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Budaun News: प्रशस्ति 2.0 एप से पहचानी जाएगी परिषदीय विद्यार्थियों की दिव्यांगता

Mon, 02 Mar 2026 12:13 AM IST
Bareily Bureau बरेली ब्यूरो
Updated Mon, 02 Mar 2026 12:13 AM IST
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Disability of council students will be identified through Prashasti 2.0 app
बदायूं। परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं की दिव्यांगता की समय रहते पहचान के लिए एनसीईआरटी की ओर से प्रशस्ति 2.0 एप विकसित किया गया है। इसकी मदद से अब स्कूल स्तर पर ही 21 प्रकार की दिव्यांगता की पहचान की जा सकेगी। इसका उद्देश्य दिव्यांग छात्रों के त्वरित प्रमाणन, समावेशन और बेहतर शैक्षिक सहयोग को बढ़ावा देना है।
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जिले में परिषदीय के अधीन 2155 विद्यालय संचालित हैं। इन विद्यालयों में करीब पौने तीन लाख बच्चे पंजीकृत हैं। अब इन सभी बच्चों की स्क्रीनिंग शिक्षकों की ओर से की जाएगी। इसके लिए प्रशस्ति 2.0 एप समग्र शिक्षा अभियान के तहत विकसित किया गया है। यह एप दिव्यांगता से जुड़ी प्रारंभिक जांच कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करता है। ताकि संबंधित छात्र को समय पर जरूरी सहायता, संसाधन और योजनाओं का लाभ मिल सके। इससे बच्चों की पढ़ाई में आने वाली बाधाओं को कम करने में मदद मिलेगी।
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स्कूल शिक्षा महानिदेशक के निर्देश पर जिले के सभी परिषदीय विद्यालयों, सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों और कक्षा अध्यापकों को यह एप अपने मोबाइल फोन में डाउनलोड करना अनिवार्य किया गया है। इसके अलावा कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों की वार्डन, कक्षा अध्यापक, स्पेशल एजुकेटर और फिजियोथेरेपिस्ट भी इस एप का उपयोग करेंगे।
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समेकित शिक्षा के जिला समन्वयक जितेंद्र सिंह के अनुसार, प्रशस्ति 2.0 एप के माध्यम से शिक्षक बच्चों के व्यवहार, सीखने की क्षमता, शारीरिक गतिविधियों और संज्ञानात्मक विकास से जुड़ी जानकारियां दर्ज करेंगे। इसके आधार पर यह एप संभावित दिव्यांगता की पहचान कर रिपोर्ट तैयार करेगा। जिसे आगे की कार्रवाई के लिए उच्च स्तर पर भेजा जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि पहले दिव्यांगता की पहचान और प्रमाणन की प्रक्रिया लंबी और जटिल होती थी। इससे कई बच्चे योजनाओं से वंचित रह जाते थे।
जिला समन्वयक के अनुसार, प्रशस्ति 2.0 एप से यह प्रक्रिया सरल, तेज और पारदर्शी हो जाएगी। इससे न केवल दिव्यांग छात्रों को समय पर सहयोग मिलेगा, बल्कि समावेशी शिक्षा को भी मजबूती मिलेगी। शिक्षकों को इस एप के उपयोग को लेकर प्रशिक्षण भी दिया जाएगा, ताकि वे सही तरीके से स्क्रीनिंग कर सकें।


शासन की ओर से प्रशस्ति 2.0 एप लांच किया गया है। इससे परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले सभी बच्चों की स्क्रीनिंग कराई जाएगी। उससे दिव्यांगता के बारे में सही जानकारी हो सकेगी। -जितेंद्र सिंह, जिला समन्वयक, समेकित शिक्षा
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