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बारिश से 15 फीसदी फसलों को नुकसान
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बारिश से जलमग्न धान की फसल को सुखाने ले जाता किसान। संवाद
- फोटो : BADAUN
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बदायूं। जिले में दो दिन हुई भारी बारिश के कारण धान की फसल को काफी नुकसान हुआ है। खेतों में कटी पड़ी धान की फसल जलमग्न होने के कारण बर्बाद हो गई। प्रशासन ने इस मामले में जांच कमेटी बनाकर सर्वे शुरू कराया है। कमेटी की रिपोर्ट के आधार पर फसलों के नुकसान का आकलन किया जाए। फिलहाल अनुमान है कि 10 से 15 फीसदी फसलों को नुकसान पहुंचा है।
बदायूं में दातागंज और सहसवान क्षेत्र धान की बेल्ट के रूप में जाने जाते हैं। इसके अलावा सदर, बिसौली और बिल्सी में भी बहुतायत में धान की फसल होती है। धान की फसल पककर तैयार होने के बाद काफी किसानों ने कटाई भी कर ली थी। इस बीच 17 और 18 अक्तूबर को भारी बारिश के कारण धान की फसल बर्बाद हो गई। पूरी तरह से भीग चुकी पकी हुई धान की फसल से अंकुरण छूटने लगे हैं। दातागंज विधायक राजीव कुमार सिंह ने एसडीएम पारस नाथ मौर्य, तहसीलदार ब्राह्मानंद के साथ कई इलाकों में जायजा लेकर धान की फसल को हुए नुकसान को देखा। उन्होंने सर्वे कराकर किसानों को मुआवजा दिलाने की बात कही है।
इधर, डीएम दीपा रंजन ने जिला कृषि अधिकारी, बीमा कंपनी के प्रतिनिधि व संबंधित तहसीलों के तहसीलदारों की टीमें बनाई हैं। यह सर्वे कर नुकसान की रिपोर्ट देंगी जिसके आधार पर फसल बीमा का दायरा तय किया जा सकेगा। दातागंज तहसील में सर्वे शुरू हुआ है, बाकी तहसीलों में नुकसान का प्राथमिक आकलन हो चुका है। करीब दस से पंद्रह फीसदी नुकसान माना जा रहा है।
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बारिश से हुए फसलों के नुकसान का आकलन कमेटी से कराया जा रहा है। इस कमेटी की रिपोर्ट मिलने पर शासन को भेजी जाएगी।
- दीपा रंजन, डीएम
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बदायूं में दातागंज और सहसवान क्षेत्र धान की बेल्ट के रूप में जाने जाते हैं। इसके अलावा सदर, बिसौली और बिल्सी में भी बहुतायत में धान की फसल होती है। धान की फसल पककर तैयार होने के बाद काफी किसानों ने कटाई भी कर ली थी। इस बीच 17 और 18 अक्तूबर को भारी बारिश के कारण धान की फसल बर्बाद हो गई। पूरी तरह से भीग चुकी पकी हुई धान की फसल से अंकुरण छूटने लगे हैं। दातागंज विधायक राजीव कुमार सिंह ने एसडीएम पारस नाथ मौर्य, तहसीलदार ब्राह्मानंद के साथ कई इलाकों में जायजा लेकर धान की फसल को हुए नुकसान को देखा। उन्होंने सर्वे कराकर किसानों को मुआवजा दिलाने की बात कही है।
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इधर, डीएम दीपा रंजन ने जिला कृषि अधिकारी, बीमा कंपनी के प्रतिनिधि व संबंधित तहसीलों के तहसीलदारों की टीमें बनाई हैं। यह सर्वे कर नुकसान की रिपोर्ट देंगी जिसके आधार पर फसल बीमा का दायरा तय किया जा सकेगा। दातागंज तहसील में सर्वे शुरू हुआ है, बाकी तहसीलों में नुकसान का प्राथमिक आकलन हो चुका है। करीब दस से पंद्रह फीसदी नुकसान माना जा रहा है।
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बारिश से हुए फसलों के नुकसान का आकलन कमेटी से कराया जा रहा है। इस कमेटी की रिपोर्ट मिलने पर शासन को भेजी जाएगी।
- दीपा रंजन, डीएम