{"_id":"65e4be0dc706d75a500be498","slug":"dont-have-to-surrender-budget-departments-engaged-in-development-work-badaun-news-c-123-1-sbly1001-114552-2024-03-03","type":"story","status":"publish","title_hn":"Budaun News: बजट सरेंडर न करना पड़े, विकास के कार्यो में जुटे विभाग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Budaun News: बजट सरेंडर न करना पड़े, विकास के कार्यो में जुटे विभाग
विज्ञापन
बदायूं। वित्तीय वर्ष खत्म होने में अब मार्च का ही माह है। जैसे-जैसे वित्तीय सत्र समाप्ती की ओर बढ़ रहा है, वैसे-वैसे विकास कार्याें में तेजी दिखाई देने लगी है। क्योंकि जितना ज्यादा बजट विभाग खर्च कर लेगा, उसे उतनी ही कम धनराशि शासन को सरेंडर करनी होगी।
जिले में विकास कार्य कराने के लिए शासन हर साल विभागों को बजट देती है। इस धनराशि से शासन की तमाम योजनाओं को संचालित किया जाता है। धनराशि इस हिसाब से दी जाती है ताकि बजट के अभाव में काम न रूके। विभागों द्वारा साल भर धीमी गति से काम किया गया। नतीजन अधिकांश बजट खातों में शेष है। अगर यह धनराशि को विकास के कार्यो में नहीं लगी तो संबंधित विभाग को धनराशि शासन को वापस करनी होगी और साथ ही लिखित रूप में कारण भी बताना होगा। धनराशि शेष न रहे इसके लिए विभागों ने काम में तेजी लाई है। इस धनराशि से अब शहर से लेकर गांव तक में विकास से संबंधित काम दिखाई देने लगे हैं। हालात यह है कि पिछले 15 दिनों से अधिकारी और जनप्रतिनिधि कार्यो के शिलान्यास करने में लगे हैं। इस संबंध में सीडीओ केशव कुमार ने बताया कि कोशिश रहेगी कि जिले में ज्यादा से ज्यादा काम हों। जिस योजना के तहत जो बजट मिला है। उसको उस पर खर्च किया जा सके।संवाद
विज्ञापन
जिले में विकास कार्य कराने के लिए शासन हर साल विभागों को बजट देती है। इस धनराशि से शासन की तमाम योजनाओं को संचालित किया जाता है। धनराशि इस हिसाब से दी जाती है ताकि बजट के अभाव में काम न रूके। विभागों द्वारा साल भर धीमी गति से काम किया गया। नतीजन अधिकांश बजट खातों में शेष है। अगर यह धनराशि को विकास के कार्यो में नहीं लगी तो संबंधित विभाग को धनराशि शासन को वापस करनी होगी और साथ ही लिखित रूप में कारण भी बताना होगा। धनराशि शेष न रहे इसके लिए विभागों ने काम में तेजी लाई है। इस धनराशि से अब शहर से लेकर गांव तक में विकास से संबंधित काम दिखाई देने लगे हैं। हालात यह है कि पिछले 15 दिनों से अधिकारी और जनप्रतिनिधि कार्यो के शिलान्यास करने में लगे हैं। इस संबंध में सीडीओ केशव कुमार ने बताया कि कोशिश रहेगी कि जिले में ज्यादा से ज्यादा काम हों। जिस योजना के तहत जो बजट मिला है। उसको उस पर खर्च किया जा सके।संवाद
विज्ञापन