{"_id":"618eb9cc59c5d1695c5b50bb","slug":"dharna-badaun-news-bly465931357","type":"story","status":"publish","title_hn":"ओबीसी की गिनती जल्दी न हुई तो होगा भारत बंद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ओबीसी की गिनती जल्दी न हुई तो होगा भारत बंद
विज्ञापन
बिल्सी में नायब तहसीलदार को ज्ञापन सौंपते राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग मोर्चा के पदाधिकारी
- फोटो : BADAUN
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बदायूं/बिल्सी। राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) मोर्चा के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को एडीएम को ज्ञापन सौंपा। मांग की गई कि ओबीसी की जल्द ही गिनती कराई जाए वरना भारत बंद कराया जाएगा।
ज्ञापन में जाति आधारित जनगणना कराने के अलावा किसान विरोधी बने तीन काले कृषि कानून वापस लेने, ईवीएम के साथ लगी पेपर ट्रेल मशीन से निकलने वाली पर्चियों का सौ फीसदी मिलान कराने या फिर बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की गई।
बिल्सी। तहसील मुख्यालय पर पदाधिकारियों ने धरना दिया और नायब तहसीलदार मोहम्मद अजहर अंसारी को ज्ञापन सौंपा। प्रदेश अध्यक्ष रामराज पटेल ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा अभी कुछ दिन पहले सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दिया है। इसमें यह बात साफ है कि केंद्र सरकार ने ओबीसी की जाति आधारित जनगणना अभी नहीं कराई है। ऐसे में पिछड़ा वर्ग के सही आंकड़े नहीं आ रहे है। जिससे ओबीसी के विकास की योजना व शासन-प्रशासन में उनको पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने की नीतियां समुचित तरीके से नहीं बन पा रहीं। ऐसे में पिछड़ा वर्ग आजादी के 74 वर्षों में अब भी अधिकार से वंचित है। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार तीन कृषि कानून रद्द नहीं किए गए तो किसान पूरी तरह पूंजीपतियों के अधीन हो जाएंगे। इसलिए तीनों कृषि कानून शीघ्र रद्द किए जाएं। इस मौके पर किशोर कुमार पाल, रितेश भारतीय, अभीचंद, सुरजीत, अर्जुन, धीरे, सोमवीर, विपिन पटेल, राजेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे। संवाद
विज्ञापन
विज्ञापन
ज्ञापन में जाति आधारित जनगणना कराने के अलावा किसान विरोधी बने तीन काले कृषि कानून वापस लेने, ईवीएम के साथ लगी पेपर ट्रेल मशीन से निकलने वाली पर्चियों का सौ फीसदी मिलान कराने या फिर बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग की गई।
विज्ञापन
बिल्सी। तहसील मुख्यालय पर पदाधिकारियों ने धरना दिया और नायब तहसीलदार मोहम्मद अजहर अंसारी को ज्ञापन सौंपा। प्रदेश अध्यक्ष रामराज पटेल ने कहा कि केंद्र सरकार द्वारा अभी कुछ दिन पहले सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दिया है। इसमें यह बात साफ है कि केंद्र सरकार ने ओबीसी की जाति आधारित जनगणना अभी नहीं कराई है। ऐसे में पिछड़ा वर्ग के सही आंकड़े नहीं आ रहे है। जिससे ओबीसी के विकास की योजना व शासन-प्रशासन में उनको पर्याप्त प्रतिनिधित्व देने की नीतियां समुचित तरीके से नहीं बन पा रहीं। ऐसे में पिछड़ा वर्ग आजादी के 74 वर्षों में अब भी अधिकार से वंचित है। उन्होंने कहा कि इसी प्रकार तीन कृषि कानून रद्द नहीं किए गए तो किसान पूरी तरह पूंजीपतियों के अधीन हो जाएंगे। इसलिए तीनों कृषि कानून शीघ्र रद्द किए जाएं। इस मौके पर किशोर कुमार पाल, रितेश भारतीय, अभीचंद, सुरजीत, अर्जुन, धीरे, सोमवीर, विपिन पटेल, राजेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे। संवाद
विज्ञापन