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हर-हर गंगे से गूंजता रहा घाट
ब्यूरो/बदायूं
Updated Tue, 15 Nov 2016 12:01 AM IST
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कछला गंगाघाट पर उमड़ा आस्था का सैलाब
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कार्तिक पूर्णिमा पर सोमवार को कछला गंगाघाट आस्था से सराबोर हो उठा। हजारों की संख्या में जुटे श्रद्धालुओं ने गंगा में डुबकी लगाने की बाद पूजा-अर्चना की। सूर्यदेव का अर्घ्य देकर हवन कराए। बच्चों के मुंडन संस्कार हुए। इस दौरान घाट हर-हर गंगे से गूंजता रहा।
कछला गंगाघाट पर गंगा स्नान के लिए तड़के से श्रद्धालुओं का उमड़ना शुरू हो गया। हालांकि पहले के मुकाबले भीड़ कम रही, लेकिन हजारों की संख्या में जुटे भक्तों ने स्नान कर गंगा मइया की स्तुति की। पड़ोसी जिले कासगंज के गंगाघाट पर भी खासी भीड़ देखने को मिली। निजी वाहनों समेत बसों आदि से पहुंचे लोगों ने बच्चों के मुंडन संस्कार कराए। कई परिवार के लोगों ने साधु और संतों को भोजन कराके दक्षिणा भेंट की। खासकर महिलाओं की सुविधा के लिए नगर पंचायत प्रशासन और राजस्व विभाग की ओर से घाट पर विशेष इंतजाम किए गए थे, लेकिन भीड़भाड़ की वजह से सुविधाएं अपर्याप्त साबित हुईं। महिलाओं को कपड़े बदलने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा। उधर, बच्चों ने मेला में खेलकूद के संसाधनों से मनोरंजन किया।
स्नान कर गंगा से बाहर निकली महिला की मौत
उझानी। मूसाझाग थाना क्षेत्र के गांव किसरूआ निवासी लटूरी की 50 वर्षीय पत्नी महेशवती अपने बेटे शैलेंद्र के साथ सुबह में गंगा स्नान को पहुंची। महेशवती ने बेटे के साथ स्नान किया। नहाते वक्त अचानक ही उसकी तबियत खराब हो गई। कपड़े बदलते समय उसे अटैक पड़ गया। शैलेंद्र समेत अन्य स्नानार्थी कुछ समझ पाते उससे पहले ही वह गश खाकर जमीन पर गिर पड़ी। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। राजस्व कर्मी ओमबाबू नागेंद्र ने तुरंत ही पुलिस को भी मौके पर बुला लिया। बाद में घरवाले मृत महिला का शव अपने साथ गांव किसरूआ लेकर चले गए।
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कछला गंगाघाट पर गंगा स्नान के लिए तड़के से श्रद्धालुओं का उमड़ना शुरू हो गया। हालांकि पहले के मुकाबले भीड़ कम रही, लेकिन हजारों की संख्या में जुटे भक्तों ने स्नान कर गंगा मइया की स्तुति की। पड़ोसी जिले कासगंज के गंगाघाट पर भी खासी भीड़ देखने को मिली। निजी वाहनों समेत बसों आदि से पहुंचे लोगों ने बच्चों के मुंडन संस्कार कराए। कई परिवार के लोगों ने साधु और संतों को भोजन कराके दक्षिणा भेंट की। खासकर महिलाओं की सुविधा के लिए नगर पंचायत प्रशासन और राजस्व विभाग की ओर से घाट पर विशेष इंतजाम किए गए थे, लेकिन भीड़भाड़ की वजह से सुविधाएं अपर्याप्त साबित हुईं। महिलाओं को कपड़े बदलने के लिए इधर-उधर भटकना पड़ा। उधर, बच्चों ने मेला में खेलकूद के संसाधनों से मनोरंजन किया।
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स्नान कर गंगा से बाहर निकली महिला की मौत
उझानी। मूसाझाग थाना क्षेत्र के गांव किसरूआ निवासी लटूरी की 50 वर्षीय पत्नी महेशवती अपने बेटे शैलेंद्र के साथ सुबह में गंगा स्नान को पहुंची। महेशवती ने बेटे के साथ स्नान किया। नहाते वक्त अचानक ही उसकी तबियत खराब हो गई। कपड़े बदलते समय उसे अटैक पड़ गया। शैलेंद्र समेत अन्य स्नानार्थी कुछ समझ पाते उससे पहले ही वह गश खाकर जमीन पर गिर पड़ी। उसकी मौके पर ही मौत हो गई। राजस्व कर्मी ओमबाबू नागेंद्र ने तुरंत ही पुलिस को भी मौके पर बुला लिया। बाद में घरवाले मृत महिला का शव अपने साथ गांव किसरूआ लेकर चले गए।
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