बिल्सी। गांव रायपुर बुजुर्ग के काली मंदिर के निकट चल रही श्रीमद्भागवत कथा के चौथे दिन शनिवार को कथावाचक जितेंद्र दास विश्वामित्र ने कहा कि श्रीकृष्ण आनंद के सागर हैं। भगवान अवतरित होते हैं, तो सारे बंधन टूट जाते हैं। श्रीकृष्ण जिस समय अवतरित हुए उस समय कारागार के सभी पहरेदार सो गए। मां देवकी और वासुदेव जी की बेड़ियां और हथकड़ी टूट गईं। हर तरफ उत्साह का अपूर्व वातावरण था।
भगवान श्रीकृष्ण ने धर्म रक्षा के लिए इस संसार में अवतार लिया। उन्होंने कहा कि इस संसार में जो भी अंहकार करते हैं, उनका पतन निश्चित है। अहंकारी प्राणियों को प्रभु की भक्ति नहीं मिलती। इस मौके पर धर्मेंद्र तोमर, अरुण कुमार सिंह, जयवीर सिंह, राहुल कुमार, विक्की सिंह, वंदना सिंह, प्रिंयका कुमारी, सरोज देवी, संध्या आदि मौजूद रहे। संवाद