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Budaun News: नोटिस और मुकदमे के बाद भी सील नहीं हुआ अवैध अस्पताल
Sun, 22 Mar 2026 12:13 AM IST
बरेली ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
संवाद न्यूज एजेंसी, बदायूं
Updated Sun, 22 Mar 2026 12:13 AM IST
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बदायूं। सहसवान कस्बे में बिना डिग्री और पंजीकरण के संचालित एक निजी अस्पताल पर स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई के बावजूद अब तक ताला नहीं लग सका है। नोटिस जारी होने और मुकदमा दर्ज होने के बाद भी अस्पताल में इलाज और डिलीवरी होने के आरोप सामने आ रहे हैं।
कोतवाली सहसवान क्षेत्र के चौकी नंबर चार के पास स्थित नीलम हेल्थ केयर सेंटर (नीलम हॉस्पिटल) को स्वास्थ्य विभाग ने 15 मार्च को नोटिस जारी किया था। इसमें संचालकों से वैध डिग्री, पंजीकरण और अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया था।
निर्धारित समय में जवाब न देने और अभिलेख प्रस्तुत न करने पर 17 मार्च को सीएचसी सहसवान के चिकित्साधीक्षक डॉ. प्रशांत त्यागी की तहरीर पर दो लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई। दर्ज मुकदमे के अनुसार अस्पताल संचालक अशोक कुमार और संचालिका नीलम देवी बिना किसी अधिकृत चिकित्सा डिग्री और वैध पंजीकरण के चिकित्सा कार्य कर रहे थे।
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मुकदमा दर्ज होने के साथ ही अस्पताल को सील करने के लिए पुलिस को पत्र भी भेजा गया था, लेकिन इसके बावजूद अब तक अस्पताल को बंद नहीं कराया गया है। वहीं, एक ऑडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इसमें एक व्यक्ति संचालक से डिलीवरी के संबंध में बात करता सुनाई दे रहा है। जिस पर जवाब मिलता है कि प्रसूता को ले आओ, डिलीवरी हो जाएगी। इससे यह संकेत मिल रहा है कि कार्रवाई के बाद भी अस्पताल संचालन जारी है।
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कोतवाली सहसवान क्षेत्र के चौकी नंबर चार के पास स्थित नीलम हेल्थ केयर सेंटर (नीलम हॉस्पिटल) को स्वास्थ्य विभाग ने 15 मार्च को नोटिस जारी किया था। इसमें संचालकों से वैध डिग्री, पंजीकरण और अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा गया था।
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निर्धारित समय में जवाब न देने और अभिलेख प्रस्तुत न करने पर 17 मार्च को सीएचसी सहसवान के चिकित्साधीक्षक डॉ. प्रशांत त्यागी की तहरीर पर दो लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई। दर्ज मुकदमे के अनुसार अस्पताल संचालक अशोक कुमार और संचालिका नीलम देवी बिना किसी अधिकृत चिकित्सा डिग्री और वैध पंजीकरण के चिकित्सा कार्य कर रहे थे।
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मुकदमा दर्ज होने के साथ ही अस्पताल को सील करने के लिए पुलिस को पत्र भी भेजा गया था, लेकिन इसके बावजूद अब तक अस्पताल को बंद नहीं कराया गया है। वहीं, एक ऑडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। इसमें एक व्यक्ति संचालक से डिलीवरी के संबंध में बात करता सुनाई दे रहा है। जिस पर जवाब मिलता है कि प्रसूता को ले आओ, डिलीवरी हो जाएगी। इससे यह संकेत मिल रहा है कि कार्रवाई के बाद भी अस्पताल संचालन जारी है।