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एकादशी का उल्लास, रोशनी से जगमग रहे मंदिर
बदायूं।
Updated Sat, 19 Aug 2017 12:18 AM IST
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जन्माष्टमी
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बिरुआवाड़ी, हर प्रसाद, रघुनाथ मंदिर में विशेष सजावट
भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के तीन दिन बाद सूतक खत्म होने पर जिले में एकादशी मनाए जाने की परंपरा है। शुक्रवार को शहर में मंदिरों को भव्य तरीके से सजाया गया। बिरुआबाड़ी, हर प्रसाद, गौरी शंकर देवालय और रघुनाथ मंदिरों को विशेष रूप से सजाया गया। रात भर शहर के सड़कों पर चहल-पहल रही। मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ रही। शहर के कई मंदिर एकादशी पर रोशनी से जगमग रहे।
एकादशी पर शुक्रवार को सूरज ढलते ही बिजली की रोशनी से शहर के मंदिर और सड़कें जगमगाने लगीं। गली-गली मंदिरों में जहां देवी देवताओं को नवीन वस्त्रों और आभूषणों से अलंकृत किया गया, वहीं मंदिर बिजली झालरों से जगमगाते नजर आ रहे थे। योगिराज कृष्ण के जीवन की कथा से जुड़ी झांकियां आकर्षक का केंद्र रहीं। भगवान भोले नाथ, पर्वत उठाए महावीर बजरंगबली दधि मंथन ऑकरती मां यशोदा, नटखट नंद गोपाल की झांकियों में सजीवता झलक रही थी। जेल में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की झांकी रोमांचित करने में सबसे आगे थीं।
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काली सड़क पर सबसे अधिक रौनक, मेला लगा
शहर का पुराना बाईपास का गौरव हासिल करने वाली काली सड़क पर सबसे अधिक भीड़ दिखी। इस मार्ग पर प्रसिद्ध बिरुआबाड़ी मंदिर, हर प्रसाद मंदिर, नारायण मंदिर, रघुनाथ मंदिर, पंजाबी मंदिर आदि को रास्ता हैं। इसलिए यहां सबसे अधिक रौनक रही। यही नहीं आवास विकास की ओर गौरी शंकर मंदिर की आकर्षक सजावट देखने को जनसमूह उमड़ पड़ा। रेलवे स्टेशन कचहरी समेत विभिन्न मंदिरों में भी अतुलनीय सजावट हुई।
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जन्माष्टमी मेला का उठाया लुत्फ
उझानी। बुटला दौलत गांव में जन्माष्टमी मेला में शुक्रवार को आसपास इलाके के लोग जुटे। उन्होंने रासलीला समेत मनोरंजन के संसाधनों का लुत्फ उठाया। उद्घाटन कांग्रेस नेता सुरेशपाल सिंह तोमर ने किया।
आयोजक मंडल में शामिल रामवीर यादव ने बताया कि मेला चार दिन तक चलेगा। उद्घाटन समारोह में आलोक शर्मा, महेश शाक्य, प्रेमपाल सिंह, भूरे सागर, रामू, राजवीर सिंह, अरविंद कुमार, चरनसिंह, कल्लू और उमेश आदि मौजूद थे।
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मेले मनमोहक नाटकों का मंचन
दबतोरी। जन्माष्टमी पर लगे मेले का शुक्रवार को समापन हो गया। स्थानीय कलाकारों ने मनमोहक नाटकों का मंचन किया। दूर दराज से लोग मेले में पहुंचे और खरीदारी की। मेला अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह एडवोकेट, प्रंबधक ग्रीश पाल सिंह, पूर्व जिला पंचायत सदस्य, सुनील सिंह, रामवीर शर्मा, सतेंद्र सिंह, प्रवेंद्र भदौरिया, उमेश भदौरिया, धनपाल सिंह, गोविंद कठेरिया, बंटी ठाकुर, गौरव, अतेंद्र चौहान, अवधेश, महेंद्र सिंह, आदि का सहयोग रहा। इस्लामनगर में जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में निकाली गई शोभायात्रा का पूर्व चेयरमैन वीरेंद्र लीडर ने दीप जलाकर शुभारंभ किया। श्री कृष्ण जन्माष्टमी