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Budaun News: ग्रामीण इलाके में पांच रुपये सस्ता बेच रहे थे डीजल-पेट्रोल, गिरफ्तार आरोपी जेल भेजे
Tue, 25 Jun 2024 05:34 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Tue, 25 Jun 2024 05:34 AM IST
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वजीरगंज। बगरैन कस्बे में मिलावटी डीजल और पेट्रोल बेचने वाले पकड़े गए दोनों आरोपियों को सोमवार दोपहर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इस मामले में अभी मुख्य आरोपी रहीश अहमद और उसका तीसरा बेटा अनीस नहीं पकड़ा गया है। उसकी तलाश में पुलिस टीम लगा दी गई है।
थाना क्षेत्र के गांव सिसैइया निवासी रहीश अहमद पिछले कई साल से डीजल का धंधा कर रहा था। उसके नजदीकी लोगों का कहना है कि उसने कई साल तक केरोसिन में केमिकल मिलाकर डीजल बनाकर बेचा था। जब केरोसिन मिलना बंद हो गया तो उसने टैंकर चालकों से साठगांठ कर ली और डीजल खरीदने लगा था।
वह डीजल में नैफटा सॉलवेंट नामक केमिकल मिलाता था और उससे डीजल का रंग हल्का पीला हो जाता था। डीजल कुछ पतला भी हो जाता था, जिससे वह आराम से ग्रामीणों को पांच रुपये सस्ता डीजल और पांच रुपये सस्ता पेट्रोल बेचता था। इसके बावजूद वह 15-20 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से कमाता था। उसने क्षेत्र में अपना नेटवर्क फैला रखा था। पिछले साल पकड़े जाने के बावजूद उसने अपना धंधा बंद नहीं किया था। वह लगातार डीजल का धंधा कर रहा था लेकिन अब उसके तीनों बेटे भी कार्रवाई की जद में आ गए हैं। मौके से पकड़े गए उसके बेटे वसीम और हसीन को सोमवार दोपहर बाद कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
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अभी रहीश अहमद और उसका तीसरा बेटा अनीस नहीं पकड़ा गया है। इंस्पेक्टर अरविंद कुमार ने बताया कि इन दोनों आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस टीम लगी हुई है।
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थाना क्षेत्र के गांव सिसैइया निवासी रहीश अहमद पिछले कई साल से डीजल का धंधा कर रहा था। उसके नजदीकी लोगों का कहना है कि उसने कई साल तक केरोसिन में केमिकल मिलाकर डीजल बनाकर बेचा था। जब केरोसिन मिलना बंद हो गया तो उसने टैंकर चालकों से साठगांठ कर ली और डीजल खरीदने लगा था।
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वह डीजल में नैफटा सॉलवेंट नामक केमिकल मिलाता था और उससे डीजल का रंग हल्का पीला हो जाता था। डीजल कुछ पतला भी हो जाता था, जिससे वह आराम से ग्रामीणों को पांच रुपये सस्ता डीजल और पांच रुपये सस्ता पेट्रोल बेचता था। इसके बावजूद वह 15-20 रुपये प्रति लीटर के हिसाब से कमाता था। उसने क्षेत्र में अपना नेटवर्क फैला रखा था। पिछले साल पकड़े जाने के बावजूद उसने अपना धंधा बंद नहीं किया था। वह लगातार डीजल का धंधा कर रहा था लेकिन अब उसके तीनों बेटे भी कार्रवाई की जद में आ गए हैं। मौके से पकड़े गए उसके बेटे वसीम और हसीन को सोमवार दोपहर बाद कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
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अभी रहीश अहमद और उसका तीसरा बेटा अनीस नहीं पकड़ा गया है। इंस्पेक्टर अरविंद कुमार ने बताया कि इन दोनों आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस टीम लगी हुई है।