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मेडिकल कॉलेज के लिए सीएमओ से मांगे डॉक्टर
बदायूं।
Updated Mon, 10 Aug 2015 08:23 PM IST
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राजकीय मेडिकल कॉलेज की ओपीडी सितंबर से शुरू कराने का दावा तो चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण और स्वास्थ्य विभाग ने कर दिया है, लेकिन डॉक्टरों की किल्लत यहां भी बनी हुई है। ओपीडी शुरू कराने के लिए सीएमओ से डॉक्टरों की मांग की गई। सीएमओ ने पहले से डॉक्टरों की कमी का हवाला देकर डॉक्टर उपलब्ध कराने में असमर्थता जता दी है। अब कहा जा रहा है कि ओपीडी शुरू कराने के लिए संविदा पर रिटायर्ड डॉक्टरों की भर्ती की जाएगी। हालांकि भर्ती प्रक्रिया अभी शुरू नहीं हुई है। ऐसे में मेडिकल कॉलेज की ओपीडी सितंबर से शुरू होना मुश्किल नजर आ रहा है।
जिले में 543 करोड़ रुपये की लागत से मेडिकल कॉलेज का निर्माण हो रहा है। ओपीडी का काम लगभग पूरा हो गया है। शासन ने दावा किया है कि अगले साल 100 एमबीबीएस की सीटों के साथ मेडिकल कॉलेज शुरू हो जाएगा। इससे पहले सितंबर में मेडिकल कॉलेज में ओपीडी सेवाएं शुरू कर दी जाएंगी। दो दिन पहले चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण विभाग के निदेशक प्रोफेसर डॉ. वीएन त्रिपाठी ने मेडिकल कॉलेज का दौरा करने के बाद कहा था कि अगले महीने ओपीडी शुरू हो जाएगी। इस बीच सीएमओ से ओपीडी सेवाएं शुरू करने के लिए डॉक्टरों की मांग से साफ हो गया है कि सरकार के पास डॉक्टर नहीं है। ऐसे में ओपीडी सेवाएं समय से शुरू होने पर सवाल उठना लाजिमी है। सीएमओ डॉ. नरेंद्र कुमार ने विभाग को पहले से डॉक्टरों की कमी होने का हवाला देकर डॉक्टर उपलब्ध कराने में असमर्थता जता दी है।
जिले में 168 पदों पर सिर्फ 65 डॉक्टर
बदायूं। जिले की स्वास्थ्य सेवाओं का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि यहां 168 डॉक्टरों के पद हैं लेकिन तैनाती सिर्फ 65 डॉक्टरों की है। इससे चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं पर बुरा असर पड़ रहा है। ऐसे में अगर सीएमओ की ओर से मेडिकल कॉलेज के लिए डॉक्टर मुहैया करा दिए जाते हैं जो स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से बेपटरी हो जाएंगी।
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मेडिकल कॉलेज की ओपीडी शुरू कराने के लिए मुझसे डॉक्टर मांगे गए थे। जिले में पहले से ही डॉक्टरों की किल्लत है। ऐसे में मैंने डॉक्टर उपलब्ध कराने में असमर्थता जता दी है। ओपीडी शुरू कराने के लिए संविदा पर डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी समय से चालू हो जाएगी।-डॉ. नरेंद्र कुमार, सीएमओ
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जिले में 543 करोड़ रुपये की लागत से मेडिकल कॉलेज का निर्माण हो रहा है। ओपीडी का काम लगभग पूरा हो गया है। शासन ने दावा किया है कि अगले साल 100 एमबीबीएस की सीटों के साथ मेडिकल कॉलेज शुरू हो जाएगा। इससे पहले सितंबर में मेडिकल कॉलेज में ओपीडी सेवाएं शुरू कर दी जाएंगी। दो दिन पहले चिकित्सा शिक्षा एवं प्रशिक्षण विभाग के निदेशक प्रोफेसर डॉ. वीएन त्रिपाठी ने मेडिकल कॉलेज का दौरा करने के बाद कहा था कि अगले महीने ओपीडी शुरू हो जाएगी। इस बीच सीएमओ से ओपीडी सेवाएं शुरू करने के लिए डॉक्टरों की मांग से साफ हो गया है कि सरकार के पास डॉक्टर नहीं है। ऐसे में ओपीडी सेवाएं समय से शुरू होने पर सवाल उठना लाजिमी है। सीएमओ डॉ. नरेंद्र कुमार ने विभाग को पहले से डॉक्टरों की कमी होने का हवाला देकर डॉक्टर उपलब्ध कराने में असमर्थता जता दी है।
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जिले में 168 पदों पर सिर्फ 65 डॉक्टर
बदायूं। जिले की स्वास्थ्य सेवाओं का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि यहां 168 डॉक्टरों के पद हैं लेकिन तैनाती सिर्फ 65 डॉक्टरों की है। इससे चिकित्सा और स्वास्थ्य सेवाओं पर बुरा असर पड़ रहा है। ऐसे में अगर सीएमओ की ओर से मेडिकल कॉलेज के लिए डॉक्टर मुहैया करा दिए जाते हैं जो स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह से बेपटरी हो जाएंगी।
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मेडिकल कॉलेज की ओपीडी शुरू कराने के लिए मुझसे डॉक्टर मांगे गए थे। जिले में पहले से ही डॉक्टरों की किल्लत है। ऐसे में मैंने डॉक्टर उपलब्ध कराने में असमर्थता जता दी है। ओपीडी शुरू कराने के लिए संविदा पर डॉक्टरों की भर्ती प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। मेडिकल कॉलेज की ओपीडी समय से चालू हो जाएगी।-डॉ. नरेंद्र कुमार, सीएमओ