कोर्ट में एक मुकदमा दायर किया जो विचाराधीन है।
इसके अलावा रूमसिंह ने नायब तहसीलदार कोर्ट में पुनर्स्थापना प्रार्थना पत्र दिया था। इस प्रार्थना पत्र के तहत संजय रस्तोगी के जमीन नाम आने को लेकर सुनवाई होनी थी लेकिन इस संबंध में लगातार देरी हो रही थी। रूम सिंह लगातार नायब तहसीलदार कोर्ट के चक्कर लगा रहे थे। बृहस्पतिवार दोपहर को भी वह तहसील पहुंचे और नायब तहसीलदार के यहां सुनवाई को गुहार लगाई। बताते हैं कि चूंकि उस जमीन का बैनामा संजय रस्तोगी के नाम था, इसलिए अधिकारी भी मामला टालने की कोशिश में थे। इससे परेशान होकर रूम सिंह ने अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे तहसील में ही विषाक्त पदार्थ खा लिया। इससे उनकी हालत बिगड़ गई। यह देखकर तमाम कर्मचारी दौड़ पड़े। उन्होंने तुरंत रूम सिंह को उठाया।
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सूचना पर तहसीलदार करनवीर सिंह भी बाहर निकल आए। उनके पूछने पर रूम सिंह ने केवल यह बताया कि उन्होंने सल्फास खा ली है। इस पर तहसीलदार उन्हें जिला अस्पताल ले गए। कॉल करके परिवार वालों को भी वहीं बुला लिया गया। फिर उन्हें बरेली रेफर कर दिया गया। फिलहाल उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
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भतीजे से मोबाइल पर ही हुई थी कहासुनी
रूम सिंह के जहरीला पदार्थ खाने से पहले उनके भतीजे से कहासुनी होने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि जिस समय रूम सिंह तहसील आए थे उस दौरान उनकी अपने भतीजे से भी मोबाइल पर बात हुई थी। उनकी काफी कहासुनी हुई। इस बात को लेकर भी वह परेशान बताए जा रहे हैं।
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रूमसिंह के अनुसार, उनके भतीजे ने उन्हें धोखा दिया है। पहले उसने इकरारनामा किया था, फिर उसी खेत का बैनामा दूसरे को कर दिया। इस संबंध में नायब तहसीलदार कोर्ट में पुनर्स्थापना प्रार्थना पत्र आया है। उसकी सुनवाई को नोटिस भी भेजे गए हैं। उन्होंने सिविल कोर्ट में भी मुकदमा डाल रखा है। वह अपने भतीजे से परेशान थे जिस कारण उन्होंने विषाक्त पदार्थ खा लिया।
- करनवीर सिंह, तहसीलदार सदर
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- दाखिल किया था नायब तहसीलदार कोर्ट में पुनस्थार्पना प्रार्थनापत्र, सुनवाई में देरी होने से थे परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
बदायूं। सदर तहसील में बृहस्पतिवार को 65 वर्षीय किसान रूम सिंह ने विषाक्त पदार्थ खा लिया। इससे उनकी हालत बिगड़ गई। तहसीलदार उन्हें जिला अस्पताल ले गए, जहां से उन्हें बरेली रेफर कर दिया गया।
किसान रूम सिंह शहर से सटे गांव नगला शर्की के रहने वाले हैं। उनके छोटे भाई रक्षपाल सिंह के बेटे अमरदीप ने बताया कि करीब आठ साल पहले रूम सिंह ने अपने सबसे छोटे भाई पूरन सिंह के बेटे कुलदीप और पत्नी मुन्नी देवी से करीब तीन बीघा जमीन का इकरारनामा कराया था, जिसमें उनका करीब 15 लाख रुपया खर्च हो गया था। रूमसिंह लगातार जमीन का बैनामा कराने की कोशिश में थे। इसी दौरान कुलदीप ने चुपके से उसी खेत का बैनामा शहर के संजय रस्तोगी के नाम कर दिया। इस बारे में रूम सिंह को भनक तक नहीं लगी। काफी समय बाद रूम सिंह को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने इस संबंध में सिविल कोर्ट में एक मुकदमा दायर किया जो विचाराधीन है।
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इसके अलावा रूमसिंह ने नायब तहसीलदार कोर्ट में पुनर्स्थापना प्रार्थना पत्र दिया था। इस प्रार्थना पत्र के तहत संजय रस्तोगी के जमीन नाम आने को लेकर सुनवाई होनी थी लेकिन इस संबंध में लगातार देरी हो रही थी। रूम सिंह लगातार नायब तहसीलदार कोर्ट के चक्कर लगा रहे थे। बृहस्पतिवार दोपहर को भी वह तहसील पहुंचे और नायब तहसीलदार के यहां सुनवाई को गुहार लगाई। बताते हैं कि चूंकि उस जमीन का बैनामा संजय रस्तोगी के नाम था, इसलिए अधिकारी भी मामला टालने की कोशिश में थे। इससे परेशान होकर रूम सिंह ने अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे तहसील में ही विषाक्त पदार्थ खा लिया। इससे उनकी हालत बिगड़ गई। यह देखकर तमाम कर्मचारी दौड़ पड़े। उन्होंने तुरंत रूम सिंह को उठाया।
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सूचना पर तहसीलदार करनवीर सिंह भी बाहर निकल आए। उनके पूछने पर रूम सिंह ने केवल यह बताया कि उन्होंने सल्फास खा ली है। इस पर तहसीलदार उन्हें जिला अस्पताल ले गए। कॉल करके परिवार वालों को भी वहीं बुला लिया गया। फिर उन्हें बरेली रेफर कर दिया गया। फिलहाल उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
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भतीजे से मोबाइल पर ही हुई थी कहासुनी
रूम सिंह के जहरीला पदार्थ खाने से पहले उनके भतीजे से कहासुनी होने की बात सामने आई है। बताया जा रहा है कि जिस समय रूम सिंह तहसील आए थे उस दौरान उनकी अपने भतीजे से भी मोबाइल पर बात हुई थी। उनकी काफी कहासुनी हुई। इस बात को लेकर भी वह परेशान बताए जा रहे हैं।
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रूमसिंह के अनुसार, उनके भतीजे ने उन्हें धोखा दिया है। पहले उसने इकरारनामा किया था, फिर उसी खेत का बैनामा दूसरे को कर दिया। इस संबंध में नायब तहसीलदार कोर्ट में पुनर्स्थापना प्रार्थना पत्र आया है। उसकी सुनवाई को नोटिस भी भेजे गए हैं। उन्होंने सिविल कोर्ट में भी मुकदमा डाल रखा है। वह अपने भतीजे से परेशान थे जिस कारण उन्होंने विषाक्त पदार्थ खा लिया।
- करनवीर सिंह, तहसीलदार सदर