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प्रेरणा एप: अधिकतर शिक्षक नहीं दे रहे हैं उपस्थिति
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बदायूं। शासन की ओर से प्रेरणा एप को शुरू किया गया, साथ ही निर्देश दिए गए कि सभी शिक्षक प्रेरणा एप पर अपनी उपस्थिति देंगे, लेकिन शासन और विभाग की ओर से मिले निर्देशों के बाद भी शिक्षकों की ओर से अभी प्रेरणा एप पर उपस्थिति नहीं दी जा रही है। अभी भी तमाम शिक्षक इसे नजरंदाज कर रहे हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पांच सितंबर को प्रेरणा एप लागू किया। इसके पीछे मकसद था कि शिक्षकों की छवि धूमिल करने के लिए जो लोग लगातार उनकी शिकायतें करते रहते थे, इससे छुटकारा मिल जाएगा, साथ ही जो शिक्षक विद्यालय नहीं जाते थे और विभागीय अधिकारी, कर्मचारियों से सांठगांठ कर फर्जी आंकड़े प्रस्तुत कर आर्थिक लाभ लेते रहते थे, उन पर लगाम लग जाएगी, लेकिन जिले में शिक्षकों ने एप का विरोध करते हुए इस पर उपस्थिति नहीं लगाई। ऐसे में विभागीय अधिकारी शिक्षक संगठनों और शिक्षकों के साथ में बैठक कर एप के बारे में बता रहे हैं। उनका कहना है कि अध्यापक एप का उपयोग करें, ताकि जो परेशानी अभी आ रही है, उनका समाधान किया जा सके। हालांकि विभाग का दावा है कि अभी 200 के करीब शिक्षकों ने प्रेरणा एप पर अपनी उपस्थिति लगाना शुरू कर दी है।
शासन की ओर से प्रेरणा एप शिक्षकों के लिए लागू किया गया है। इस संबंध में सभी शिक्षकों को जानकारी दी जा चुकी है। अभी सिर्फ दो सौ के करीब शिक्षक-शिक्षिकाओं ने एप के माध्यम से उपस्थिति लगाना शुरू की है।
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-रामपाल सिंह राजपूत, बीएसए
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पांच सितंबर को प्रेरणा एप लागू किया। इसके पीछे मकसद था कि शिक्षकों की छवि धूमिल करने के लिए जो लोग लगातार उनकी शिकायतें करते रहते थे, इससे छुटकारा मिल जाएगा, साथ ही जो शिक्षक विद्यालय नहीं जाते थे और विभागीय अधिकारी, कर्मचारियों से सांठगांठ कर फर्जी आंकड़े प्रस्तुत कर आर्थिक लाभ लेते रहते थे, उन पर लगाम लग जाएगी, लेकिन जिले में शिक्षकों ने एप का विरोध करते हुए इस पर उपस्थिति नहीं लगाई। ऐसे में विभागीय अधिकारी शिक्षक संगठनों और शिक्षकों के साथ में बैठक कर एप के बारे में बता रहे हैं। उनका कहना है कि अध्यापक एप का उपयोग करें, ताकि जो परेशानी अभी आ रही है, उनका समाधान किया जा सके। हालांकि विभाग का दावा है कि अभी 200 के करीब शिक्षकों ने प्रेरणा एप पर अपनी उपस्थिति लगाना शुरू कर दी है।
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शासन की ओर से प्रेरणा एप शिक्षकों के लिए लागू किया गया है। इस संबंध में सभी शिक्षकों को जानकारी दी जा चुकी है। अभी सिर्फ दो सौ के करीब शिक्षक-शिक्षिकाओं ने एप के माध्यम से उपस्थिति लगाना शुरू की है।
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-रामपाल सिंह राजपूत, बीएसए