{"_id":"67c89e4b4eacda2fdd0fd9ca","slug":"dpr-approved-compost-will-start-being-made-from-garbage-in-ujhani-in-two-three-months-badaun-news-c-123-1-sbly1035-135245-2025-03-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Budaun News: डीपीआर मंजूर, उझानी में दो-तीन महीने में बनने लगेगी कूड़े से खाद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budaun News: डीपीआर मंजूर, उझानी में दो-तीन महीने में बनने लगेगी कूड़े से खाद
विज्ञापन
उझानी के एमआरएफ सेंटर पर कृड़ा उड़ेलते वाहन। संवाद
उझानी। पटपरागंज स्थित नगर पालिका के मेटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) सेंटर में कूड़े से खाद बनाने वाले प्लांट की डीपीआर को शासन से मंजूरी मिल गई है। उम्मीद है कि कूड़े से खाद बनना दो-तीन महीने में शुरू हो जाएगी। अब धनराशि अवमुक्त होने का इंतजार किया जा रहा है। अभी सेंटर पर गीले और सूखे कूड़े की छंटनी मशीन के जरिए की जा रही है।
इलाके के गांव पटपरागंज में पालिका ने करीब तीन साल पहले एमआरएफ सेंटर बनवाया था। ग्रामीणों का कहना है कि तेज हवा चलने पर सेंटर पर डंप कूड़ा उड़कर खेतों और घरों तक पहुंच जाता है। इससे उन्हें दिक्कत होती है। सूखे और गीले कूड़े की छंटनी परिसर में लगी मशीन से कर ली जाती है, लेकिन उसका निस्तारण नहीं हो पाता।
पालिका के सफाई निरीक्षक हरीश त्यागी ने बताया कि परिसर में ही कूड़ा निस्तारण के लिए कार्रवाई चल रही है। यहां कूड़े से खाद बनाने के लिए प्लांट लगाया जाना है। इसकी डीपीआर भी शासन को भेज दी गई थी। अब यह मंजूर हो गई है। अब तक धनराशि अवमुक्त नहीं हो पाने से प्लांट का काम शुरू नहीं हो सका है।
विज्ञापन
नरऊ के तालाब से पहले भी हो चुका है फसलों को नुकसान
पटपरागंज से करीब एक किलोमीटर दूर नरऊ गांव के तालाब के आसपास के गांव के किसान भी परेशान हैं। पिछले महीने तालाब में ओवरफ्लो के बाद बंधा कटा तो सैकड़ों बीघा रकबा में फसलें चपेट में आ गईं थीं। पिछले सालों की तरह किसानों को आर्थिक नुकसान भी हुआ था। बता दें कि तालाब में पालिका के नाले का पानी गिरता है। पालिका की ओर से भैंसोर नदी तक तालाब का पानी पहुंचाने के लिए कार्रवाई शुरू की गई तो बुटला में प्लांट लगाने को मंजूरी प्रदान कर दी गई, हालांकि अब तक धनराशि अवमुक्त नहीं हो पाई है।
सत्याग्रही कांग्रेस नेता ने गांवों में किया जनसंपर्क
कूड़े और तालाब को लेकर पटपरागंज में चल रहे सत्याग्रह के तहत कांग्रेस के प्रदेश सचिव अजीत यादव ने बुधवार को आसपास के गांवों में जनसंपर्क किया। उन्होंने कहा कि किसानों को उनका हक दिलाने के बाद ही वह सत्याग्रह बंद करेंगे। तालाब के पानी से फसलों को जो नुकसान हुआ है, उसका मुआवजा भी मिलना चाहिए। कूड़े में सड़ांध और हवा प्रदूषित होने से ग्रामीणों की सेहत खराब हो रही है। वह आठ मार्च से आमरण अनशन शुरू करेंगे। सत्याग्रह स्थल पर ग्रामीणों ने अफसरों की भूमिका पर सवाल उठाया। कहा कि उनका समस्या का समाधान होना चाहिए।
सेंटर में कूड़े का निस्तारण न होने से किसान परेशान
एमआरएफ सेंटर परिसर में कूड़े के ढेरों की वजह से किसानों को परेशानी हो रही है। पालिका ने जिस समय जमीन खरीदी थी, तब ग्रामीणों को कूड़ा इकट्ठा किए जाने के बारे में जानकारी नहीं थी। अगर पता होता तो सेंटर ही नहीं बनने देते। - चरन सिंह, ग्रामीण
