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Budaun News: डीएम के आदेश के बाद भी कब्जा मुक्त नहीं हो सके रैन बसेरा
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बदायूं। डीएम मनोज कुमार के आदेश के बाद भी रैन बसेरे कब्जामुक्त नहीं हो सके हैं। ऐसे में जिला और जिला महिला अस्पताल में मरीजों के तीमारदारों को सर्द रातों में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। दोनों अस्पतालों में दो-दो रैन बसेरे हैं, लेकिन इनमें कुछ को स्टोर बना दिया गया है और कुछ पर एंबुलेंस स्टाफ ने कब्जा कर लिया है।
डीएम मनोज कुमार ने बृहस्पतिवार को जिला महिला अस्पताल का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने रैन बसेरों के संबंध में जानकारी ली तो पता लगा कि यहां दोनों रैन बसेरों पर एंबुलेंस स्टाफ का कब्जा है। डीएम ने जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. पुष्पा पंत त्रिपाठी को रैन बसेरे कब्जा मुक्त कराकर इनको तीमारदारों को ठहरने के लिए उचित व्यवस्था करने के आदेश दिए थे। डीएम के आदेश के बाद सीएमएस की ओर से रैन बसेरों को खाली करने के लिए एंबुलेंस स्टाफ को नोटिस जारी कर दिया। लेकिन नोटिस जारी होने के बाद तीसरे दिन शनिवार को भी रैन बसेरे कब्जा मुक्त नहीं हो सके।
इधर, जिला अस्पताल में भी दो रैन बसेरे हैं। इनमें एक रैन बसेरे को गोदाम बना दिया गया है और एक रैन बसेरे पर स्टाफ का कब्जा है। जिला अस्पताल में भी मरीजों के तीमारदारों को सर्द रातों में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यहां अब तक रैन बसेरों को खाली कराने के लिए सीएमएस डॉ. विजय बहादुर राम के स्तर से कोई कार्रवाई तक नहीं की गई है। जिला अस्पताल में मरीजों के तीमारदारों को यहां वहां फर्श पर सोते देखा जा सकता है।
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डीएम ने रैन बसेरों को खाली करा कर तीमारदारों को खोलने का आदेश दिया था। जिला महिला अस्पताल की सीएमएस ने अब तक रैन बसेरों को खाली क्यों नहीं कराया। इस संबंध में उनसे बात करने के बाद ही कुछ बता सकता हूं। - डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय, सीएमओ
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डीएम मनोज कुमार ने बृहस्पतिवार को जिला महिला अस्पताल का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान उन्होंने रैन बसेरों के संबंध में जानकारी ली तो पता लगा कि यहां दोनों रैन बसेरों पर एंबुलेंस स्टाफ का कब्जा है। डीएम ने जिला महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. पुष्पा पंत त्रिपाठी को रैन बसेरे कब्जा मुक्त कराकर इनको तीमारदारों को ठहरने के लिए उचित व्यवस्था करने के आदेश दिए थे। डीएम के आदेश के बाद सीएमएस की ओर से रैन बसेरों को खाली करने के लिए एंबुलेंस स्टाफ को नोटिस जारी कर दिया। लेकिन नोटिस जारी होने के बाद तीसरे दिन शनिवार को भी रैन बसेरे कब्जा मुक्त नहीं हो सके।
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इधर, जिला अस्पताल में भी दो रैन बसेरे हैं। इनमें एक रैन बसेरे को गोदाम बना दिया गया है और एक रैन बसेरे पर स्टाफ का कब्जा है। जिला अस्पताल में भी मरीजों के तीमारदारों को सर्द रातों में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। यहां अब तक रैन बसेरों को खाली कराने के लिए सीएमएस डॉ. विजय बहादुर राम के स्तर से कोई कार्रवाई तक नहीं की गई है। जिला अस्पताल में मरीजों के तीमारदारों को यहां वहां फर्श पर सोते देखा जा सकता है।
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डीएम ने रैन बसेरों को खाली करा कर तीमारदारों को खोलने का आदेश दिया था। जिला महिला अस्पताल की सीएमएस ने अब तक रैन बसेरों को खाली क्यों नहीं कराया। इस संबंध में उनसे बात करने के बाद ही कुछ बता सकता हूं। - डॉ. प्रदीप वार्ष्णेय, सीएमओ

जिला अस्पताल में फर्श पर सोता एक तीमारदार। संवाद- फोटो : BADAUN

जिला महिला अस्पताल में रैन बसेरा पर कब्जा। संवाद- फोटो : BADAUN