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उझानी में डॉक्टर ने होमगार्ड के बीमार बेटे का इलाज करने से किया इंकार, बुलानी पड़ी पुलिस
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उझानी। कोरोना की दहशत के बीच देशभर में डॉक्टर, नर्स और चिकित्सकीय स्टाफ दिन रात मरीजों की सेवा में लगे हैं। ऐसे में एक नर्सिंग होम के डॉक्टर ने अपने फर्ज से ही मुंह फेर लिया। कोतवाली में तैनात होमगार्ड सोमवार को अपने बीमार बेटे के इलाज के लिए एक नर्सिंग होम में पहुंचे तो घर में मौजूद डॉक्टर ने उसे देखने से इंकार कर दिया। होमगार्ड ने फोन कर पुलिस को भी बुला लिया, लेकिन डॉक्टर तब भी नर्सिंग होम से बाहर नहीं निकले। परेेशान पिता अपने बीमार बेटे को दूसरे क्लीनिक में ले जाने को मजबूर हो गए।
मामला सुबह में करीब नौ बजे का है। कादरचौक क्षेत्र के गांव बमनौसी निवासी यशपाल का सात वर्षीय बेटे को एक दिन पहले बुखार आ गया। उस समय यशपाल कोतवाली में ड्यूटी पर थे। सुबह में वह बेटे को लेकर बदायूं रोड मार्केट स्थित एक नर्सिंग होम पहुंचे। नर्सिंग होम में मौजूद कंपाउंडर से होमगार्ड ने डॉक्टर को बुलाने की गुहार लगाई लेकिन डॉक्टर बाहर निकलकर नहीं आए। सूचना पर दारोगा शिवेंद्र भदौरिया भी नर्सिंग होम पहुंच गए। डॉक्टर ने इस पर भी गौर नहीं किया। नर्सिंग होम पर इलाज नहीं मिलने के बाद होमगार्ड बीमार बेटे को दूसरे क्लीनिक पर ले गए। तब कहीं जाकर बच्चे का इलाज शुरू हो पाया।
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मामला सुबह में करीब नौ बजे का है। कादरचौक क्षेत्र के गांव बमनौसी निवासी यशपाल का सात वर्षीय बेटे को एक दिन पहले बुखार आ गया। उस समय यशपाल कोतवाली में ड्यूटी पर थे। सुबह में वह बेटे को लेकर बदायूं रोड मार्केट स्थित एक नर्सिंग होम पहुंचे। नर्सिंग होम में मौजूद कंपाउंडर से होमगार्ड ने डॉक्टर को बुलाने की गुहार लगाई लेकिन डॉक्टर बाहर निकलकर नहीं आए। सूचना पर दारोगा शिवेंद्र भदौरिया भी नर्सिंग होम पहुंच गए। डॉक्टर ने इस पर भी गौर नहीं किया। नर्सिंग होम पर इलाज नहीं मिलने के बाद होमगार्ड बीमार बेटे को दूसरे क्लीनिक पर ले गए। तब कहीं जाकर बच्चे का इलाज शुरू हो पाया।
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