तालाब के उफनाने से फसलों को होता है नुकशान
नरऊ के तालाब ने इलाके के किसानों को हर साल ही काफी नुकसान पहुंचाया है। नाले का पानी ज्यादा पहुंचने से तालाब जब भी उफान पर आता है, आसपास इलाके के खेतों में फसलें डूब जाती हैं। कभी- कभी फसलों से लागत भी नहीं निकल पाती।- राजीव सिंह, ग्रामीण
विज्ञापन
इलाके के गांव पटपरागंज में पालिका ने करीब तीन साल पहले एमआरएफ सेंटर बनवाया था। ग्रामीणों का कहना है कि तेज हवा चलने पर सेंटर पर डंप कूड़ा उड़कर खेतों और घरों तक पहुंच जाता है। इससे उन्हें दिक्कत होती है। सूखे और गीले कूड़े की छंटनी परिसर में लगी मशीन से कर ली जाती है, लेकिन उसका निस्तारण नहीं हो पाता।
विज्ञापन
पालिका के सफाई निरीक्षक हरीश त्यागी ने बताया कि परिसर में ही कूड़ा निस्तारण के लिए कार्रवाई चल रही है। यहां कूड़े से खाद बनाने के लिए प्लांट लगाया जाना है। इसकी डीपीआर भी शासन को भेज दी गई थी। अब यह मंजूर हो गई है। अब तक धनराशि अवमुक्त नहीं हो पाने से प्लांट का काम शुरू नहीं हो सका है।
विज्ञापन
नरऊ के तालाब से पहले भी हो चुका है फसलों को नुकसान
पटपरागंज से करीब एक किलोमीटर दूर नरऊ गांव के तालाब के आसपास के गांव के किसान भी परेशान हैं। पिछले महीने तालाब में ओवरफ्लो के बाद बंधा कटा तो सैकड़ों बीघा रकबा में फसलें चपेट में आ गईं थीं। पिछले सालों की तरह किसानों को आर्थिक नुकसान भी हुआ था। बता दें कि तालाब में पालिका के नाले का पानी गिरता है। पालिका की ओर से भैंसोर नदी तक तालाब का पानी पहुंचाने के लिए कार्रवाई शुरू की गई तो बुटला में प्लांट लगाने को मंजूरी प्रदान कर दी गई, हालांकि अब तक धनराशि अवमुक्त नहीं हो पाई है।
सत्याग्रही कांग्रेस नेता ने गांवों में किया जनसंपर्क
कूड़े और तालाब को लेकर पटपरागंज में चल रहे सत्याग्रह के तहत कांग्रेस के प्रदेश सचिव अजीत यादव ने बुधवार को आसपास के गांवों में जनसंपर्क किया। उन्होंने कहा कि किसानों को उनका हक दिलाने के बाद ही वह सत्याग्रह बंद करेंगे। तालाब के पानी से फसलों को जो नुकसान हुआ है, उसका मुआवजा भी मिलना चाहिए। कूड़े में सड़ांध और हवा प्रदूषित होने से ग्रामीणों की सेहत खराब हो रही है। वह आठ मार्च से आमरण अनशन शुरू करेंगे। सत्याग्रह स्थल पर ग्रामीणों ने अफसरों की भूमिका पर सवाल उठाया। कहा कि उनका समस्या का समाधान होना चाहिए।
सेंटर में कूड़े का निस्तारण न होने से किसान परेशान
एमआरएफ सेंटर परिसर में कूड़े के ढेरों की वजह से किसानों को परेशानी हो रही है। पालिका ने जिस समय जमीन खरीदी थी, तब ग्रामीणों को कूड़ा इकट्ठा किए जाने के बारे में जानकारी नहीं थी। अगर पता होता तो सेंटर ही नहीं बनने देते। - चरन सिंह, ग्रामीण
तालाब के उफनाने से फसलों को होता है नुकशान
नरऊ के तालाब ने इलाके के किसानों को हर साल ही काफी नुकसान पहुंचाया है। नाले का पानी ज्यादा पहुंचने से तालाब जब भी उफान पर आता है, आसपास इलाके के खेतों में फसलें डूब जाती हैं। कभी- कभी फसलों से लागत भी नहीं निकल पाती।- राजीव सिंह, ग्रामीण

उझानी के एमआरएफ सेंटर पर कृड़ा उड़ेलते वाहन। संवाद

उझानी के एमआरएफ सेंटर पर कृड़ा उड़ेलते वाहन। संवाद