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अंडरग्राउंड केबल: पावर कॉरपोरेशन के अधिकारियों की भी बन रही चार्जशीट
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बदायूं। पांच साल से विवादों में घिरी अंडग्राउंड केबल मामले में पावर कॉरपोरेशन के कई अधिकारी भी एमडी एम देवराज के निशाने पर आ गए हैं। इनके खिलाफ भी अब शासन स्तर पर चार्जशीट तैयार की जा रही है। देर-सबेर मामले में बड़ी कार्रवाई होने के संकेत मिल रहे हैं। दरअसल, वरिष्ठ आईएएस एम देवराज की तेज-तर्रार और ईमानदार अधिकारियों में गिनती है।
अंडरग्राउंड केबल से लगातार हो रहे हादसों के कारण हाल ही में नगर विकास राज्यमंत्री महेश चंद्र गुप्ता ने पावर कॉरपोरेशन के एमडी एम देवराज से मुलाकात कर शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद बुधवार को पावर कॉरपोरेशन के चीफ इंजीनियर ने बदायूं का दौरा कर कई इलाकों में अंडरग्राउंड केबल की स्थिति को जाना। 119 करोड़ के अंडरग्राउंड केबल प्रोजेक्ट में पावर कॉरपोरेशन के कई अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। एमडी एम देवराज ने इन अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट तैयार करने का भरोसा नगर विकास राज्यमंत्री को दिया है। दरअसल, अंडरग्राउंड केबल में भ्रष्टाचार का मामला 2016 में ही सामने आ गया था। शासन स्तर से 2020 में विजीलेंस जांच में भी सैकड़ों खामियां मिलीं, लेकिन किसी के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। ऐसे में पावर कॉरपोरेशन के अधिकारी अब एमडी एम देवराज के निशाने पर आ गए हैं।
आबिद की मुखालफत से 2016 में गरमा गई थी राजनीति
अंडरग्राउंड केबल का मुद्दा 2016 में सबसे पहले तत्कालीन सपा विधायक राज्यमंत्री आबिद रजा ने उठाया था। उन्होंने काम की खराब गुणवत्ता को मुद्दा बनाया तो सपा ने उनसे किनारा कर लिया। 2016 में आबिद ने कहा था कि अंडरग्राउंड केबल की खराब गुणवत्ता से शहर के लोग एक तरह से बारूद के ढेर पर होंगे। लोगों को जान देकर खामियाजा भुगतना होगा। इस दौरान कई महीने तक जिले की राजनीति भी तल्खी रही थी। 2018 में अंडरग्राउंड केबल का काम पूरा होने के साथ हादसे भी होने लगे। हर वर्ष बारिश के दिनों में अंडरग्राउंड केबल से कई बेजुबानों के साथ आम लोगों की भी जान जाती है। प्रवक्ता एचएन सिंह की मौत के बाद यह मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है।
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अंडरग्राउंड केबल मामले में पावर कॉरपोरेशन के तत्कालीन कई अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध है। एमडी एम देवराज से इस बारे में मेरी चर्चा हुई है। उन्होंने ऐसे अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया है। - महेश गुप्ता, नगर विकास राज्यमंत्री
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अंडरग्राउंड केबल से लगातार हो रहे हादसों के कारण हाल ही में नगर विकास राज्यमंत्री महेश चंद्र गुप्ता ने पावर कॉरपोरेशन के एमडी एम देवराज से मुलाकात कर शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद बुधवार को पावर कॉरपोरेशन के चीफ इंजीनियर ने बदायूं का दौरा कर कई इलाकों में अंडरग्राउंड केबल की स्थिति को जाना। 119 करोड़ के अंडरग्राउंड केबल प्रोजेक्ट में पावर कॉरपोरेशन के कई अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है। एमडी एम देवराज ने इन अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट तैयार करने का भरोसा नगर विकास राज्यमंत्री को दिया है। दरअसल, अंडरग्राउंड केबल में भ्रष्टाचार का मामला 2016 में ही सामने आ गया था। शासन स्तर से 2020 में विजीलेंस जांच में भी सैकड़ों खामियां मिलीं, लेकिन किसी के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है। ऐसे में पावर कॉरपोरेशन के अधिकारी अब एमडी एम देवराज के निशाने पर आ गए हैं।
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आबिद की मुखालफत से 2016 में गरमा गई थी राजनीति
अंडरग्राउंड केबल का मुद्दा 2016 में सबसे पहले तत्कालीन सपा विधायक राज्यमंत्री आबिद रजा ने उठाया था। उन्होंने काम की खराब गुणवत्ता को मुद्दा बनाया तो सपा ने उनसे किनारा कर लिया। 2016 में आबिद ने कहा था कि अंडरग्राउंड केबल की खराब गुणवत्ता से शहर के लोग एक तरह से बारूद के ढेर पर होंगे। लोगों को जान देकर खामियाजा भुगतना होगा। इस दौरान कई महीने तक जिले की राजनीति भी तल्खी रही थी। 2018 में अंडरग्राउंड केबल का काम पूरा होने के साथ हादसे भी होने लगे। हर वर्ष बारिश के दिनों में अंडरग्राउंड केबल से कई बेजुबानों के साथ आम लोगों की भी जान जाती है। प्रवक्ता एचएन सिंह की मौत के बाद यह मुद्दा फिर चर्चा में आ गया है।
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अंडरग्राउंड केबल मामले में पावर कॉरपोरेशन के तत्कालीन कई अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध है। एमडी एम देवराज से इस बारे में मेरी चर्चा हुई है। उन्होंने ऐसे अधिकारियों के खिलाफ चार्जशीट तैयार कर कड़ी कार्रवाई का भरोसा दिया है। - महेश गुप्ता, नगर विकास राज्यमंत्री