के बाद फूलडोल निकालने की परंपरा है। उसी के तहत फूलडोल निकाले गए। पप्पू दादा , दीपेंद्र गुप्ता, अनुराग गुप्ता, सौरभ गुप्ता, राजेश गुप्ता, कुलदीप गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के तीन दिन बाद सूतक खत्म होने पर जिले में एकादशी मनाए जाने की परंपरा है। शुक्रवार को शहर में मंदिरों को भव्य तरीके से सजाया गया। बिरुआबाड़ी, हर प्रसाद, गौरी शंकर देवालय और रघुनाथ मंदिरों को विशेष रूप से सजाया गया। रात भर शहर के सड़कों पर चहल-पहल रही। मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ रही। शहर के कई मंदिर एकादशी पर रोशनी से जगमग रहे।
एकादशी पर शुक्रवार को सूरज ढलते ही बिजली की रोशनी से शहर के मंदिर और सड़कें जगमगाने लगीं। गली-गली मंदिरों में जहां देवी देवताओं को नवीन वस्त्रों और आभूषणों से अलंकृत किया गया, वहीं मंदिर बिजली झालरों से जगमगाते नजर आ रहे थे। योगिराज कृष्ण के जीवन की कथा से जुड़ी झांकियां आकर्षक का केंद्र रहीं। भगवान भोले नाथ, पर्वत उठाए महावीर बजरंगबली दधि मंथन ऑकरती मां यशोदा, नटखट नंद गोपाल की झांकियों में सजीवता झलक रही थी। जेल में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म की झांकी रोमांचित करने में सबसे आगे थीं।
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काली सड़क पर सबसे अधिक रौनक, मेला लगा
शहर का पुराना बाईपास का गौरव हासिल करने वाली काली सड़क पर सबसे अधिक भीड़ दिखी। इस मार्ग पर प्रसिद्ध बिरुआबाड़ी मंदिर, हर प्रसाद मंदिर, नारायण मंदिर, रघुनाथ मंदिर, पंजाबी मंदिर आदि को रास्ता हैं। इसलिए यहां सबसे अधिक रौनक रही। यही नहीं आवास विकास की ओर गौरी शंकर मंदिर की आकर्षक सजावट देखने को जनसमूह उमड़ पड़ा। रेलवे स्टेशन कचहरी समेत विभिन्न मंदिरों में भी अतुलनीय सजावट हुई।
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जन्माष्टमी मेला का उठाया लुत्फ
उझानी। बुटला दौलत गांव में जन्माष्टमी मेला में शुक्रवार को आसपास इलाके के लोग जुटे। उन्होंने रासलीला समेत मनोरंजन के संसाधनों का लुत्फ उठाया। उद्घाटन कांग्रेस नेता सुरेशपाल सिंह तोमर ने किया।
आयोजक मंडल में शामिल रामवीर यादव ने बताया कि मेला चार दिन तक चलेगा। उद्घाटन समारोह में आलोक शर्मा, महेश शाक्य, प्रेमपाल सिंह, भूरे सागर, रामू, राजवीर सिंह, अरविंद कुमार, चरनसिंह, कल्लू और उमेश आदि मौजूद थे।
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मेले मनमोहक नाटकों का मंचन
दबतोरी। जन्माष्टमी पर लगे मेले का शुक्रवार को समापन हो गया। स्थानीय कलाकारों ने मनमोहक नाटकों का मंचन किया। दूर दराज से लोग मेले में पहुंचे और खरीदारी की। मेला अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह एडवोकेट, प्रंबधक ग्रीश पाल सिंह, पूर्व जिला पंचायत सदस्य, सुनील सिंह, रामवीर शर्मा, सतेंद्र सिंह, प्रवेंद्र भदौरिया, उमेश भदौरिया, धनपाल सिंह, गोविंद कठेरिया, बंटी ठाकुर, गौरव, अतेंद्र चौहान, अवधेश, महेंद्र सिंह, आदि का सहयोग रहा। इस्लामनगर में जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में निकाली गई शोभायात्रा का पूर्व चेयरमैन वीरेंद्र लीडर ने दीप जलाकर शुभारंभ किया। श्री कृष्ण जन्माष्टमी के बाद फूलडोल निकालने की परंपरा है। उसी के तहत फूलडोल निकाले गए। पप्पू दादा , दीपेंद्र गुप्ता, अनुराग गुप्ता, सौरभ गुप्ता, राजेश गुप्ता, कुलदीप गुप्ता आदि मौजूद रहे।